Bhagalpur News : डीआरडीए सभागार में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में जिले की विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में निदेशक (लेखा), निदेशक (ग्रामीण निकाय), जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं पंचायत राज पदाधिकारी मौजूद रहे.
पीएम आवास योजना–ग्रामीण: जियो-टैगिंग जल्द पूर्ण करने के निर्देश
प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण की समीक्षा में उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि दूसरी और तीसरी किस्त जारी करने के लिए लंबित जियो-टैगिंग तुरंत पूरी की जाए. उन्होंने निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सौ प्रतिशत आवास स्वीकृति सुनिश्चित की जाए ताकि लाभार्थियों को बिना देरी सहायता मिल सके.
राज्य परिवार लाभ, राष्ट्रीय परिवार लाभ और कबीर अन्त्येष्टि जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में आवेदन संग्रह बढ़ाने और लंबित मामलों के त्वरित निपटान पर विशेष निर्देश दिए गए. उप विकास आयुक्त ने कहा कि पात्र परिवारों तक इन योजनाओं का लाभ शीघ्र पहुँचाना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
कन्या विवाह मंडप योजना के लिए भूमि चयन का आदेश
मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत सभी पंचायतों में उपयुक्त भूमि का चयन कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए. साथ ही विभागीय प्रगति शीघ्र भेजने पर भी जोर दिया गया.
सोलर स्ट्रीट लाइट और वित्त आयोग की योजनाओं पर समीक्षा
लंबित सोलर स्ट्रीट लाइट भुगतानों का तत्काल निपटान करने के निर्देश दिए गए. इसके अलावा 15वीं और 6वीं वित्त आयोग की योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया गया और आवश्यक सुधार जल्द लागू करने को कहा गया.
अधिकारियों को समयबद्ध कार्यान्वयन का निर्देश
समापन के दौरान उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री आवास, सामाजिक सुरक्षा, जीविका, सोलर स्ट्रीट लाइट और वित्त आयोग की योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से आम लोगों को सीधा लाभ पहुँचाना जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य है.
पश्चिमी सिंहभूम के बैंकों में पड़े लाखों खातों का कोई वारिस नहीं.
Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिले में विभिन्न बैंकों की शाखाओं में करीब 2.58 लाख ऐसे खाते मौजूद हैं, जिनमें कुल 100.96 करोड़ रुपए जमा हैं और इनका कोई दावेदार सामने नहीं आया है. यह जानकारी जिले के अग्रणी बैंक के जिला प्रबंधक दिवाकर सिन्हा ने दी. उन्होंने बताया कि जिन खातों में 10 वर्षों तक किसी भी तरह का लेन-देन नहीं होता और ग्राहक कोई दावा भी नहीं करते, उन खातों की राशि को सुरक्षा के तौर पर भारतीय रिजर्व बैंक के DEAF (Depositor Education and Awareness Fund) में स्थानांतरित कर दिया जाता है.
म्यूचुअल फंड और अन्य निवेशों के अनक्लेम्ड पैसे ऐसे मिलते हैं
सिन्हा ने बताया कि शेयर, डिविडेंड, बांड, डिबेंचर जैसे निवेश सात वर्ष बाद अनक्लेम्ड माने जाते हैं और फिर SEBI के IEPF (Investor Education Protection Fund) में भेज दिए जाते हैं. इसी तरह लघु बचत योजनाओं, बीमा और भविष्य निधि की अनक्लेम्ड राशि 7 से 10 वर्ष बाद IRDAI के SCWF (Senior Citizen Welfare Fund) में चली जाती है. म्यूचुअल फंड और उनके डिविडेंड भी सुरक्षा की दृष्टि से SEBI के पास जमा हो जाते हैं. अगर कोई दावेदार दावा करना चाहे, तो इन संस्थाओं के माध्यम से रकम वापस प्राप्त करना आसान होता है.
