Siwan firecracker factory blast : सीवान में जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में शुक्रवार की शाम पटाखा बनाने के दौरान हुए विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गयी. धमाके में मकान की छत उड़ गयी और घर का बड़ा हिस्सा ढह गया. हादसे के बाद जामो बाजार थानाध्यक्ष धीरज कुमार और संबंधित चौकीदार को निलंबित कर दिया गया है.
महाराजगंज के एसडीपीओ के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गयी है. मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका के बीच घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य चलाया गया.
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अमीरुद्दीन अहमद और दो बच्चों की मौत
जिला प्रशासन के अनुसार, हादसे में चार लोगों की मौत हुई है. मृतकों में मकान मालिक अमीरुद्दीन अहमद (70), खुशबू (10) और असद (8) शामिल हैं. चौथे मृतक की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, विस्फोट के समय घर में सात से अधिक लोग मौजूद थे. इनमें परिवार के सदस्यों के साथ पटाखा बनाने के काम में लगे मजदूर भी शामिल थे. पड़ोसी फिरोज अहमद के परिवार का एक बच्चा भी लापता बताया जा रहा है. ऐसे में मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका जतायी जा रही है. प्रशासन ने फिलहाल चार मौतों की पुष्टि की है.
छत उड़ी, आसपास के मकानों पर भी पड़ा असर
शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे अमीरुद्दीन अहमद के घर में पटाखा बनाने का काम चल रहा था. ग्रामीणों के अनुसार, इसी दौरान बारूद में आग लगने से जोरदार विस्फोट हुआ. धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान की छत उड़ गयी और घर का बड़ा हिस्सा ढह गया.
विस्फोट की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और आसपास के मकानों पर भी इसका असर पड़ा. स्थानीय लोगों ने बताया कि शुरुआती धमाके के बाद रह-रहकर छोटे-बड़े विस्फोट होते रहे. करीब तीन घंटे तक धमाकों की आवाज सुनाई देने की बात सामने आयी है. घटना के बाद आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, लेकिन लगातार धमाकों और क्षतिग्रस्त मकान के कारण घटनास्थल के करीब जाने से कतरा रहे थे. घर के भीतर से चीख-पुकार सुनाई देने की बात भी सामने आयी.
20 से अधिक दमकल वाहन तैनात, फॉरेंसिक टीम ने जुटाये साक्ष्य
विस्फोट की सूचना मिलते ही डीआइजी नीलेश कुमार, जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. जिले के करीब आधा दर्जन थानों की पुलिस को घटनास्थल पर बुलाया गया. आग पर काबू पाने और सुरक्षा व्यवस्था के लिए 20 से अधिक अग्निशमन वाहनों को लगाया गया.
पुलिस ने गांव की घेराबंदी कर आसपास के कई घरों की तलाशी ली. फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाये. पुलिस और प्रशासन की टीमें विस्फोट के कारणों के साथ पटाखा निर्माण के लाइसेंस, बारूद के भंडारण और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही हैं.
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गांव में 20 वर्षों से पटाखा निर्माण, लाइसेंस की जांच
ग्रामीणों का कहना है कि आलमपुर गांव में पिछले करीब 20 वर्षों से कई घरों में पटाखे बनाने का काम होता रहा है. अमीरुद्दीन अहमद के घर में भी पटाखा निर्माण के दौरान ही विस्फोट हुआ. हादसे के बाद संबंधित मकान में पटाखा बनाने की अनुमति और बारूद के भंडारण से जुड़े नियमों को लेकर जांच की जा रही है.
हालांकि, संबंधित घर में पटाखा निर्माण का वैध लाइसेंस था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है.
थानाध्यक्ष धीरज कुमार और चौकीदार निलंबित
हादसे के बाद प्रशासन ने जामो बाजार थानाध्यक्ष धीरज कुमार और संबंधित चौकीदार को निलंबित कर दिया है. महाराजगंज के एसडीपीओ के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गयी है. टीम को घटना के सभी पहलुओं की जांच करने और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया है.
पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने चार लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि हादसे में हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है. उन्होंने बताया कि पटाखा निर्माण के लाइसेंस और विस्फोट के कारणों समेत सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पटाखा निर्माण की अनुमति थी या नहीं और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ.
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