मालदा में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, 200 पौधे लगाए गए

Malda Tree Plantation Campaign: मालदा में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने राष्ट्रव्यापी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत ईको पार्क, मालदा में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया. कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ.

वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व अपर मंडल रेल प्रबंधक अमरेंद्र कुमार मौर्य ने किया. इस अवसर पर मंडलीय रेलवे चिकित्सालय, मालदा की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुपा घोष भी मौजूद रहीं. कार्यक्रम में रेलवे के चिकित्सा अधिकारियों, पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन (ERWWO) की सदस्यों, रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.

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ईको पार्क में लगाए गए करीब 200 पौधे

अभियान के दौरान ईको पार्क परिसर में विभिन्न प्रजातियों के लगभग 200 पौधे लगाए गए. इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और सतत पर्यावरण मिल सके.

पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल भी जरूरी : अमरेंद्र कुमार मौर्य

अपर मंडल रेल प्रबंधक अमरेंद्र कुमार मौर्य ने प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण को मातृ सम्मान और कृतज्ञता की भावना से जोड़ने वाली एक प्रेरणादायी पहल है. उन्होंने सभी से केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहने, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण करने का भी आग्रह किया. उन्होंने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और हरित वातावरण की अमूल्य धरोहर बनेगा.

मालदा मंडल का यह वृक्षारोपण अभियान पर्यावरणीय सततता के प्रति भारतीय रेल की प्रतिबद्धता को मजबूत करने के साथ-साथ जनभागीदारी के माध्यम से हरित और स्वच्छ भविष्य के निर्माण के संकल्प को भी सशक्त करता है.

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₹15 हजार से ₹1.5 लाख तक, किस बजट में कौन-सा Motorola फोन रहेगा बेस्ट? जानिए पूरी लिस्ट

Best Motorola Phones 2026: अगर आप 2026 में नया Motorola स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके पास बजट, मिड-रेंज, फ्लैगशिप और फोल्डेबल कैटेगरी में कई विकल्प मौजूद हैं. कंपनी अब सिर्फ किफायती फोन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रीमियम सेगमेंट में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा चुकी है. क्लीन एंड्रॉयड अनुभव, Hello UI, दमदार बैटरी, प्रीमियम डिजाइन और बेहतर परफॉर्मेंस की वजह से Motorola के स्मार्टफोन तेजी से पसंद किए जा रहे हैं. आइए जानते हैं कि आपके बजट और जरूरत के हिसाब से कौन-सा Motorola फोन सबसे बेहतर रहेगा.

₹15,999 के बजट में Motorola G37 Power

अगर आपकी पहली प्राथमिकता लंबी बैटरी लाइफ है, तो Motorola G37 Power अच्छा विकल्प माना जा सकता है. इसमें MediaTek Dimensity 6400 प्रोसेसर और 7000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो सामान्य इस्तेमाल में करीब दो दिन तक चलने का दावा करती है.

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फोन में Android 16 आधारित क्लीन इंटरफेस मिलता है. इसके अलावा 3.5mm हेडफोन जैक और माइक्रोएसडी कार्ड सपोर्ट भी दिया गया है. हालांकि इसमें 720p LCD डिस्प्ले मिलता है, जो इस रेंज के कुछ अन्य फोन की तुलना में साधारण माना जा सकता है.

₹30 हजार के आसपास Motorola Edge 70

अगर आप हल्का, स्टाइलिश और गेमिंग के लिए बेहतर स्मार्टफोन चाहते हैं, तो Motorola Edge 70 पर विचार कर सकते हैं. इसका वजन सिर्फ 159 ग्राम और मोटाई 5.9mm है.

फोन में Snapdragon 7 Gen 4 चिपसेट दिया गया है, जो BGMI में 120FPS तक सपोर्ट करता है. इसके साथ 5000mAh बैटरी और 68W फास्ट चार्जिंग मिलती है. हालांकि इसमें टेलीफोटो कैमरा नहीं है और वीडियो स्टेबिलाइजेशन औसत बताया गया है.