अनक्लेम्ड एसेट्स निपटान के लिए देशभर में अभियान
उन्होंने बताया कि अनक्लेम्ड एसेट्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से ‘अनक्लेम्ड एसेट्स के कुशल एवं त्वरित निपटान अभियान’ चलाया है. इसी अभियान के पांचवें चरण में शुक्रवार को चाईबासा स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा परिसर (पोस्ट ऑफिस चौक) में शाम 11 बजे से जिलास्तरीय शिविर आयोजित किया जा रहा है.
जिले के सभी वित्तीय संस्थान लगाएंगे स्टॉल
इस शिविर में पश्चिमी सिंहभूम जिले के सभी बैंक, बीमा कंपनियाँ, म्यूचुअल फंड कंपनियाँ, सिक्योरिटी फर्म और पेंशन भुगतान संस्थान अपने-अपने स्टॉल लगाएंगे. यहां अनक्लेम्ड एसेट्स का त्वरित निपटान किया जाएगा. साथ ही बैंकों और वित्तीय संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी लोगों की सहायता के लिए मौजूद रहेंगे. क्लेम प्रक्रिया के लिए आवश्यक आवेदन-पत्र भी स्टॉल पर उपलब्ध रहेंगे.
परिजनों के खाते में जमा राशि कैसे प्राप्त करें?
ग्राहक अपने आधार, पैन, पासपोर्ट फोटो आदि के स्वयं-प्रमाणित दस्तावेज जमा कर अनक्लेम्ड राशि को ब्याज सहित वापस पा सकते हैं. यदि पासबुक या अन्य दस्तावेज उपलब्ध न हों, पर बैंक खाते की जानकारी हो, तो RBI के उद्गम पोर्टल (udgam.rbi.org.in) पर PAN, जन्मतिथि और नाम दर्ज कर जानकारी खोजी जा सकती है. उसके बाद संबंधित बैंक में क्लेम फॉर्म भरकर रकम ब्याज सहित वापस मिल जाती है.
मृत खाताधारकों के मामले में प्रक्रिया
बैंकों ने बताया कि कई अनक्लेम्ड खाते ऐसे हैं जिनके खाताधारकों का निधन हो चुका है. ऐसे मामलों में नॉमिनी या वैधानिक उत्तराधिकारी मृतक का KYC और अपना KYC जमा कर उस खाते की राशि का दावा कर सकते हैं. औपचारिकताएँ पूरी होने पर उन्हें पैसा प्रदान कर दिया जाएगा. शिविर में अनक्लेम्ड एसेट्स के निपटान के साथ-साथ जनधन खाता, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा और अटल पेंशन योजना में नामांकन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी.
Bihar Minister List 2025: नई सरकार के गठन के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा औपचारिक रूप से घोषित कर दिया गया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) को इस बार कई प्रभावशाली मंत्रालय मिले हैं, जिनमें गृह, स्वास्थ्य, पथ निर्माण, पर्यावरण और नगर विकास जैसे अहम विभाग शामिल हैं. सहयोगी दलों LJP(R), HAM और RLM को भी उनकी हिस्सेदारी के अनुरूप जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं.
बिहार के सभी नवनियुक्त माननीय मंत्रीगण को विभाग आवंटित होने की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं!
जनसेवा के संकल्प के साथ कार्यभार संभालने वाले सभी माननीय मंत्रीगण आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी और लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar जी के नेतृत्व में सुशासन और स्थिरता को… pic.twitter.com/R1dG0mDgEB
शपथ ग्रहण के बाद जारी सूची में बीजेपी के सम्राट चौधरी को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है. यह विभाग लंबे समय से मुख्यमंत्री के अधीन था, इसलिए इसे बीजेपी के लिए बड़ी राजनीतिक कामयाबी माना जा रहा है. विजय कुमार सिन्हा को भूमि एवं राजस्व विभाग के साथ खान एवं भू-तत्व विभाग सौंपा गया है. मंगल पांडे को पूर्व की तरह स्वास्थ्य विभाग की ही जिम्मेदारी मिली है, साथ ही इस बार उनके पास विधि विभाग भी रहेगा.
