इस खबर में क्या है?
Bhagalpur News :शहर के दक्षिणी हिस्से को जोड़ने वाली भागलपुर-गोराडीह सड़क पर लंबे समय से चर्चा में रहा बौंसी रेल पुल संख्या-2 अब कागजों से निकलकर निर्माण के सक्रिय चरण में पहुंच गया है. रेलवे स्तर से आवश्यक डिज़ाइन स्वीकृति मिलते ही इस परियोजना की दिशा पूरी तरह बदल गयी है. पहले जहां प्रक्रिया तकनीकी अनुमोदनों के इंतजार में अटकी थी, वहीं अब सभी जरूरी मंजूरियों के बाद काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस स्थान पर अभी मौजूद संकरे रास्ते के कारण रोजाना वाहनों की रफ्तार थम जाती है और लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है, लेकिन नए ओवरब्रिज के तैयार होने पर इस स्थिति में बड़ा बदलाव आने की संभावना है. यह निर्माण न सिर्फ आवाजाही को आसान बनाएगा, बल्कि पूरे मार्ग पर सुरक्षा और समय दोनों के लिहाज से राहत देगा.
काम ने पकड़ी रफ्तार, एजेंसियां एक्टिव
मंजूरी मिलने के बाद निर्माण से जुड़ी एजेंसियों ने साइट पर गतिविधियां बढ़ा दी हैं. इंजीनियरों का कहना है कि अब परियोजना बिना किसी तकनीकी बाधा के आगे बढ़ रही है और तय समयसीमा को ध्यान में रखते हुए काम को गति दी जा रही है. अलग-अलग विभाग मिलकर समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं.
नींव से लेकर ढांचे तक दिख रही प्रगति
निर्माण स्थल पर नींव तैयार करने की प्रक्रिया लगातार जारी है. इसके साथ ही बिजली से जुड़े ढांचों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का कार्य भी किया जा रहा है, ताकि मुख्य निर्माण में रुकावट न आये. अब परियोजना का ऊपरी ढांचा तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है, जिससे साफ है कि काम कई स्तरों पर एक साथ आगे बढ़ रहा है.
परियोजना की झलक
- प्रस्तावित लंबाई 713.8 मीटर और चौड़ाई 13 मीटर
- गोराडीह की दिशा में 180 मीटर अप्रोच मार्ग
- मिरजानहाट की ओर 175 मीटर अप्रोच रोड
- दोनों किनारों पर पैदल चलने के लिए अलग फुटपाथ
- भोलानाथ पुल (भीखनपुर गुमटी नंबर 3) से जुड़कर सीधा मार्ग तैयार
- कचहरी चौक से गोराडीह तक जाम में कमी की संभावना
बदल जाएगी आवाजाही की तस्वीर
इस ओवरब्रिज के बनने के बाद मौजूदा संकरी व्यवस्था पर निर्भरता खत्म होगी. अभी जहां वाहनों को रुक-रुक कर गुजरना पड़ता है, वहीं भविष्य में बिना बाधा आवाजाही संभव होगी. इससे न सिर्फ शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि दक्षिणी क्षेत्रों से संपर्क भी अधिक सुगम हो जाएगा.
125.86 करोड़ की परियोजना, 2027 तक पूरा करने की योजना
करीब 125.86 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस ओवरब्रिज को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है. इसके तैयार होने के बाद प्रतिदिन हजारों वाहनों को सुगम रास्ता मिलेगा. यह संरचना भोलानाथ आरओबी से जुड़ते हुए कचहरी चौक से बाइपास तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे यात्रा का समय घटेगा और लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी.
इसे भी पढ़ें-नए सत्र से पहले किताबें देने की तैयारी, बिहार में मुफ्त पाठ्य-पुस्तक योजना पर तेजी
इसे भी पढ़ें-बिहार के विश्वविद्यालयों में प्रतिकुलपति बहाली की तैयारी, लंबे समय से खाली पदों पर होगी नियुक्ति