₹40 हजार में Motorola Edge 70 Pro

करीब ₹40,000 के बजट में Motorola Edge 70 Pro एक संतुलित विकल्प माना जा रहा है. इसमें 6.8 इंच AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसकी कलर क्वालिटी बेहतर बताई जाती है.

फोन में Dimensity 8500 Extreme प्रोसेसर, 6500mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी और 90W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है. यह गेमिंग और मल्टीटास्किंग दोनों के लिए उपयुक्त है. हालांकि इसमें वायरलेस चार्जिंग और टेलीफोटो कैमरा नहीं दिया गया है.

फ्लैगशिप अनुभव के लिए Motorola Signature

अगर आपका बजट करीब ₹60,000 है और फ्लैगशिप परफॉर्मेंस चाहते हैं, तो Motorola Signature पर नजर डाल सकते हैं. इसमें Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर, LPDDR5X RAM और UFS 4.1 स्टोरेज दी गई है.

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फोन में 5200mAh बैटरी, 90W फास्ट चार्जिंग और 7 साल तक Android अपडेट का वादा किया गया है. हाई-एंड गेमिंग और हैवी मल्टीटास्किंग करने वाले यूजर्स के लिए यह मजबूत विकल्प हो सकता है.

फोल्डेबल कैटेगरी में Motorola Razr Fold

अगर आप फोल्डेबल स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, तो Motorola Razr Fold कंपनी का सबसे प्रीमियम विकल्प है. इसमें Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर, 6000mAh बैटरी, 80W वायर्ड और 50W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है.

फोल्डेबल डिजाइन के बावजूद इसकी बैटरी लाइफ को मजबूत बताया गया है. बड़ी स्क्रीन पर मल्टीटास्किंग और गेमिंग करने वाले यूजर्स के लिए यह बेहतर विकल्प हो सकता है. कंपनी का दावा है कि यह सैमसंग और गूगल के फोल्डेबल स्मार्टफोन को कड़ी टक्कर देता है.

किसके लिए कौन-सा Motorola फोन?

  • बैटरी और बजट: Motorola G37 Power
  • स्टाइल और गेमिंग: Motorola Edge 70
  • ऑलराउंड प्रीमियम अनुभव: Motorola Edge 70 Pro
  • फ्लैगशिप परफॉर्मेंस: Motorola Signature
  • फोल्डेबल स्मार्टफोन: Motorola Razr Fold

मुख्य बिंदु

  • ₹15 हजार से ₹1.5 लाख तक के बजट में Motorola के कई विकल्प.
  • G37 Power में 7000mAh बैटरी और Android 16.
  • Edge 70 गेमिंग और स्लिम डिजाइन के लिए बेहतर विकल्प.
  • Edge 70 Pro में AMOLED डिस्प्ले और 6500mAh बैटरी.
  • Signature में Snapdragon 8 Gen 5 और 7 साल के Android अपडेट.
  • Razr Fold फोल्डेबल सेगमेंट में कंपनी का सबसे प्रीमियम स्मार्टफोन.

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Aaj Ka Rashifal 18 July : शनिवार का दिन किस राशि के लिए रहेगा शुभ, किसे मिलेगी आर्थिक तरक्की; पढ़ें राशिफल

Aaj Ka Rashifal 18 July 2026: शनिवार, 18 जुलाई का दिन कई राशियों के लिए नई शुरुआत, करियर में प्रगति और आर्थिक मजबूती के संकेत लेकर आया है. कुछ राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि कई लोगों को परिवार और रिश्तों में सुखद अनुभव होगा.

आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल.