रामकृपाल यादव बने कृषि मंत्री
दिलीप जायसवाल को उद्योग विभाग की कमान दी गई है. नितिन नवीन को पथ निर्माण विभाग के साथ नगर विकास एवं आवास विभाग भी सौंपा गया है. कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी रामकृपाल यादव को मिली है. संजय टाईगर को श्रम संसाधन विभाग जबकि अरुणा शंकर प्रसाद को पर्यटन के साथ कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है.
Bihar Minister List 2025
आईटी और खेल मंत्रालय संभालेंगी श्रेयसी सिंह
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग सुरेन्द्र मेहता को दिया गया है. नारायण प्रसाद को आपदा प्रबंधन विभाग मिला है. पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की जिम्मेदारी रमा निपाल संभालेंगी. अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण विभाग लखेन्द्र पासवान को सौंपा गया है. वहीं श्रेयसी सिंह को सूचना प्रौद्योगिकी और खेल विभाग की दोहरी जिम्मेदारी मिली है. प्रमोद चंदवंशी को सहकारिता विभाग और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग दिया गया है.
NDA सहयोगियों को भी मिली हिस्सेदारी
LJP(R) के हिस्से गन्ना उद्योग और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रण विभाग आए हैं. HAM को लघु जल संसाधन विभाग मिला है. RLM को पंचायत राज विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. समूचे बंटवारे से यह स्पष्ट है कि बीजेपी को सरकार में महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका दी गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विभागों के वितरण में संतुलन बनाने की कोशिश की है ताकि सभी दलों की भागीदारी सुनिश्चित रहे.
Bhagalpur Sports : सैंडिस कंपाउंड, भागलपुर में चल रहे राज्यस्तरीय अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिता के पांचवें दिन मेजबान भागलपुर ने दरभंगा को 6 विकेट से हराया. इस जीत के साथ ग्रुप-बी में भागलपुर ने दो मैच जीतकर सेमीफाइनल में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है.
भागलपुर की धाकड़ गेंदबाजी, दरभंगा सिर्फ 81 पर ढेर
भागलपुर के कप्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी. आरव ने 4 ओवर में सिर्फ 9 रन दे कर 3 विकेट लिए, विराज ने 2 विकेट और आदित्य ने 1 विकेट झटका. दरभंगा के लिए मनी ने 20, कृष ने 14, अंकित ने 10 रन बनाए. पूरी टीम सिर्फ 81 रन पर पविलियन लौट गई.
भागलपुर की बल्लेबाजी में दिव्यांशु ने 18 बॉल पर 23 रन, हर्षित ने 17 गेंद पर नाबाद 19 रन और अभिषेक ने 33 बॉल पर 15 रन बनाए. टीम ने 82 रन के लक्ष्य को 4.2 ओवर शेष रहते ही 6 विकेट से हासिल कर लिया. इस मैच का ‘मैन ऑफ द मैच’ आरव कुमार को चुना गया.
पटना की धमाकेदार बैटिंग, मुंगेर पर 33 रन से जीत
दूसरे मैच में पटना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया. कुमार शान ने 46 बॉल पर 52 और धनंजय ने 43 बॉल पर 56 रन जोड़े, दिवाकर ने भी 19 रन बनाए. टीम ने कुल 156 रन बनाए. जवाब में मुंगेर की टीम 8 विकेट पर 124 रन ही बना सकी. आयुष कुमार ने 45 रन बनाए. गेंदबाजी में पटना के कुमार शान ने 3, दिवाकर ने 2, उज्जवल ने 1 विकेट लिया. पटना की ओर से शानदार प्रदर्शन करने पर ‘मैन ऑफ द मैच’ कुमार शान बने.
