ED Raid : पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के अलग-अलग इलाकों में एक साथ 10 ठिकानों पर छापेमारी की. इस कार्रवाई से पश्चिम बर्द्धमान और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में दिनभर हलचल का माहौल बना रहा. ईडी की इस रेड को हाल के समय की बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है.
सुबह-सुबह शुरू हुआ ऑपरेशन
सूत्रों के मुताबिक ईडी की टीम ने मंगलवार तड़के करीब 6:30 बजे छापेमारी अभियान शुरू किया. सबसे अहम कार्रवाई पश्चिम बर्द्धमान जिले के जामुड़िया स्थित वार्ड नंबर 4 के हाटतला इलाके में हार्डवेयर कारोबारी राजेश बंसल के घर पर हुई. टीम तीन गाड़ियों में पहुंची और आते ही इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी ताकि तलाशी में कोई बाधा न आए.
स्थानीय लोगों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय एजेंसियों की मौजूदगी से इलाके में कौतूहल और चिंता दोनों का माहौल था. कई लोग अपने घरों से बाहर निकलकर स्थिति को समझने की कोशिश करते नजर आए.
बोरियों में भरी मिली नकदी
तलाशी के दौरान ईडी अधिकारियों को घर के अंदर रखी कुछ बोरियां संदिग्ध लगीं. जब उन्हें खोला गया तो उनमें बड़ी मात्रा में नोटों के बंडल भरे मिले. नोट इस तरह ठूंसे गए थे जैसे रद्दी कागज भरे जाते हैं. यह देख अधिकारी भी चौंक गए.
सूत्रों का कहना है कि नकदी की मात्रा इतनी ज्यादा थी कि मौके पर मौजूद अधिकारी तुरंत गिनती नहीं कर सके. इसके बाद पास के एक सरकारी बैंक से नोट गिनने की तीन मशीनें मंगवाई गईं. कई घंटों तक नोटों की गिनती चलती रही. शुरुआती अनुमान में रकम एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक आंकड़े जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे.
परिवार और कारोबार पर फोकस
बताया जा रहा है कि राजेश बंसल का रानीगंज के पंजाबी मोड़ इलाके में इंडस्ट्रियल हार्डवेयर का बड़ा कारोबार है. उनके भाई रमेश बंसल और परिवार के अन्य सदस्य जामुड़िया में रहते हैं. ईडी अब यह जांच कर रही है कि कारोबार के जरिए कहीं अवैध धन का लेनदेन तो नहीं किया गया.
जांच एजेंसी को शक है कि कोयला कारोबार से जुड़े अवैध पैसों को वैध व्यापार के जरिए घुमाया जाता था ताकि उन पर शक न हो. इस एंगल से भी दस्तावेजों और बैंक लेनदेन की जांच की जा रही है.
हवाला कनेक्शन की भी जांच
सूत्रों के मुताबिक ईडी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या हवाला नेटवर्क के जरिए पैसे को एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाता था. अधिकारियों को कुछ दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी.
कई शहरों तक फैले तार
जांच के दौरान कोलकाता, दुर्गापुर और पांडबेश्वर से जुड़े लिंक भी सामने आने की बात कही जा रही है. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह नेटवर्क सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि कई इलाकों में फैला हो सकता है.
अन्य कारोबारियों पर भी कार्रवाई
इसी क्रम में ईडी ने रानीगंज के बकतार नगर इलाके में बालू कारोबारी किरण खान के घर पर भी छापा मारा. वहां से कुछ अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डाटा मिलने की खबर है. अधिकारियों का कहना है कि सभी जब्त सामग्री की जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी.
मीडिया कवरेज के दौरान तनाव
छापेमारी के दौरान उस समय हल्का तनाव पैदा हो गया जब एक परिजन पर पत्रकारों को कवरेज करने से रोकने और उनके साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा. हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने स्थिति को संभाल लिया और कामकाज जारी रहा.
व्यापारिक जगत में चर्चा तेज
इस पूरी कार्रवाई के बाद जामुड़िया, रानीगंज और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में चर्चा का बाजार गर्म है. कई कारोबारी इस बात को लेकर सतर्क हो गए हैं कि जांच का दायरा आगे और बढ़ सकता है.
आगे क्या?
ईडी फिलहाल जब्त नकदी, दस्तावेजों और डिजिटल डाटा की जांच में जुटी है. अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
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