मेष (Aries)

आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा. कार्यस्थल पर आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी. कारोबार में पुराने संपर्क लाभ दिला सकते हैं.
शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: लाल

वृषभ (Taurus)

कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आपके काम की सराहना भी होगी. परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा और घर का माहौल सकारात्मक रहेगा.
शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: सफेद

मिथुन (Gemini)

आपकी वाणी और संवाद कौशल सफलता दिला सकते हैं. विद्यार्थी और मीडिया, मार्केटिंग तथा लेखन से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल रहेगा.
शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: हरा

कर्क (Cancer)

आज काम और परिवार के बीच संतुलन बनाकर चलना जरूरी होगा. निवेश या खर्च से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें.
शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: सिल्वर

Aaj Ka Rashifal 18 July : सिंह (Leo)

आत्मविश्वास के दम पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. व्यापार में विस्तार और सामाजिक सम्मान मिलने के संकेत हैं.
शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: सुनहरा

कन्या (Virgo)

योजनाबद्ध तरीके से किया गया काम सफलता दिलाएगा. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और विद्यार्थियों को अच्छे परिणाम मिल सकते हैं.
शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: हरा

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तुला (Libra)

साझेदारी और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है. कला, फैशन और डिजाइन से जुड़े लोगों के लिए दिन शुभ रहेगा.
शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: गुलाबी

वृश्चिक (Scorpio)

धैर्य और सूझबूझ से मुश्किल काम भी पूरे होंगे. पुराने विवाद खत्म होने से मानसिक शांति मिलेगी.
शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: मैरून

धनु (Sagittarius)

शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और सामाजिक कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. यात्रा के भी योग बन रहे हैं.
शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: पीला

मकर (Capricorn)

आर्थिक मामलों में दूरदर्शिता लाभ दिलाएगी. नौकरीपेशा लोगों की मेहनत की सराहना हो सकती है.
शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: नीला

कुंभ (Aquarius)

नई तकनीक और रचनात्मक सोच आपके लिए लाभदायक रहेगी. कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं.
शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: आसमानी

मीन (Pisces)

मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है. व्यापार में नए प्रयोग लाभ देंगे और परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा.
शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: पीला

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Disclaimer : यह राशिफल स्थिति पर आधारित है. विशेष मार्गदर्शन के लिए किसी ज्योतिषी से परामर्श करें.

रिसर्च लैब्स का ‘सिरदर्द’ दूर करेगा जमशेदपुर के प्रशांत का AI टूल, मिला वैश्विक सम्मान

Jamshedpur News: वैज्ञानिकों की रिसर्च में सबसे बड़ी चुनौती हमेशा प्रयोग नहीं, बल्कि उसे व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाना होती है. रिसर्च के दौरान लिए गए फैसले, असफल प्रयोगों का रिकॉर्ड और अलग-अलग टीमों के बीच समन्वय जैसी समस्याओं का समाधान अब एक एआई टूल करेगा. इस टूल को तैयार किया है जमशेदपुर के प्रशांत रंगनाथन ने. उनके द्वारा विकसित ‘ब्रूनो’ (Bruno) को दुनिया के प्रतिष्ठित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मशीन लर्निंग (ICML) 2026 के तहत आयोजित ‘AI for Science’ कॉन्क्लेव में ‘बेस्ट एआई साइंटिस्ट अवॉर्ड’ (स्पॉटलाइट सम्मान) से सम्मानित किया गया है. यह सम्मेलन दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित हुआ.

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प्रशांत रंगनाथन स्टैनफोर्ड डी-स्कूल के पूर्व छात्र हैं. उन्होंने स्टैनफोर्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लेबोरेटरी (SAIL) के एआई शोधकर्ता एंड्रियास हॉप्ट के साथ मिलकर इस टूल को विकसित किया है.

