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पटना NEET छात्रा मौत मामला : सीएम नीतीश ने CBI जांच की सिफारिश की, जांच में तेजी के संकेत

Patna
सीएम नीतीश ने CBI जांच की सिफारिश की.

Patna NEET Student Death : पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की मौत के मामले में बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से इस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है. माना जा रहा है कि इससे जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सकेगी.

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने एक्स पर दी जानकारी

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि मुख्यमंत्री ने पटना में हुई नीट छात्रा की मौत से जुड़े मामले को सीबीआई को सौंपने का आग्रह किया है. उन्होंने लिखा कि मामले की पारदर्शी और न्यायपूर्ण जांच जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके.

पुलिस मुख्यालय में देर रात चली उच्चस्तरीय बैठक

शुक्रवार देर रात पुलिस मुख्यालय में पूरे मामले को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. डीजीपी विनय कुमार ने विशेष जांच दल (SIT) द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट का गहन अध्ययन किया. बैठक में हर तथ्य, निष्कर्ष और साक्ष्य पर विस्तार से चर्चा की गई.

SIT के साथ पहुंचे डिजिटल और कागजी सबूत

सूत्रों के अनुसार, आईजी सेंट्रल रेंज की निगरानी में गठित एसआईटी देर रात पुलिस मुख्यालय पहुंची. टीम के अधिकारी डिजिटल डेटा और कागजी दस्तावेजों के साथ मौजूद थे. वरिष्ठ अधिकारियों ने रिपोर्ट की बारीकी से जांच की और कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?

पीएमसीएच में गठित मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर कई जगह चोट और खरोंच के निशान पाए गए हैं. हालांकि चोटों के समय को लेकर स्पष्ट जानकारी दर्ज नहीं की गई है. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि छात्रा को अस्पताल में इलाज के लिए अर्धबेहोशी की अवस्था में लाया गया था.

जांच का अगला चरण

सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद अब मामला राज्य स्तर से आगे बढ़ता दिख रहा है. प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रियाएं शुरू हो चुकी हैं और आने वाले दिनों में जांच की दिशा और तेज होने की संभावना जताई जा रही है.

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Bihar News : बिहार में 4896 शिक्षकों की होगी भर्ती, हर प्रखंड तक पहुंचेगी SC-ST छात्रों की आवासीय शिक्षा योजना

सीएम नीतीश कुमार
बिहार में 4896 शिक्षकों की होगी भर्ती.

Bihar News : बिहार में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के छात्रों को शिक्षा के साथ बेहतर आवास सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने एक लंबी अवधि की योजना शुरू की है. अब छात्रावास की सुविधा केवल चुनिंदा जिलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य के हर कोने तक पहुंचेगी.
सरकार ने अगले पांच वर्षों में सभी 534 प्रखंडों में एससी-एसटी छात्रों के लिए हॉस्टल निर्माण का लक्ष्य रखा है.

छात्रावास नेटवर्क का विस्तार, सैकड़ों प्रखंडों को कवर करने की तैयारी

एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में 139 छात्रावास संचालित हैं. इसके अलावा 60 नए हॉस्टलों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है और कई जगहों पर निर्माण कार्य प्रगति पर है.
उन्होंने बताया कि अब तक 276 प्रखंडों में छात्रावास निर्माण को हरी झंडी दी जा चुकी है, जबकि बाकी क्षेत्रों को चरणबद्ध तरीके से योजना में शामिल किया जाएगा.

आवासीय स्कूलों पर फोकस, शिक्षकों की बड़ी भर्ती

राज्य सरकार एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों की गुणवत्ता और संख्या दोनों बढ़ाने पर काम कर रही है. फिलहाल 91 ऐसे विद्यालय संचालित हैं, जहां छात्रों को निःशुल्क आवास और शिक्षा दी जा रही है. इन संस्थानों से पढ़कर कई छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है.
सरकार ने इन विद्यालयों के लिए 4,896 शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा है. इसके साथ ही 28 नए आवासीय विद्यालय खोलने की योजना को भी मंजूरी मिल चुकी है.