निर्णायक, स्कोरर और चयनकर्ता की निगरानी
मैच के निर्णायक सुनील कुमार, राजेश कुमार, नीरज कुमार, अभय कुमार थे. स्कोरिंग रोहित राज और अंकित अमृत राज ने की. चयनकर्ता टीम में धनंजय कुमार, शैलेंद्र दीक्षित, नवीन भूषण शर्मा समेत कई निर्णायक खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए हैं.
अगले मुकाबले और मौजूद पदाधिकारी
कल सुबह का पहला मैच भागलपुर बनाम मुंगेर, दूसरा दरभंगा बनाम पटना होगा. मौके पर सचिव जिला क्रिकेट संघ जयशंकर ठाकुर, संयुक्त सचिव सुबीर मुखर्जी समेत कई पदाधिकारी उपस्थित रहे. आयोजन की जानकारी जिला खेल पदाधिकारी भागलपुर जयनारायण कुमार ने दी.
Bhagalpur : भागलपुर जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में 24 नवंबर 2025 से 29 नवंबर 2025 तक ऋण वसूली शिविर का आयोजन किया जा रहा है. यह शिविर मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना, नेशनल माइनॉरिटीज डेवलपमेंट एंड फाइनेंस कॉरपोरेशन (NMDFC) टर्म लोन योजना तथा मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक शिक्षा ऋण योजना के अंतर्गत वितरित ऋण की वसूली में तेजी लाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है.
शिविर के माध्यम से ऋणधारकों को उनके ऋण की राशि समय पर चुकाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. अधिकारियों के अनुसार, समय पर भुगतान करने वाले लाभार्थियों को भविष्य में सरकार की अन्य रोजगार और शिक्षा संबंधी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी.
लाभार्थियों को मिलेगा आसान समाधान
जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय ने कहा है कि शिविर में आने वाले सभी ऋणियों को त्वरित सहायता और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा ताकि वे बिना किसी जटिल प्रक्रिया के अपनी किस्त जमा कर सकें.
Bihar Politics: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गुरुवार को हुए कैबिनेट विस्तार में कुल 26 मंत्रियों ने शपथ ली. इस सूची में कई नए चेहरों के साथ ऐसे नेताओं के नाम भी शामिल थे जो पहले मंत्रिपरिषद का हिस्सा रह चुके हैं. इन्हीं में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल भी थे, जिन्होंने मंत्री पद की शपथ लेकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. अब उनके मंत्री बनने के बाद यह सवाल उठ गया है कि बिहार भाजपा का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा.
भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से “एक नेता, एक पद” के सिद्धांत को आगे बढ़ाती रही है. इसी कारण माना जा रहा है कि दिलीप जायसवाल के विभाग संभालते ही पार्टी संगठन की कमान किसी नए चेहरے को सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इससे पहले भी जायसवाल नीतीश सरकार में मंत्री रह चुके थे, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद राजस्व मंत्री की कुर्सी उन्हें छोड़नी पड़ी थी. इसलिए राजनीतिक हलकों में यह लगभग तय माना जा रहा है कि भाजपा शीघ्र ही नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करेगी.
जायसवाल की वर्तमान स्थिति
फिलहाल दिलीप जायसवाल बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं. पिछले वर्ष सम्राट चौधरी के उपमुख्यमंत्री पद संभालने के बाद संगठन की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी. उस समय के मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें मंत्री पद से हटकर संगठन को प्राथमिकता देनी पड़ी, और उनके विभाग की जिम्मेदारी बाद में विधायक संजय सरावगी को दी गई.
जल्द मिल सकता है नया प्रदेश अध्यक्ष
पार्टी सूत्रों के अनुसार, आगामी कुछ हफ्तों में बिहार भाजपा संगठन में नया अध्यक्ष देखने को मिल सकता है. भाजपा ऐसे नेता की तलाश में है जो संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ सरकार और पार्टी की रणनीतियों के बीच संतुलन बनाए रख सके. यह भी माना जा रहा है कि नया अध्यक्ष आने वाले राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए चुना जाएगा, ताकि पार्टी अपने आगामी कार्यक्रमों और चुनावी रणनीतियों को मजबूती से आगे बढ़ा सके.