चैटबॉट नहीं, रिसर्च लैब का डिजिटल मैनेजर है ‘ब्रूनो’

आज ChatGPT, Grok और Gemini जैसे एआई टूल सामान्य उपयोग के लिए लोकप्रिय हैं. इनका इस्तेमाल कंटेंट तैयार करने, कोडिंग और सवालों के जवाब देने में किया जाता है. ‘ब्रूनो’ इन सबसे अलग है. यह कोई चैटबॉट नहीं है, बल्कि वैज्ञानिकों और रिसर्च लैब्स के लिए डिजिटल प्रोडक्ट मैनेजर की तरह काम करता है.

यह वैज्ञानिकों के बीच समन्वय स्थापित करता है, रिसर्च प्रक्रिया को व्यवस्थित रखता है और यह सुनिश्चित करता है कि महत्वपूर्ण निर्णय, प्रयोगों का रिकॉर्ड और परियोजना से जुड़ी जानकारी बिखरने न पाए.

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रिसर्च नहीं, रिसर्च का प्रबंधन करेगा आसान

प्रशांत रंगनाथन का कहना है कि बड़े शोध संस्थानों में सबसे बड़ी चुनौती रिसर्च नहीं, बल्कि उसका प्रबंधन होता है. कई बार महत्वपूर्ण निर्णय व्हाट्सएप, स्लैक और ईमेल जैसी अलग-अलग जगहों पर बिखरे रहते हैं. असफल प्रयोगों का रिकॉर्ड नहीं होने से नए शोधार्थी वही गलतियां दोहराते हैं. यदि कोई शोधार्थी बीच में प्रोजेक्ट छोड़ देता है तो पूरी रिसर्च प्रभावित हो जाती है.

‘ब्रूनो’ इसी समस्या का समाधान करता है. यह वैज्ञानिकों के प्रशासनिक और समन्वय संबंधी कार्यों को व्यवस्थित करता है, ताकि वे केवल अपने शोध पर ध्यान केंद्रित कर सकें.

कोड और रिसर्च पेपर में नहीं करेगा कोई बदलाव

डेवलपर्स के अनुसार वैज्ञानिकों के गोपनीय डेटा की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. ‘ब्रूनो’ को किसी लैब के कोड या रिसर्च पेपर में बदलाव करने का अधिकार नहीं दिया गया है. यह केवल बैकएंड में रहकर सूचनाओं का समन्वय करता है और Slack, Weights & Biases, GitHub तथा Overleaf जैसे प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर काम करता है.

फ्रांसीसी समाजशास्त्री के नाम पर रखा गया नाम

प्रशांत रंगनाथन और एंड्रियास हॉप्ट ने इस एआई टूल का नाम प्रसिद्ध फ्रांसीसी समाजशास्त्री ब्रूनो लातूर के नाम पर रखा है. डेवलपर्स का कहना है कि यह टूल वैज्ञानिकों की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है.

मुख्य बिंदु

  • जमशेदपुर के प्रशांत रंगनाथन ने विकसित किया एआई टूल ‘ब्रूनो’.
  • ICML 2026 के AI for Science कॉन्क्लेव में मिला ‘बेस्ट एआई साइंटिस्ट अवॉर्ड’.
  • स्टैनफोर्ड के एआई शोधकर्ता एंड्रियास हॉप्ट के साथ मिलकर किया विकसित.
  • वैज्ञानिकों और रिसर्च लैब्स के समन्वय को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया गया टूल.
  • ChatGPT, Grok और Gemini से अलग, यह रिसर्च मैनेजमेंट पर केंद्रित स्पेशलिस्ट एआई सिस्टम है.
  • Slack, GitHub, Weights & Biases और Overleaf जैसे प्लेटफॉर्म के साथ करता है काम.

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देवघर में AI करेगा भीड़ की निगरानी, संख्या बढ़ी तो कई स्थानों पर रोके जाएंगे श्रद्धालु

Deoghar Shravani Mela 2026: 30 जुलाई से शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर झारखंड पुलिस ने इस बार सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. एक माह तक चलने वाले मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसी को देखते हुए पहली बार सुरक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. पुलिस मुख्यालय स्तर पर तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन की सुविधा मिल सके.