छात्रवृत्ति योजनाओं में आर्थिक सहायता बढ़ी

एससी-एसटी छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं को और प्रभावी बनाने का फैसला लिया गया है. कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों को मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाई गई है.
पोस्ट-मैट्रिक योजना के तहत आईटीआई छात्रों को 7,500 रुपये, डिप्लोमा और पॉलिटेक्निक छात्रों को 15,000 रुपये तथा तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले छात्रों को 25,000 रुपये की सहायता दी जाएगी.

सावित्रीबाई फुले छात्रावास योजना को मिल रही रफ्तार

हर जिले में 100 बेड वाले सावित्रीबाई फुले छात्रावास स्थापित करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है. अब तक 18 जिलों में इसके लिए भूमि चिन्हित की जा चुकी है.
इन छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को हर महीने 15 किलो अनाज के साथ मुख्यमंत्री छात्रावास अनुदान योजना के तहत 1,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है.

बढ़ती आबादी के अनुरूप योजनाओं का विस्तार

विभागीय सचिव संदीप आर. पुडकलकट्टी ने बताया कि राज्य में एससी-एसटी आबादी में लगातार वृद्धि हो रही है. 2011 की जनगणना के अनुसार यह संख्या 17.19 प्रतिशत थी, जो 2022 में बढ़कर 23.01 प्रतिशत तक पहुंच गई है.
इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा, आवास और वित्तीय सहायता से जुड़ी योजनाओं का दायरा बढ़ाया जा रहा है.

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Sunetra Pawar : मुंबई पहुंची सुनेत्रा पवार, हाथों में आ सकती है महाराष्ट्र की कमान की बड़ी जिम्मेदारी

Sunetra Pawar
Sunetra Pawar. फोटो: सोशल मीडिया

Sunetra Pawar : दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार पार्टी की अहम बैठकों से पहले मुंबई पहुंच चुकी हैं. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि उन्हें महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने का मौका मिल सकता है. एनसीपी सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाए जाने की प्रबल संभावना है.
फिलहाल सुनेत्रा पवार राज्यसभा की सदस्य हैं.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, 31 जनवरी को एनसीपी की संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है, जिसके बाद शनिवार शाम तक शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होने की संभावना है.

फडणवीस बोले— अजित पवार के परिवार के हर फैसले के साथ भाजपा

सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा, अजित पवार के परिवार और एनसीपी द्वारा लिए गए किसी भी फैसले का पूरा समर्थन करेगी.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में फडणवीस ने कहा,
“एनसीपी उपमुख्यमंत्री पद को लेकर जो भी निर्णय लेगी, सरकार और भाजपा उसके साथ खड़ी रहेगी. हम अजित दादा के परिवार और पार्टी के साथ हैं.”

बजट पेश कौन करेगा? सीएम ने दिया जवाब

अजित पवार के पास वित्त मंत्रालय का प्रभार था. ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि राज्य का बजट कौन पेश करेगा. इस पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अजित पवार बजट की अधिकांश तैयारियां पहले ही पूरी कर चुके थे.
उन्होंने बताया कि वे खुद इस पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करेंगे और सभी औपचारिकताओं के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा.

विमान दुर्घटना में अजित पवार का निधन

बुधवार को पुणे जिले के बारामती में हुई एक विमान दुर्घटना में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी.
गुरुवार को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान कॉलेज मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें देश-भर के प्रमुख नेता और हजारों लोग शामिल हुए.

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Union Budget 2026 : आम आदमी की जेब से लेकर देश की अर्थव्यवस्था तक क्या बदल सकता है?

बिहार का बजट
पेश होगा आज बिहार का बजट.

Union Budget 2026: यूनियन बजट को अक्सर सिर्फ सरकार के खर्च और कमाई का ब्योरा समझ लिया जाता है, लेकिन हकीकत में यही दस्तावेज तय करता है कि आने वाले वर्षों में आम आदमी की जेब, कारोबार की रफ्तार और देश की अर्थव्यवस्था किस दिशा में बढ़ेगी. Union Budget 2026 को लेकर इस बार उम्मीदें ज्यादा हैं, क्योंकि देश एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां ग्रोथ के साथ स्थिरता बनाए रखना बड़ी चुनौती है.

