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Saturday, November 29, 2025
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Bhagalpur : भागलपुर में बैंक अधिकारियों का धरना, प्रबंधन के खिलाफ उठाई आवाज, जानें असली वजह

भागलपुर में बैंक अधिकारियों का धरना
भागलपुर में बैंक अधिकारियों का धरना

Bhagalpur : भारतीय मजदूर संघ एवं राष्ट्रीय बैंक अधिकारी संगठन से संबद्ध बिहार राज्य यूको बैंक अधिकारी संघ के आह्वान पर, यूको बैंक में कार्यरत भागलपुर के सभी अधिकारीगण एक दिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन पर रहे. इस धरने में अलग-अलग शाखा और अन्य बैंक के साथ भारतीय मजदूर संघ से लगभग 500 लोग शामिल हुए.

धरने का मुख्य उद्देश्य और अधिकारियों की मांगें

धरने का मुख्य उद्देश्य वर्तमान परिदृश्य में बैंककर्मी अत्यधिक तनाव का सामना कर रहे हैं और कार्य-जीवन संतुलन नहीं बना पा रहे. अधिकारियों ने कहा कि “महिलाओं, दिव्यांगजनों और अधिकारियों पर क्रूर हमला बंद होना चाहिए”, क्योंकि स्वास्थ्य, परिवार और कार्यालय तीनों महत्वपूर्ण हैं.

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अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि तीनों को बराबर समय देना अनिवार्य है, यानी स्वास्थ्य, परिवार और कार्यालय को 8-8 घंटे दिया जाना जरूरी है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूको बैंक भागलपुर का प्रबंधन सभी दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रहा है और बिहारी भावनाओं को कुचल रहा है, जिस पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए.

धरने का नेतृत्व और प्रमुख नेताओं की मौजूदगी

इस विशाल धरना प्रदर्शन की अगुवाई भारतीय मजदूर संघ बिहार के महासचिव संजय सिन्हा, अध्यक्ष राजेश कुमार पाल, और अखिल भारतीय यूको बैंक अधिकारी महासंघ के अध्यक्ष चंद्र मोहन सिंह ने की.

साथ ही Nobo सभी बैंक के महासचिव कुमार अविनाश और अध्यक्ष अभिषेक सिन्हा भी धरने में मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन BSUCBOA के अध्यक्ष श्री अवनीश वर्मा एवं अंचल सचिव आनंद कुमार सिंह ने किया.

अन्य नेताओं और संगठनों का समर्थन

धरने में बिहार राज्य बैंकर्स समिति के अध्यक्ष श्री अभिषेक सिन्हा और उप महासचिव श्री रोहित कुमार उपस्थित थे.
बिहार राज्य SC/ST एवं OBC परिषद के सचिव श्री योगेश कुमार ने भी प्रदर्शनकारियों के साथ सहमति व्यक्त की और प्रबंधन के कृत्यों पर असंतोष जताया.
इसके अलावा बिहार के उप महासचिव श्री श्याम कुमार भी कार्यक्रम में मौजूद रहे.

इन सभी नेताओं और संगठनों ने धरने के दौरान प्रबंधन के खिलाफ स्पष्ट समर्थन दिया और अधिकारियों की मांगों को सही ठहराया.

प्रबंधन को चेतावनी और भविष्य की रणनीति

धरने के दौरान अधिकारियों ने प्रबंधन को अपनी मांगें सौंप दी. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोमवार सुबह तक इन मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो पूरे राज्य में विस्तृत विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष केवल कामकाजी परिस्थितियों में सुधार और कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए है. उन्होंने कहा कि प्रबंधन द्वारा नियमों और दिशानिर्देशों का पालन न करना, कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव डालना और बिहारी भावनाओं को नजरअंदाज करना अस्वीकार्य है.

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भागलपुर में आज बंद रहेगी बिजली
भागलपुर में आज बंद रहेगी बिजली.