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क्राउड मैनेजमेंट पर सबसे ज्यादा जोर

डीजीपी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर 20 बिंदुओं पर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं. सबसे अधिक फोकस भीड़ नियंत्रण पर रखा गया है. रूट प्लान इस तरह तैयार किया गया है कि शहर के किसी हिस्से में तय सीमा से अधिक भीड़ जमा न हो.

भीड़ बढ़ी तो प्रवेश बिंदुओं पर रोके जाएंगे श्रद्धालु

यदि श्रद्धालुओं की संख्या क्षमता से अधिक होती है तो बिहार की ओर से आने वाले कांवरियों और अन्य श्रद्धालुओं को प्रवेश बिंदुओं पर अस्थायी रूप से रोका जाएगा. वहां पेयजल, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. स्थिति सामान्य होने के बाद उन्हें देवघर की ओर भेजा जाएगा.

Deoghar Shravani Mela 2026: रेलवे स्टेशनों पर भी होगी विशेष व्यवस्था

धनबाद, देवघर, दुमका समेत प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए जाएंगे. प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ न हो, इसके लिए आसपास ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी. वहीं, 24 घंटे संचालित होने वाला कंपोजिट कंट्रोल रूम एआई तकनीक की मदद से पूरे मेले की निगरानी करेगा.


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आपात स्थिति के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए शहर से बाहर निकालने के वैकल्पिक मार्ग पहले से चिन्हित कर रिजर्व रखे गए हैं. बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रित रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन बिना रुकावट जारी रहे.

पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे

श्रावणी मेले के दौरान अतीत में कई बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं. वर्ष 2006 में भीड़ नियंत्रण को लेकर पुलिस और पंडा समाज के बीच झड़प हुई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे. वर्ष 2007 में उमा भवन में भगदड़ से पांच महिला श्रद्धालुओं की मौत हुई. वर्ष 2008 में गर्भगृह में करंट लगने से दो कांवरिये झुलस गए थे. वहीं 10 अगस्त 2015 को बेलपत्र प्रदर्शनी के दौरान मची भगदड़ में 10 कांवरियों की जान चली गई थी और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे.

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : डीजीपी

डीजीपी तदाशा मिश्र ने कहा कि श्रावणी मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा झारखंड पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की तैनाती की जा रही है. सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

मुख्य बिंदु

  • 30 जुलाई से शुरू होगा विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला, एक माह तक चलेगा आयोजन.
  • पहली बार एआई (Artificial Intelligence) की मदद से भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी होगी.
  • 24 घंटे कंपोजिट कंट्रोल रूम से एआई आधारित मॉनिटरिंग की जाएगी.
  • भीड़ तय सीमा से अधिक होने पर श्रद्धालुओं को प्रवेश बिंदुओं पर अस्थायी रूप से रोका जाएगा.
  • धनबाद, देवघर और दुमका रेलवे स्टेशनों पर भी भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम रहेंगे.
  • मंदिर परिसर में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की जाएगी.
  • आपात स्थिति के लिए वैकल्पिक मार्ग पहले से रिजर्व रखे गए हैं.
  • डीजीपी ने क्राउड मैनेजमेंट को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 20 बिंदुओं पर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं.
  • श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने पर विशेष फोकस रहेगा.

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रांची : रिम्स में सिर्फ 475 रुपये में होगी HLA-B27 जांच, निजी लैब की तुलना में 90% तक कम खर्च

RIMS HLA-B27 Test: शरीर में लगातार जकड़न, जोड़ों में दर्द और अर्थराइटिस जैसी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को अब कम खर्च में जांच की सुविधा मिलेगी. रिम्स के लैब मेडिसिन विभाग में अत्याधुनिक आरटीपीसीआर मशीन से एचएलए-बी27 (HLA-B27) जांच शुरू कर दी गयी है. इसके लिए मरीजों को 475 रुपये देने होंगे, जबकि निजी लैब में यही जांच चार से साढ़े चार हजार रुपये तक में करायी जाती है.