महंगाई, रोजगार की जरूरत, टेक्नोलॉजी में बदलाव और वैश्विक हालात—इन सबके बीच Budget 2026 से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह विकास और संतुलन के बीच सही रास्ता चुने.

किस माहौल में आ रहा है Budget 2026?

भारत फिलहाल दुनिया की तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है. ऐसे में Budget 2026 का फोकस सिर्फ नई योजनाएं लाने पर नहीं, बल्कि मौजूदा सिस्टम को मजबूत करने पर भी रह सकता है. सरकार के सामने कुछ अहम टास्क होंगे—

  • आर्थिक विकास की रफ्तार बनाए रखना.
  • सरकारी घाटे को काबू में रखना.
  • निजी निवेश को आकर्षित करना.
  • रोजगार और स्किल पर फोकस बढ़ाना.

बजट की असली परीक्षा यही होगी कि वह लंबी अवधि की मजबूती को कितनी प्राथमिकता देता है.

आम आदमी को क्या राहत मिल सकती है?

टैक्स को लेकर नजरें बजट पर

मिडल क्लास के लिए हर बजट की सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स से जुड़ी होती है. Budget 2026 में—

  • टैक्स स्ट्रक्चर को और आसान बनाया जा सकता है.
  • स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी संभव है.
  • स्लैब सिस्टम में बदलाव की गुंजाइश है.

अगर टैक्स का बोझ हल्का होता है, तो लोगों के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा बचेगा, जिससे बाजार में डिमांड बढ़ेगी.

महंगाई से राहत के संकेत

घर का बजट सबसे ज्यादा महंगाई से प्रभावित होता है. Budget 2026 में सरकार—

  • ईंधन पर टैक्स स्ट्रक्चर की समीक्षा
  • जरूरी वस्तुओं की सप्लाई सुधारने
  • खेती से जुड़े ढांचे को मजबूत करने

जैसे कदम उठा सकती है, ताकि रोजमर्रा की चीजों की कीमतें काबू में रहें.

हेल्थ और एजुकेशन पर खर्च क्यों अहम है?

पिछले कुछ वर्षों में हेल्थ सिस्टम की अहमियत साफ तौर पर सामने आई है. Budget 2026 में—

  • सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने
  • हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज बढ़ाने
  • शिक्षा में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने

जैसे फैसले लिए जा सकते हैं. ये निवेश तुरंत असर नहीं दिखाते, लेकिन लंबे समय में समाज को मजबूत बनाते हैं.

युवाओं और नौकरियों पर क्या असर होगा?

भारत की आबादी का बड़ा हिस्सा युवा है, इसलिए रोजगार बजट का अहम हिस्सा रहेगा. Budget 2026 में—

  • स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों को सपोर्ट
  • स्किल ट्रेनिंग और अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम
  • मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर पर जोर

जैसे फैसले लिए जा सकते हैं. इससे छोटे शहरों और कस्बों में रोजगार के मौके बढ़ सकते हैं.

किसानों और गांवों की अर्थव्यवस्था

देश की अर्थव्यवस्था तब तक संतुलित नहीं हो सकती, जब तक ग्रामीण क्षेत्र मजबूत न हों. Budget 2026 में—

  • किसानों की आय बढ़ाने के उपाय
  • सिंचाई और ग्रामीण सड़कों पर खर्च
  • खेती में टेक्नोलॉजी और वैल्यू एडिशन

जैसे कदम उठाए जा सकते हैं. ग्रामीण आय बढ़ने से देश की कुल खपत भी मजबूत होती है.

कारोबार और इंडस्ट्री को क्या मिलेगा?

MSME और स्टार्टअप्स

छोटे और मझोले उद्योग देश की रीढ़ माने जाते हैं. Budget 2026 में—

  • आसान लोन सुविधा
  • क्रेडिट गारंटी का विस्तार
  • टैक्स और नियमों को सरल बनाना

जैसे कदम कारोबारियों को राहत दे सकते हैं.

इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च

सरकार पिछले कुछ सालों से इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा दांव खेल रही है. Budget 2026 में—

  • सड़क और रेलवे नेटवर्क
  • लॉजिस्टिक्स और डिजिटल ढांचा
  • ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स

पर निवेश जारी रहने की संभावना है, जिससे अर्थव्यवस्था में तेजी आती है.