Bhagalpur News : मेंटेनेंस कार्यों के कारण मंगलवार को तातारपुर फीडर से जुड़े इलाकों में पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी. इस दौरान उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है. नाथनगर विद्युत सबडिवीजन के सहायक अभियंता स्वर्णिम कुमार ने बताया कि तातारपुर का शटडाउन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा.

गोराडीह और माछीपुर फीडर की भी ठप रहेगी बिजली

33 केवी लाइन बिछाने और अन्य रखरखाव कार्यों के कारण गोराडीह और माछीपुर फीडर से जुड़े क्षेत्रों में भी बिजली कटौती होगी. इन फीडरों के उपभोक्ताओं को रात 11 बजे से तड़के 3 बजे तक बिजली नहीं मिलेगी.

मशाकचक में मजदूर को लगा करंट का झटका

सोमवार को पोल पर तार लगाने के क्रम में एक मजदूर को बिजली का झटका लग गया. विद्युत विभाग के अनुसार यह घटना उसी कार्य के दौरान हुई.

मजदूर की स्थिति फिलहाल बेहतर

सौभाग्य से मजदूर को गंभीर चोट नहीं आई. विभाग ने बताया कि वह सुरक्षित है और फिलहाल उसकी स्थिति बेहतर बताई जा रही है.

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हवाई अड्डा इलाके में छिनतई
हवाई अड्डा इलाके में छिनतई

Bihar Crime : बिहार के बांका जिले के तुरडीह गांव में 25 साल की शादीशुदा युवती की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई. घटना बाराहाट थाना क्षेत्र में रविवार रात हुई. सोमवार को युवती का शव गांव के पास समदा बहियार से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए बांका भेजा गया. हत्या का मुख्य आरोपी छोटू कुमार मंडल, विजय मंडल का बेटा, फरार है और उसके घर में ताला लगा है.

छोटी बहन ने बताया कैसे हुई हत्या की रात घटना

युवती की छोटी बहन ने बताया कि उसकी बड़ी बहन का आरोपी के साथ पिछले चार सालों से प्रेम संबंध चल रहा था. हत्या की रात आरोपी बहन से मिलने आया और उसे खेत की ओर बुलाया. छोटी बहन कुछ दूरी तक बहन के साथ गई लेकिन देर होने पर घर लौट गई. रात 3 बजे तक बहन घर नहीं लौटी. सुबह पता चला कि उसकी बहन की हत्या हो चुकी है.

पुलिस जांच जुटी और एफएसएल मुआयना

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घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने खून से लथपथ शव को देखा और शोर मचाया. घटना स्थल पर युवती के पति, मां रेखा देवी, पिता गुज्जर दास और ससुर शुक्र दास सहित परिजन पहुंचे. बौसी पुलिस और बाराहाट थानाध्यक्ष महेश गुप्ता भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने क्षेत्र को सील कर एफएसएल टीम को बुलाया. भागलपुर से आई टीम ने शव और आसपास का मुआयना किया और खून के सैंपल जांच के लिए ले गए. घटनास्थल से घड़ी, दो शॉल और अन्य चीजें बरामद हुई हैं. महिला पुलिस पदाधिकारी की मौजूदगी में अंदरुनी जांच भी की गई. प्रारंभिक जांच में आशंका है कि हत्या से पहले युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए गए थे.

गला रेतकर हत्या की संभावना, गिरफ्तारी के निर्देश

अनुमंडल पदाधिकारी इंद्रजीत बैठा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला गला रेतकर हत्या का प्रतीत होता है. एफएसएल टीम मामले की बारीकी से जांच कर रही है. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सभी आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

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हर महीने 60,000 सैलरी के लिए तुरंत करें अप्लाई, SAIL ने निकाली नई भर्ती

SAIL ने निकाली नई भर्ती
SAIL ने निकाली नई भर्ती.

SAIL Recruitment 2025 : स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने 2025 के लिए नई भर्ती की घोषणा कर दी है. यह मौका तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए अहम है. इच्छुक उम्मीदवार SAIL की आधिकारिक वेबसाइट sail.co.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

आवेदन की समयसीमा कबतक ?

इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 15 नवंबर 2025 से शुरू हो चुकी है. उम्मीदवारों को 5 दिसंबर 2025 तक आवेदन जमा करने का अवसर मिलेगा. तय समय के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए उम्मीदवारों को समय रहते फॉर्म भरना आवश्यक है.

कैसे करें आवेदन ?

  • sail.co.in पर जाएं और Career/Recruitment सेक्शन खोलें.
  • “SAIL Management Trainee Technical 2025” लिंक पर क्लिक करें.
  • Apply Online पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन करें.
  • व्यक्तिगत जानकारी, डॉक्यूमेंट और फोटो अपलोड करें.
  • आवेदन शुल्क (यदि लागू हो) ऑनलाइन जमा करें.
  • फॉर्म सबमिट करें और उसका प्रिंट आउट सुरक्षित रखें.

नेजमेंट ट्रेनी टेक्निकल (MTT) पदों पर नियुक्तियां के लिए योग्यता

SAIL इस भर्ती के माध्यम से मैनेजमेंट ट्रेनी टेक्निकल (MTT) पदों पर नियुक्तियां करेगा. इसके लिए उम्मीदवार के पास संबंधित ट्रेड में इंजीनियरिंग की डिग्री (BE/BTech) होना अनिवार्य है. यह पद तकनीकी फील्ड में सरकारी नौकरी की तलाश रखने वाले युवाओं के लिए उपयुक्त है.

सैलरी और प्रमोशन

MTT पद पर चयनित उम्मीदवार को शुरुआती बेसिक सैलरी 50,000 रुपये मिलेगी. असिस्टेंट मैनेजर बनने पर सैलरी 60,000 रुपये से लेकर 1,80,000 रुपये तक बढ़ सकती है. अनुभव और प्रदर्शन के अनुसार आय में वृद्धि होती रहती है, जो इसे युवाओं में लोकप्रिय बनाती है.

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Sheikh Hasina : शेख हसीना को मिली मौत की सजा, बांग्लादेश की ICT का आया फैसला; जानें किस अपराध में ठहराया दोषी

शेख हसीना को मिली मौत की सजा
शेख हसीना को मिली मौत की सजा.

Sheikh Hasina : बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (ICT) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई है. यह फैसला जुलाई–अगस्त 2024 के दौरान हुए आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और हत्याओं के मामलों में दिया गया. शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया गया.

अपराधों के मुकदमे और अन्य आरोपी

इस मामले में हसीना के अलावा पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून पर भी मुकदमा चला. ICT ने सोमवार को जस्टिस मोहम्मद गोलाम मुर्तुजा मोजुमदार की अध्यक्षता में यह फैसला सुनाया, जिसे लाइव प्रसारित किया गया.

फैसले की विस्तार से जानकारी

जजों ने 453 पन्नों के फैसले के छह हिस्सों में से कई हिस्से पढ़कर सुनाए. इनमें शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों में सर्वोच्च दोषी ठहराया गया. वहीं, पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को मौत की सजा से राहत दी गई, क्योंकि उन्होंने सरकारी गवाह के रूप में सहयोग किया.

बांग्लादेश की ICT का फैसला, तीन मुख्य आरोपों में दोषी ठहराया

बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (ICT) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई. शेख हसीना और उनके साथ पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल तथा पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून के खिलाफ मुकदमा चला.

तीन मुख्य आरोप
ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को तीन आरोपों में दोषी पाया:

  • न्याय में बाधा डालना.
  • हत्याओं का आदेश देना.
  • दंडात्मक हत्याओं को रोकने के लिए कदम न उठाना.

जजों ने कई रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि ढाका में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शेख हसीना ने हेलीकॉप्टर और घातक हथियारों के इस्तेमाल के आदेश दिए. घायलों को चिकित्सा सुविधा से वंचित किया गया और अस्पताल में भर्ती किए गए पीड़ितों के निशान छिपाए गए. एक डॉक्टर को पोस्ट-मोर्टम रिपोर्ट बदलने की धमकी भी दी गई.