अमेरिका के इस शहर में अब 65 दिन तक रहेगी सिर्फ रात.
Polar night in Utqiagvik, Alaska: दुनिया के ज़्यादातर हिस्सों में दिन और रात का नियमित चक्र चलता रहता है—सुबह सूरज उगता है, शाम ढलते ही अंधेरा आता है. लेकिन पृथ्वी के उत्तरी छोर पर ऐसी जगहें भी हैं, जहाँ सूर्य का यह सामान्य क्रम कई हफ्तों तक रुक जाता है. अलास्का का छोटा-सा शहर उत्कियाग्विक (पहले बैरो) इस अनोखी प्राकृतिक घटना का हर साल अनुभव करता है. मंगलवार (18 नवंबर) को यहां सूर्यास्त हुआ और इसके साथ ही शहर लगभग 65 दिनों के लिए अंधकारमय ध्रुवीय रात में प्रवेश कर गया. अब यहां सुबह का उजाला 22 जनवरी 2026 को ही लौटेगा. लगभग 4,600 की आबादी वाला यह समुदाय इस अवधि के लिए पहले से खुद को तैयार कर चुका है.
उत्कियाग्विक की भौगोलिक स्थिति ही इसे बाकी दुनिया से अलग बनाती है. यह शहर आर्कटिक सर्कल से लगभग 483 किलोमीटर उत्तर में स्थित है, जहाँ पृथ्वी का झुकाव सूर्य के प्रकाश पर गहरा प्रभाव डालता है. सितंबर और मार्च के बीच उत्तरी गोलार्ध सूरज से हल्का दूर झुका रहता है. इसी वजह से सूर्य का मार्ग आसमान में नीचे की तरफ सरकने लगता है. सर्दियों का गहराता मौसम धीरे-धीरे इस स्थिति को चरम पर ले जाता है, और अंततः सूरज कई हफ्तों तक क्षितिज के ऊपर दिखता ही नहीं. इस अवधि में शहर को केवल दक्षिणी क्षितिज पर हल्की-सी नीली आभा मिलती है, जो दिन का धुंधला संकेत भर देती है.
Sunset on Tuesday will mark the final appearance of the sun over Utqiagvik, Alaska, in 2025 as the town enters "polar night," a stretch of roughly 65 days of darkness. pic.twitter.com/feZhpIScWh
ध्रुवीय रात के दौरान जीवन सामान्य नहीं रहता. तापमान कई बार शून्य फ़ारेनहाइट से नीचे पहुँच जाता है. कई परिवार अपने घरों को अतिरिक्त हीटिंग से गर्म रखते हैं. स्कूलों और ऑफिसों के समय में भी कुछ बदलाव किए जाते हैं ताकि लोग सीमित रोशनी वाले समय में आवश्यक काम निपटा सकें. इसके बावजूद, स्थानीय समुदाय इस अंधकार को जीवनशैली का हिस्सा मानता है. लंबे समय तक सूरज न दिखने से कुछ लोगों को मानसिक और शारीरिक चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता है, लेकिन शहर में सामुदायिक गतिविधियों, आइस–स्पोर्ट्स और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए माहौल को उत्साहपूर्ण बनाए रखने की कोशिश की जाती है.
इसके विपरीत, इस मौसम की सबसे मनमोहक चीज़ है—ऑरोरा बोरेलिस यानी उत्तरी रोशनी. आसमान में चमकती हरी–बैंगनी लहरें रात को किसी जादुई दृश्य में बदल देती हैं. पर्यटक इसी नजारे के लिए दुनिया भर से आर्कटिक की ओर रुख करते हैं, हालांकि चरम सर्दियों में यहां पहुंचना आसान नहीं होता.