निवेशकों और बाजार के लिए क्या मायने?

हर बजट का असर शेयर बाजार और निवेश पर भी पड़ता है. Budget 2026 में—

  • कैपिटल गेंस टैक्स को लेकर संकेत
  • रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए राहत
  • बॉन्ड और डेट मार्केट से जुड़े सुधार

जैसे फैसले बाजार की दिशा तय कर सकते हैं. स्पष्ट और संतुलित बजट निवेशकों का भरोसा बढ़ाता है.

डिजिटल और ग्रीन फ्यूचर की तैयारी

भारत भविष्य की अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है. Budget 2026 में—

  • डिजिटल पेमेंट और फिनटेक
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा
  • इलेक्ट्रिक व्हीकल और रिन्यूएबल एनर्जी

जैसे सेक्टर्स को खास तवज्जो मिल सकती है, जिससे नई नौकरियां और नई इंडस्ट्रीज़ खड़ी होंगी.

आम आदमी की नजर से Budget 2026

सीधे शब्दों में, आम लोगों की उम्मीदें यही होंगी कि—

  • टैक्स का बोझ कम हो
  • महंगाई काबू में रहे
  • नौकरी और कमाई के मौके बढ़ें
  • हेल्थ और पढ़ाई सस्ती हो

बजट का असर धीरे-धीरे दिखता है, लेकिन इसके फैसले लंबे समय तक जिंदगी को प्रभावित करते हैं.

निष्कर्ष

Union Budget 2026 भारत की आर्थिक दिशा तय करने वाला एक अहम पड़ाव हो सकता है. सरकार के सामने चुनौती यही होगी कि वह विकास, सामाजिक जरूरतों और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाए.

अगर नीतियां सही तरीके से लागू होती हैं, तो Budget 2026 न सिर्फ अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि आम आदमी के जीवन पर भी सकारात्मक असर डाल सकता है.

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Disclaimer: शेयर बाजार में निवेश से जुड़े किसी भी तरह के खरीद-फरोख्त का सुझाव HelloCities24 द्वारा नहीं दिया जाता है. यहां प्रकाशित बाजार विश्लेषण विभिन्न मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज संस्थानों के आकलन पर आधारित होते हैं. निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें.

पहाड़ों में मैगी बेचकर दिन में कितनी कमाई होती है? जानकर नौकरीपेशा लोग भी चौंक जाएंगे

मैगी
पहाड़ों की ठंडी हवाओं में मैगी बेचते युवक. फोटो-इंस्टाग्राम

Viral Video : सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कंटेंट क्रिएटर Badal Thakur ने दिखाया कि पहाड़ों पर एक स्टॉल लगाकर एक दिन में मैगी बेचकर कितनी कमाई हो सकती है. वीडियो देखकर कई लोग हैरान रह गए और नौकरी करने वाले भी सोच में पड़ गए.

पहाड़ों में मैगी की दुकान में कितनी कमाई होती है?

इंस्टाग्राम पर yeah_badal नाम से सक्रिय बादल थाकुर ने पहाड़ों पर मैगी बनाते हुए लोगों को परोसा. वीडियो में देखा जा सकता है कि कड़ाके की सर्दी में भी मैगी खाने के लिए लोग लाइन में खड़े थे. उन्होंने प्रत्येक प्लेट 70 रुपये में मैगी बेची और दिनभर में 300 प्लेट बेच दी.

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दिनभर में 21 हजार रुपये की कमाई

वीडियो के अंत में बादल ने अपनी कमाई का खुलासा किया. 70 रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से 300 प्लेट बेचकर उनकी कुल कमाई 21,000 रुपये हुई. इस कमाई को देखकर कई लोग हैरान रह गए और वीडियो तेजी से वायरल हो गया.

सोशल मीडिया पर मजेदार प्रतिक्रियाएँ

वीडियो पर यूजर्स के कमेंट्स भी खूब वायरल हो रहे हैं. एक यूजर theishikadidwania ने लिखा, “अब तो शायद पहाड़ पर शिफ्ट होकर मैगी स्टॉल खोलने का टाइम आ गया है.” वहीं एक अन्य ने मजाक में पूछा, “क्या इंटर्नशिप मिल जाएगी?”