फायरिंग और संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट

कोर्ट में शेख हसीना के एक ऑडियो को प्रस्तुत किया गया, जिसमें वह प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग का आदेश देती दिखीं. ICT ने अपनी रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया, जिसमें जुलाई–अगस्त 2025 के संघर्ष में 1,400 लोगों के मारे जाने की बात कही गई. फैसला सुनाए जाने पर पीड़ित परिवारों के लोग रोते हुए देखे गए, जबकि कोर्ट में मौजूद अन्य लोग तालियां बजा रहे थे.

2024 चुनाव और बिगड़ता मामला

78 वर्षीय शेख हसीना के खिलाफ मामला जनवरी 2024 में चुनावों के बाद शुरू हुआ. विपक्षी पार्टियों के चुनाव न लड़ने और उनके जीत को तानाशाही का रूप देने के आरोप लगे. अगस्त 2024 में छात्र विद्रोह के बाद बांग्लादेश में हिंसा फैल गई. अंततः शेख हसीना को 5 अगस्त को बांग्लादेश छोड़कर भारत आना पड़ा. उनकी अनुपस्थिति में अंतरिम सरकार ने आवामी लीग को बैन कर दिया.

मुकदमे की प्रक्रिया

ICT-1 ने जुलाई विद्रोह के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में 453 पन्नों का फैसला पढ़ा. मामून राज्य गवाह बने और अभियोजन ने पांच आरोप दायर किए, जिसमें मृत्युदंड और संपत्ति ज़ब्त करने की मांग की गई. मुकदमे में 81 गवाहों में से 54 ने गवाही दी, जिसमें पूर्व IGP और जांच अधिकारी भी शामिल थे. 23 अक्टूबर को बहस पूरी हुई और ट्रिब्यूनल ने 17 नवंबर को फैसला सुनाया.

अलग-अलग आरोप

  • काउंट 1: हत्या, हत्या का प्रयास, यातना और अन्य अमानवीय कृत्य.
  • काउंट 2: छात्र प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए हथियारों, हेलीकॉप्टर और ड्रोन का आदेश.
  • काउंट 3: बेगम रौकैया विश्वविद्यालय के छात्र अबु सैयद की हत्या.
  • काउंट 4: चांकहरपुल में छह निहत्थे प्रदर्शनकारियों की हत्या की साजिश.
  • काउंट 5: पांच प्रदर्शनकारियों की गोली मारकर हत्या और एक को घायल करना.

फिलहाल शेख हसीना भारत में, नहीं दिया जा सकता है दंड

शेख हसीना वर्तमान में भारत में हैं. इसलिए उन्हें बांग्लादेश में कोई दंड नहीं दिया जा सकता. अधिकारियों ने कहा कि बांग्लादेश इस मामले को सभी कानूनी विकल्पों के तहत देखेगा.

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Jitan Ram Manjhi : बिहार में नई कैबिनेट का फॉर्मूला तय; मंत्री-बंटवारे पर मांझी का बड़ा बयान, 20 तारीख को शपथ ग्रहण

मंत्री-बंटवारे पर मांझी का बड़ा बयान
मंत्री-बंटवारे पर मांझी का बड़ा बयान.

Jitan Ram Manjhi : बिहार चुनाव में एनडीए ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की है. इस जीत के बाद नई सरकार के गठन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया है. इसी बीच बिहार कैबिनेट को लेकर कयास और चर्चाएं तेज हो गई हैं. नई कैबिनेट में किस पार्टी से कितने मंत्री होंगे, इसका फॉर्मूला क्या होगा और कौन-कौन मंत्री बन सकते हैं, यह सब चर्चा का विषय बन गया है.

जीतन राम मांझी ने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अखबारों और मीडिया में पूरी खबर चल रही है. हमें व्यक्तिगत रूप से इस बारे में अभी कुछ नहीं कहना है. 20 तारीख को शपथ ग्रहण समारोह होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वहां उपस्थित रहेंगे. मीडिया में जो नाम सामने आ रहे हैं, उनके अनुसार कैबिनेट में लगभग 35-36 मंत्री शामिल हो सकते हैं. इसमें 16 भाजपा, 14-15 जदयू, 3 लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और 1-1 हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (एस) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के मंत्री शामिल हो सकते हैं.”