रिम्स में यह सुविधा पिछले तीन माह से उपलब्ध है. मरीजों के ब्लड सैंपल अस्पताल की लैब में ही जांचे जा रहे हैं. निजी लैब में अधिकांश सैंपल जांच के लिए महानगरों की प्रयोगशालाओं में भेजे जाते हैं. अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि बिहार और झारखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फिलहाल यह सुविधा केवल रिम्स में उपलब्ध है.

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डेढ़ घंटे में पूरी होती है जांच

लैब मेडिसिन विभाग में पहले ब्लड सैंपल से डीएनए अलग किया जाता है. इसके बाद आरटीपीसीआर तकनीक से एचएलए-बी27 की जांच की जाती है. पूरी प्रक्रिया में करीब डेढ़ घंटे लगते हैं. रिपोर्ट का विश्लेषण करने के बाद अंतिम परिणाम जारी किया जाता है. रिम्स में इस जांच के लिए सबसे अधिक सैंपल न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी और मेडिसिन विभाग से आते हैं.

ऑटोइम्यून बीमारियों के निदान में मददगार

एचएलए-बी27 जांच साइटोमेट्री अथवा पीसीआर तकनीक से की जाती है. रिपोर्ट निगेटिव आने पर रक्त में एचएलए-बी27 प्रोटीन नहीं मिलने की पुष्टि होती है, जिससे संबंधित बीमारी की संभावना कम मानी जाती है. वहीं, रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर इस प्रोटीन की मौजूदगी का पता चलता है, जो कुछ ऑटोइम्यून बीमारियों के निदान में सहायक होता है.

विशेषज्ञों के अनुसार यह जांच रीढ़ और जोड़ों में सूजन, लंबे समय से बने दर्द, अर्थराइटिस तथा आंखों की सूजन के कारणों की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. समय पर जांच होने से मरीज का इलाज भी जल्द शुरू किया जा सकता है.

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जानिए क्यों जरूरी है HLA-B27 जांच

  • लगातार जोड़ों में दर्द और शरीर में जकड़न के कारणों की पहचान में सहायक.
  • अर्थराइटिस और अन्य ऑटोइम्यून बीमारियों के निदान में उपयोगी.
  • रीढ़, जोड़ों और आंखों में सूजन की वजह पता लगाने में मददगार.
  • रिम्स में जांच शुल्क मात्र 475 रुपये.
  • निजी लैब की तुलना में करीब 90 प्रतिशत कम खर्च.
  • बिहार-झारखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फिलहाल यह सुविधा सिर्फ रिम्स में उपलब्ध.
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राहुल गांधी के मंच पर छलका NEET छात्रा के पिता का दर्द, भावुक होकर बोले- हमें न्याय दिलाइए

Rahul Gandhi NEET Student Father : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उन्होंने आरोप लगाया कि देश में प्रश्नपत्र लीक का पूरा नेटवर्क हाई-टेक हो चुका है. उन्होंने कहा कि आज स्थिति ऐसी है कि अगर किसी के पास करोड़ों रुपये हैं तो वह कथित तौर पर पेपर लीक के ‘मेन्यू कार्ड’ से अपनी पसंद का प्रश्नपत्र चुन सकता है.

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राहुल गांधी ने कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य, उनकी समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा का मंच है. उनका कहना था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों की मेहनत और भरोसे को चोट पहुंचाई है.

Rahul Gandhi NEET Student Father : ‘टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्म का हो रहा इस्तेमाल’

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के लिए अब आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर इंटरनेट, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए कथित तौर पर प्रश्नपत्र हासिल किए जा सकते हैं. उनके मुताबिक, यह पूरे परीक्षा तंत्र के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है.