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भारत में आ रही है Samsung Galaxy F70 सीरीज, कैमरा और AI पर रहेगा बड़ा दांव, जानें डिटेल्स

Samsung
Samsung Galaxy F70 सीरीज.

Samsung Galaxy F70 : भारत में Samsung अपनी Galaxy F सीरीज को और मजबूत करने की तैयारी में है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर कन्फर्म किया है कि Galaxy F70 सीरीज को 2 फरवरी को लॉन्च किया जाएगा. लॉन्च से पहले इस सीरीज के लिए Flipkart पर एक डेडिकेटेड माइक्रोसाइट भी लाइव कर दी गई है, जिससे फोन को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

कैमरा एक्सपीरियंस पर रहेगा खास फोकस

Flipkart माइक्रोसाइट पर अभी ज्यादा टेक्निकल डिटेल्स सामने नहीं आई हैं, लेकिन Samsung ने साफ किया है कि Galaxy F70 सीरीज कैमरा-सेंट्रिक स्मार्टफोन लाइनअप होगी. कंपनी के प्रेस स्टेटमेंट के मुताबिक, इस सीरीज में मोबाइल फोटोग्राफी को नए लेवल पर ले जाने पर जोर दिया गया है.

AI फीचर्स और दमदार हार्डवेयर का वादा

Samsung का कहना है कि Galaxy F70 सीरीज में नए AI-पावर्ड फीचर्स के साथ मजबूत हार्डवेयर दिया जाएगा. कंपनी के मुताबिक, ये स्मार्टफोन न सिर्फ बेहतर परफॉर्मेंस देंगे, बल्कि यूजर्स को स्मार्ट और एडवांस फीचर्स का भी अनुभव मिलेगा, जिससे फोन भीड़ से अलग पहचान बना सकेगा.

Galaxy A07 5G के लॉन्च की भी पुष्टि

Galaxy F70 सीरीज के अलावा Samsung ने यह भी कन्फर्म किया है कि Galaxy A07 5G को भारत में फरवरी के पहले हफ्ते में लॉन्च किया जाएगा. यह फोन मौजूदा Galaxy A07 4G का अपग्रेडेड 5G वर्जन होगा.

Galaxy A07 5G के संभावित फीचर्स

लीक और आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, Galaxy A07 5G में

  • 6.7-इंच का HD+ डिस्प्ले
  • 120Hz रिफ्रेश रेट
  • 800 निट्स ब्राइटनेस सपोर्ट
  • टू-स्टेप टेम्पर्ड ग्लास प्रोटेक्शन

सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 8MP का फ्रंट कैमरा मिलेगा, जबकि फोन को पावर देने के लिए 6000mAh की बड़ी बैटरी दी जाएगी.

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Maharashtra Politics : सुनेत्रा पवार का डिप्टी सीएम बनना लगभग तय, शनिवार को शपथ संभव!

सुनेत्रा पवार
सुनेत्रा पवार का डिप्टी सीएम बनना लगभग तय.

Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की सियासत में एक अहम बदलाव देखने को मिल सकता है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का उप-मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. खबर है कि वह शनिवार, 31 जनवरी को शपथ ग्रहण कर सकती हैं.

सुनेत्रा पवार ने पार्टी की ओर से मिला उपमुख्यमंत्री पद का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. इसी बीच, राज्य सरकार में मंत्री और वरिष्ठ एनसीपी नेता छगन भुजबल ने संकेत दिए हैं कि शनिवार को होने वाली एनसीपी विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है.

सीएम फडणवीस से एनसीपी नेताओं की लगातार बैठक

शुक्रवार को एनसीपी नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की. बैठक में मौजूद छगन भुजबल ने बताया कि यह मुलाकात लगातार दूसरे दिन हुई है.
उन्होंने कहा,

“शपथ ग्रहण से लेकर बाकी सभी कार्यक्रमों पर चर्चा हुई है. संभावना है कि कल ही सभी फैसले ले लिए जाएं.”

भुजबल के मुताबिक, मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सभी औपचारिकताएं पूरी होती हैं तो शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को कराने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है.