ध्रुवीय रात के उलट—चमकदार गर्मियां
उत्कियाग्विक का मौसम दो चरम अवस्थाओं से गुजरता है. जैसे ही वसंत आता है, रोशनी बढ़ने लगती है और मई से लेकर अगस्त की शुरुआत तक यहां बिल्कुल उलटा दृश्य दिखता है—लगातार धूप, जिसे “मिडनाइट सन” कहा जाता है. इस दौरान रात का अंधेरा लगभग गायब हो जाता है. स्थानीय लोग इस मौसम को ऊर्जा और गतिविधियों के समय के रूप में देखते हैं, क्योंकि धूप भरपूर होती है और तापमान भी अपेक्षाकृत अनुकूल रहता है. यानी एक तरफ लगभग 65 दिनों की रात, तो दूसरी तरफ लगभग 80 दिनों का अंतहीन दिन— यही ध्रुवीय इलाकों की अनूठी प्रकृति है.
भारत में कभी क्यों नहीं होता ऐसा?
भारत चाहे कितना भी उत्तरी हो, लेकिन इसकी भौगोलिक सीमा ध्रुवीय क्षेत्रों से बहुत दूर है. द्रास, लेह, गुलमर्ग या हिमाचल–उत्तराखंड के ऊँचे पहाड़ी इलाकों में भले ही दिन छोटे हो जाएँ, लेकिन सूर्य रोज क्षितिज के ऊपर उठता है. भारत लगभग उप-उष्णकटिबंधीय अक्षांश पर स्थित है, जहाँ सूर्य का मार्ग हमेशा पर्याप्त ऊँचाई पर रहता है. इसी कारण यहाँ ध्रुवीय रात या ध्रुवीय दिन जैसे चरम मौसम कभी नहीं बनते.
अलास्का जैसे इलाकों में यह क्यों संभव है?
वजह केवल पृथ्वी का 23.5° का झुकाव है. यह झुकाव ही सूर्य की रोशनी के वितरण में बड़ा अंतर पैदा करता है. आर्कटिक सर्कल के अंदर स्थित शहरों में सर्दियों के दौरान सूर्य इतना नीचे चला जाता है कि वह हफ्तों तक क्षितिज को छू भी नहीं पाता. दक्षिणी गोलार्ध में भी बिल्कुल यही घटना होती है—लेकिन वहाँ अंटार्कटिका में यह असर और भी ज्यादा दिखाई देता है. दक्षिणी ध्रुव पर तो लगभग छह महीनों तक रात रहती है, और जब वहाँ रोशनी लौटती है, तब उत्तरी ध्रुव रात में डूब जाता है.
पृथ्वी के ध्रुवों पर दिन–रात का अनोखा संतुलन
ध्रुवीय क्षेत्रों में दिन–रात की यह घटना पृथ्वी की गति और झुकाव के कारण ही होती है. जब उत्तरी ध्रुव अंधकार में डूबा होता है, तभी दक्षिणी ध्रुव पर सूरज लगातार चमकता रहता है. और जैसे ही उत्तरी क्षेत्र “मिडनाइट सन” में प्रवेश करता है, दक्षिणी ध्रुव अपनी लंबी ध्रुवीय रात में चला जाता है. यही चक्र हर साल दोहराता है और ध्रुवों को दुनिया के बाकी हिस्सों से अलग बनाता है.
Brazil Belem COP30 massive fire breakes out: ब्राजील के बेलेम शहर में आयोजित हो रहे COP30 जलवायु शिखर सम्मेलन में गुरुवार को अचानक लगी आग ने पूरे आयोजन को थर्रा दिया. 10 नवंबर से चल रहा यह वैश्विक सम्मेलन 21 नवंबर को खत्म होना था, मगर समापन से चंद घंटे पहले लगी आग ने कार्यक्रम की रफ्तार रोक दी. आग इतनी तेज़ी से फैली कि हज़ारों प्रतिनिधियों को बिना देर किए स्थल से बाहर भागना पड़ा.