‘152 पेपर लीक से 7.5 करोड़ युवा प्रभावित’

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे करीब 7.5 करोड़ युवा प्रभावित हुए. उन्होंने आरोप लगाया कि इतने मामलों के बावजूद किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली. राहुल गांधी ने कहा कि यह केवल सामने आए मामलों का आंकड़ा है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. उन्होंने इसे युवाओं की मेहनत और उनके भविष्य का अपमान बताया.

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भावुक हुए छात्रा के पिता, संसद में मुद्दा उठाने की मांग

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी की मुलाकात कथित तौर पर नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाली छात्रा रिया कुमारी के पिता राजेश मल्ल से हुई. बातचीत के दौरान राजेश मल्ल भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, वैसा किसी अन्य बेटी के साथ नहीं होना चाहिए. उन्होंने राहुल गांधी से संसद में इस मुद्दे को मजबूती से उठाने और पेपर लीक से प्रभावित छात्रों व उनके परिवारों को न्याय दिलाने की अपील की.

बोले- यह राजनीति नहीं, युवाओं के भविष्य की लड़ाई

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ किसी राजनीतिक दल की रैली नहीं है. उन्होंने कहा कि यह मंच युवाओं के संघर्ष, उनकी चुनौतियों और भविष्य को लेकर संवाद के लिए आयोजित किया गया है. उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना युवाओं के साथ न्याय नहीं हो सकता.

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मुजफ्फरपुर : बस के कट मारते ही हाईवे से नीचे पलटा ट्रक, चालक ने कूदकर बचाई जान

Muzaffarpur Road Accident : अहियापुर थाना क्षेत्र के भीखनपुर पंचायत स्थित दरभंगा फोरलेन (एनएच) पर शुक्रवार को तेज रफ्तार बस की लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटना हो गई. बस के ओवरटेक कर अचानक ब्रेक लगाने से माल से लदा ट्रक अनियंत्रित होकर राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 10 फीट नीचे गड्ढे में पलट गया. हादसे में ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. हालांकि चालक ने समय रहते ट्रक से कूदकर अपनी जान बचा ली. सूचना मिलने पर अहियापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी.

मुजफ्फरपुर जंक्शन का RMS कार्यालय पार्सल भवन में शिफ्ट, यात्रियों को मिलेगी सुविधा

रामपुर से माल लेकर आ रहा था ट्रक

ट्रक चालक मोहम्मद नईम ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के रामपुर से माल लादकर आ रहा था. भीखनपुर पंचायत के पास मेडिकल ओवरब्रिज पार करने के बाद पीछे से तेज रफ्तार बस आई. बस चालक ने ट्रक को ओवरटेक किया और आगे निकलते ही अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया.

ऑटो को बचाने में गड्ढे में पलटा ट्रक

चालक के अनुसार बस के अचानक ब्रेक लगाने के बाद उसने ट्रक को नियंत्रित करने की कोशिश की. इसी दौरान दाहिनी ओर एक ऑटो आ गया. ऑटो सवार लोगों को बचाने के लिए उसने ट्रक को बाईं ओर मोड़ दिया. तेज रफ्तार और अचानक दिशा बदलने से ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और वह हाईवे से करीब 10 फीट नीचे गड्ढे में पलट गया.

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चालक ने कूदकर बचाई जान

हादसे से ठीक पहले चालक ट्रक से कूद गया, जिससे उसकी जान बच गई. दुर्घटना में ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. आसपास के लोगों ने आवाज सुनते ही घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई और स्थिति का जायजा लिया.

बस चालक फरार, जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना पर अहियापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया और क्रेन की मदद से पलटे ट्रक को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू कराई. वहीं हादसे के बाद बस चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया. पुलिस उसकी पहचान कर मामले की जांच में जुटी है.