पार्टी में सहमति के संकेत

एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने भी सुनेत्रा पवार के नाम पर सहमति के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि एनसीपी विधायक दल के नेता और उपमुख्यमंत्री के रिक्त पदों को भरना प्राथमिकता है.
पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि

“सुनेत्रा पवार के नाम पर किसी तरह के विरोध का सवाल ही नहीं उठता.”

हालांकि, उन्होंने यह जोड़ा कि अंतिम निर्णय से पहले परिवार की सहमति लेना भी जरूरी है.

पार्टी के भीतर समर्थन

एनसीपी कोटे से मंत्री नरहरि जिरवाल पहले ही सार्वजनिक रूप से यह इच्छा जता चुके हैं कि सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए.

अगर यह फैसला औपचारिक रूप लेता है, तो यह न सिर्फ एनसीपी बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है.

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बिहार में ट्रेनों का एक ही ट्रैक पर अब नहीं होगी आमने‑सामने की टक्कर; ‘कवच’ प्रणाली के साथ परिचालन शुरू

Railway
एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर.

Bihar Railway: बिहार के रेलखंड पर अब एक ही ट्रैक पर ट्रेनों की आमने-सामने टक्कर होने की संभावना खत्म हो गई है. पूर्व मध्य रेल ने ‘कवच’ प्रणाली के साथ ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया है. दरअसल, पूर्व मध्य रेल यात्री सुरक्षा और संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार नई तकनीकों को अपनाती रही है. इसी दिशा में आज डीडीयू-प्रधानखांटा रेलखंड के 93.3 किलोमीटर लंबे मानपुर-सरमाटांड रेलखंड पर ‘कवच’ प्रणाली के साथ ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया गया. यह कदम रेलवे सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

पहली ट्रेन ने किया सफल परिचालन

आज पहली ट्रेन 13305 सासाराम इंटरसिटी ने कवच तकनीक से लैस सुरक्षा सुविधाओं के साथ सुबह 07.42 बजे सरमाटांड स्टेशन से प्रस्थान किया और 09.35 बजे मानपुर स्टेशन पर सफलतापूर्वक पहुंची. इस दौरान हेड-ऑन कोलिजन टेस्ट भी किया गया, जिसमें ट्रेन ने 4,259 मीटर की दूरी पर रुकने में सफलता हासिल की.

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रेलखंड की महत्वता और संरचना

पूर्व मध्य रेल पर कुल 4,238 रूट किलोमीटर रेल मार्ग को कवच प्रणाली से लैस किया जाना है. इसमें लगभग 417 किलोमीटर लंबे पं. दीनदयाल उपाध्याय जं.-मानपुर-प्रधानखांटा रेलखंड का शामिल होना इसे भारतीय रेल के दिल्ली-हावड़ा रेलखंड के व्यस्ततम मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाता है. यह रेलखंड उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड राज्यों से होकर गुजरता है.

इस मार्ग पर कुल 77 स्टेशन, 8 जंक्शन स्टेशन, 79 लेवल क्रॉसिंग गेट और 7 इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नल स्थित हैं. रेलखंड पर सभी प्रकार की ट्रेनों का परिचालन होता है, जिसमें माल ढुलाई, मेल/एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों शामिल हैं. वर्तमान में इस रेलखंड पर ट्रेनों को 130 किमी/घंटा की गति से चलने की अनुमति है. मिशन रफ्तार के तहत इसे बढ़ाकर 160 किमी/घंटा तक करने के प्रयास जारी हैं.

‘कवच’ प्रणाली: सुरक्षा की नई तकनीक

‘कवच’ एक उन्नत टक्कर-रोधी तकनीक है, जो रेलवे को शून्य दुर्घटना के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगी. यह प्रणाली माइक्रो प्रोसेसर, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) और रेडियो संचार के माध्यम से जुड़ी रहती है. यदि कोई दूसरी ट्रेन समान ट्रैक पर निर्धारित दूरी में आती है, तो कवच सिस्टम इंजन में लगे उपकरण के माध्यम से चालक को सतत चेतावनी देता है और स्वचालित ब्रेक लगाने में सक्षम होता है.