बताया गया कि घटना उस समय हुई जब वैश्विक वार्ताकार जलवायु संकट से निपटने की अंतरराष्ट्रीय रणनीति पर सहमति प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रहे थे. हालांकि आपातकालीन व्यवस्था तुरंत सक्रिय हुई और राहत कर्मियों ने हालात पर नियंत्रण पाने की पूरी कोशिश की. शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है. कई एंबुलेंस और दमकल टीमें तुरंत मौके पर तैनात कर दी गईं.
दोपहर करीब दो बजे स्थानीय समयानुसार सम्मेलन स्थल के ‘ब्लू ज़ोन’ में आग देखी गई—यह वही हिस्सा है जहाँ अंतरराष्ट्रीय बैठकों, पवेलियन गतिविधियों, मीडिया संचालन और उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों का पूरा कामकाज चलता है. घटना के बाद 13 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिन्हें धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. अधिकारियों ने कहा कि आग कुछ ही मिनटों में काबू कर ली गई और इसके पीछे की वजह की जांच शुरू कर दी गई है.
स्थानीय अग्निशमन विभाग के मुताबिक प्रारंभिक आशंका है कि आग किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण—संभवत: माइक्रोवेव—से भड़की.
❗️⚠️🇧🇷 – BREAKING: Fire Breaks Out in Pavilion at COP30 Climate Conference in Belém, Brazil
A fire was reported on Thursday, November 20, in one of the pavilions hosting the COP30 UN Climate Change Conference in Belém, Pará, Brazil. Security personnel ordered the immediate… pic.twitter.com/qZB7zvtzwz
जब लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, उसी दौरान तेज़ बारिश होने लगी, जिससे खुले आसमान के नीचे जमा भीड़ को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि बारिश ने आग को और फैलने से रोकने में मदद भी की. यह घटना ऐसे वक्त हुई जब संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सम्मेलन के परिणामों को लेकर देशों से निर्णायक कदम उठाने की अपील की थी. आग से जुड़े एक वीडियो को सोशल मीडिया पर कई हैंडल्स ने शेयर किया है, जिसमें अचानक उठते काले धुएं और अफरातफरी को देखा जा सकता है.
UN टीम ने तुरंत राहत अभियान चलाया
UNFCCC की ओर से जारी बयान में कहा गया, “बेलेम में COP30 स्थल के ब्लू ज़ोन में आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा दल ने तत्काल कार्रवाई की और करीब छह मिनट के भीतर आग पर काबू पा लिया. सभी प्रतिनिधियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया.” बयान में यह भी बताया गया कि धुएं से सांस संबंधी समस्या झेल रहे सभी 13 लोगों की मौके पर ही देखभाल की गई और उनकी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है. UNFCCC ने राहत कार्य में लगे कर्मचारियों के तेज़ और समन्वित प्रयासों की सराहना की है.
गुटेरेस और भारत के मंत्री भूपेंद्र यादव भी सुरक्षित
आग लगने के तुरंत बाद पूरा परिसर खाली करा दिया गया. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को भी UN सुरक्षा विभाग ने सुरक्षित बाहर पहुंचाया. भारत की ओर से मौजूद पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव उस समय ब्लू ज़ोन में ही थे, मगर वे भी पूरी तरह सुरक्षित निकाले गए. भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रवक्ता ने बताया कि दल को समय रहते बाहर निकाल लिया गया. घटना के बाद हुई गिनती में सभी कर्मचारी सुरक्षित पाए गए.
ब्लू जोन अब ब्राजील सरकार के नियंत्रण में
आग लगने के बाद ब्लू ज़ोन से काले धुएं का घना बादल उठने लगा, जिसकी वजह से प्रतिनिधियों को दोबारा प्रवेश की अनुमति देने में कई घंटे लग सकते थे. आयोजकों ने बताया कि शाम 8 बजे से पहले किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यह हिस्सा संयुक्त राष्ट्र के विशेष नियंत्रण क्षेत्र में नहीं रहेगा और आयोजन समाप्त होने तक मेज़बान देश ब्राज़ील के अधिकार क्षेत्र में संचालित होगा.