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मुजफ्फरपुर जंक्शन का RMS कार्यालय पार्सल भवन में शिफ्ट, यात्रियों को मिलेगी सुविधा

Muzaffarpur Railway News: मुजफ्फरपुर जंक्शन के पुनर्विकास कार्य को गति देने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है. रेलवे डाक सेवा (आरएमएस) कार्यालय को मुख्य स्टेशन परिसर से हटाकर पार्सल भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है. रेलवे का मानना है कि इससे स्टेशन परिसर में जगह खाली होगी और यात्रियों को आने-जाने में पहले से अधिक सुविधा मिलेगी.

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पुनर्विकास योजना के तहत लिया गया फैसला

रेलवे अधिकारियों के अनुसार जंक्शन के आधुनिकीकरण को ध्यान में रखते हुए आरएमएस कार्यालय को नई जगह शिफ्ट किया गया है. मुख्य स्टेशन परिसर में कार्यालय संचालित होने से पुनर्विकास कार्य प्रभावित हो रहा था. अब खाली हुई जगह का उपयोग स्टेशन के विस्तार और यात्री सुविधाओं के विकास में किया जाएगा.

यात्रियों की आवाजाही होगी आसान

आरएमएस कार्यालय मुख्य परिसर में रहने के कारण यात्रियों की आवाजाही पर असर पड़ता था. खासकर भीड़भाड़ के समय स्टेशन परिसर में आवागमन में परेशानी होती थी. कार्यालय के स्थानांतरण के बाद प्लेटफॉर्म और मुख्य प्रवेश क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक सुगम होने की उम्मीद है.

स्टेशन परिसर को मिलेगा नया स्वरूप

रेलवे का कहना है कि जंक्शन पुनर्विकास योजना के तहत स्टेशन परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. इसी क्रम में चरणबद्ध तरीके से विभिन्न विभागों का पुनर्स्थापन और निर्माण कार्य किया जाएगा. लक्ष्य है कि यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और व्यवस्थित स्टेशन परिसर उपलब्ध कराया जा सके.

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लालू यादव की तबीयत बिगड़ी, IGIMS पहुंचे; डॉक्टरों की टीम कर रही जांच

Lalu Yadav Health Update: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तबीयत शुक्रवार को अचानक बिगड़ गई. इसके बाद उन्हें पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) ले जाया गया. अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच शुरू कर दी. उनके साथ पत्नी राबड़ी देवी और बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी मौजूद हैं.

तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाया गया

लालू यादव को असहज महसूस होने पर परिजनों ने डॉक्टरों से संपर्क किया. मेडिकल सलाह के बाद उन्हें तुरंत IGIMS लाया गया. अस्पताल प्रशासन को पहले ही अलर्ट कर दिया गया था.

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कई जांचें कराई जा रही हैं

डॉक्टरों की विशेष टीम उनका पूरा हेल्थ चेकअप कर रही है. ब्लड शुगर, किडनी फंक्शन समेत कई जरूरी जांचें कराई जा रही हैं. रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर आगे के इलाज को जारी रखेंगे.

किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है

लालू प्रसाद यादव लंबे समय से किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं. उनका सिंगापुर में किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है. इसके अलावा उनका ब्लड शुगर लेवल भी अक्सर ऊपर-नीचे होता रहता है. इसी वजह से डॉक्टर नियमित रूप से उनकी निगरानी करते हैं.

Lalu Yadav Health Update: एहतियात के तौर पर अस्पताल लाया गया

पुरानी बीमारियों को देखते हुए कोई जोखिम नहीं लिया गया. इसलिए एहतियातन उन्हें अस्पताल लाकर जांच कराई जा रही है. फिलहाल उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

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मई में गए थे सिंगापुर

लालू यादव मई महीने में रूटीन चेकअप के लिए सिंगापुर गए थे. कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद उन्होंने वहां डॉक्टरों से परामर्श लिया था. उस समय तेजस्वी यादव ने बताया था कि डॉक्टरों ने हर तीन महीने पर जांच कराने की सलाह दी है.

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