कवच प्रणाली मौजूदा सिग्नलिंग सिस्टम के साथ संपर्क बनाए रखती है और परिचालन से जुड़े प्राधिकृत व्यक्तियों को निरंतर जानकारी साझा करती है. यह प्रणाली किसी भी आपात स्थिति में स्टेशन और लोको ड्राइवर को तुरंत सचेत करने के साथ-साथ साइड-टक्कर, आमने-सामने की टक्कर और पीछे से होने वाली टक्करों की रोकथाम में पूर्णतः सक्षम है. प्रणाली रोल बैक, फॉरवर्ड और रिवर्स मूवमेंट के दौरान लगातार सतर्क रहती है और समपार फाटक की जानकारी स्वचालित रूप से प्रदान करती है.

बोले अधिकारी

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि यह प्रणाली यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय रेलवे के आधुनिक और सुरक्षित संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत पर आक्रोश, सड़क पर उतरे लोग, निकाली न्याय यात्रा

जहानाबाद
जहानाबाद में सड़क पर उतरे लोग.

Jehanabad News : जहानाबाद. पटना में पढ़ाई कर रही एक नीट छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे प्रदेश में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है. घटना के बाद लोगों ने न्याय की मांग तेज कर दी है. इसी सिलसिले में गोह से पटना तक निकाली गई न्याय यात्रा शुक्रवार को जहानाबाद पहुंची.

जहानाबाद में न्याय की मांग को आवाज

न्याय यात्रा जहानाबाद में प्रवेश करते ही लोगों ने नारेबाजी कर छात्रा के लिए न्याय की गुहार लगाई. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच जरूरी है. उनका कहना था कि छात्रा के साथ हुए कृत्य अमानवीय हैं और इसे किसी भी हाल में दबाया नहीं जाना चाहिए.

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दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

यात्रा में शामिल लोगों ने साफ कहा कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती, उनका आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि न्याय की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी.

पटना में न्याय यात्रा का समापन

शनिवार को न्याय यात्रा का समापन पटना में होगा. यहां यात्रा के प्रतिनिधि महामहिम राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और ज्ञापन सौंपेंगे. ज्ञापन में त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग शामिल होगी.

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Bihar News : बंजर भूमि पर एयरपोर्ट बनाइए, कृषि भूमि नहीं देंगे, सुलतानगंज के किसानों का प्रदर्शन

सुलतानगंज
सुलतानगंज के किसानों का प्रदर्शन.

Bihar News : सुलतानगंज में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण को लेकर किसानों का विरोध अब खुलकर सामने आने लगा है. गुरुवार को बड़ी संख्या में किसान चिन्हित जमीन पर एकत्र हुए और जमीन देने से इनकार करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया. किसानों ने साफ कहा कि किसी भी हाल में उपजाऊ कृषि भूमि पर हवाई अड्डा का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा.

चिन्हित जमीन पर सैकड़ों किसानों का प्रदर्शन

गुरुवार को सुलतानगंज क्षेत्र में जिस भूमि को एयरपोर्ट निर्माण के लिए चिन्हित किया गया है, वहां सैकड़ों की संख्या में किसान पहुंचे. किसानों ने नारेबाजी करते हुए सरकार के फैसले का विरोध किया और अपनी जमीन को बचाने का संकल्प दोहराया. प्रदर्शन स्थल पर माहौल तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण रहा.

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कृषि योग्य भूमि पर निर्भर है किसानों की आजीविका

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि चिन्हित की गई जमीन पूरी तरह उपजाऊ और खेती के लिए उपयोगी है. इसी जमीन से किसानों और उनके परिवारों का जीवन-यापन चलता है. यदि यह जमीन एयरपोर्ट निर्माण के लिए ली जाती है तो सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा.

जमीन देने से इनकार, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी हाल में अपनी जमीन नहीं देंगे. किसानों का कहना है कि यदि जबरन जमीन अधिग्रहण की कोशिश की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और प्रशासन को इसका जिम्मेदार ठहराया जाएगा.

सरकार से बंजर भूमि पर एयरपोर्ट निर्माण की मांग

किसानों ने सरकार से मांग की कि ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण किसी बंजर या अनुपयोगी भूमि पर कराया जाए. उनका कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन किसानों की आजीविका को खत्म कर विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता.

प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.

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