अंतिम चरण की वार्ता पर पड़ा असर
गुरुवार को COP30 की अध्यक्षता ‘मुतिराँ निर्णय’ के नए प्रारूप पर काम कर रही थी, जिसे सम्मेलन के संभावित परिणामों की मुख्य रूपरेखा माना जा रहा था. इसमें जीवाश्म ईंधनों से क्रमिक रूप से बाहर निकलने की दिशा में एक संभावित वैश्विक रोडमैप भी शामिल हो सकता था. शुक्रवार को सम्मेलन का समापन तय था, मगर आग की वजह से अंतिम चरण की वार्ताएं बाधित हो गईं. कार्यक्रमों और बैठकों को दोबारा कब शुरू किया जाएगा, इस पर आयोजकों और सदस्य देशों के बीच चर्चा जारी है.
Bhagalpur : राजौन थाना क्षेत्र के कठचातर गाँव में दो शादी करना युवक को भारी पड़ गया. मंगलवार को जहर खाने से बादल कुमार (29) की मौत हो गई. पुलिस को दिए बयान में मृतक के पिता ने कहा कि बादल की दो पत्नियाँ थीं और दोनों को वह कठचातर में अलग-अलग कमरों में रखकर रहता था.
शादी समारोह से लौटने के बाद बिगड़ी तबीयत
18 नवंबर की रात करीब 9 बजे बादल अपनी दूसरी पत्नी काजल देवी के साथ गाँव में एक शादी समारोह में शामिल हुआ. समारोह के बाद काजल उसे अपने मायके ले गई. पिता का आरोप है कि वहीं काजल ने खाने में जहर मिलाकर बादल को खिला दिया.
घर लौटते ही गिर पड़ा, मुंह से निकला झाग
19 नवंबर की सुबह करीब 2 बजे बादल किसी तरह घर पहुँचा, लेकिन दरवाजे पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा. परिजनों ने देखा कि उसके मुँह से झाग निकल रहा था. परिजन तत्काल उसे राजौन सरकारी अस्पताल लेकर पहुँचे.
मायागंज रेफ़र, डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उसे मायागंज अस्पताल रेफ़र कर दिया. इलाज के दौरान शाम करीब 4:30 बजे डॉक्टरों ने बादल को मृत घोषित कर दिया.
घटना के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है और आरोपित पत्नी काजल देवी से पूछताछ की तैयारी कर रही है.
मंत्री पद की शपथ लेने के बाद पीएम मोदी से दीपक कुशवाहा ने मुलाकात की.
Bihar Minister Deepak Prakash Kushwaha: बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को गांधी मैदान, पटना में आयोजित किया गया. इस मौके पर नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. साथ ही उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की, जो इस समय किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं.
बिना सदस्य मंत्री बनने का प्रावधान
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत, यदि किसी व्यक्ति को मंत्री बनाया जाता है और वह उस समय विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य नहीं है, तो उसे छह महीने तक मंत्री बने रहने की अनुमति है. इस अवधि के भीतर उसे किसी एक सदन का सदस्य बनना अनिवार्य है, अन्यथा उसे पद छोड़ना होगा.
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, दीपक प्रकाश के मंत्री बनने में उनके पिता उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के विधायक अहम भूमिका निभाई. पार्टी ने कुल 6 सीटों पर चुनाव लड़ा और 4 सीटें जीतीं. इनमें सासाराम की विधायक स्नेहलता, जो कि उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी हैं, भी शामिल हैं.
विशेषज्ञ और अनुभवी नेताओं को शामिल करने की रणनीति
ऐसा कदम इसलिए उठाया जाता है ताकि मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल में योग्य विशेषज्ञ और अनुभवी अधिकारियों को शामिल कर सकें. बाद में ये लोग उपचुनाव या विधान परिषद के जरिए सदन का सदस्य बन सकते हैं.