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जनता की जीत ने सभी दलों को उत्साहित कर दिया

जीतन राम मांझी ने इस अवसर पर बिहार की जनता का तहे दिल से धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि जनता की इस जीत ने सभी दलों को उत्साहित कर दिया है. हालांकि उन्होंने आधिकारिक तौर पर नई कैबिनेट के गठन की पुष्टि नहीं की, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से पार्टी-wise मंत्री संख्या का अनुमान साझा किया. उन्होंने यह भी बताया कि शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी होगी.

संभावित मंत्रियों के नामों को लेकर कयासबाजी जोरों पर

राजनीतिक हलकों में पटना जिले से संभावित मंत्रियों के नामों को लेकर कयासबाजी जोरों पर है. पार्टी नेताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच यह उम्मीद है कि इस बार पटना जिले से दो चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. पिछले मंत्रिमंडल में भी पटना जिले से दो-दो मंत्री रहे हैं. पिछली विधानसभा में पटना की 14 सीटों में महागठबंधन ने नौ और भाजपा ने पांच सीटें जीती थीं. इसके बावजूद पटना सिटी से नंद किशोर यादव और बांकीपुर से नितिन नवीन मंत्री बने थे. बाद में महागठबंधन के साथ मिलकर मंत्रिमंडल का गठन हुआ था.

नई कैबिनेट का आकार लगभग तय

जानकारी के मुताबिक, नई कैबिनेट का आकार लगभग 35-36 मंत्री होगा. भाजपा और जदयू के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए 16 भाजपा और 14-15 जदयू के मंत्री रखे जाने की योजना है. वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से तीन, हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (एस) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा से एक-एक मंत्री की संभावनाएं हैं. राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि यह फॉर्मूला एनडीए के भीतर संतुलन और सभी घटक दलों की महत्वता को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है.

शपथ ग्रहण की जारों पर तैयारियां

सूत्रों के अनुसार, 20 नवंबर को गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा. इस कार्यक्रम के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और पंडाल निर्माण समेत अन्य तैयारियां पूरी की जा रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी समारोह में मौजूद रहेंगे. समारोह के दौरान सभी नए मंत्रियों को पद और गोपनीय शपथ दिलाई जाएगी.

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Big News : नीतीश कुमार का सीएम पद से इस्तीफा, नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज

CM Resignation
CM Resignation

Bihar News: नई विधानसभा के गठन से पहले बिहार राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की अंतिम बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में सरकार के इस्तीफे और विधानसभा भंग करने के प्रस्ताव पर मुहर लगी. बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन पहुंचे और अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

इस्तीफा और राजभवन का दौरा

कैबिनेट ने विधानसभा भंग करने और सरकार के इस्तीफे के एजेंडे पर निर्णय लेने के लिए नीतीश कुमार को अधिकृत किया. इसके बाद मुख्यमंत्री अपने सहयोगियों के साथ राजभवन पहुंचे. उनके साथ समस्त मंत्री, जिसमें सम्राट चौधरी भी शामिल थे, मौजूद रहे. नीतीश कुमार ने राज्यपाल को सरकार और विधानसभा भंग करने की सिफारिश सौंप दी. राज्यपाल ने अगले आदेश तक उन्हें कामकाज संभालने की अनुमति दी.

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कैबिनेट की बैठक में पास हुए तीन प्रस्ताव

जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बैठक में तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए गए. पहला, वर्तमान विधानसभा को 19 नवंबर से भंग करने की अनुशंसा. दूसरा, पूरे कार्यकाल में राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों के सकारात्मक योगदान और सरकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन की सराहना. तीसरा, एनडीए को हाल के चुनाव में मिली भारी सफलता और नीतीश कुमार के नेतृत्व की प्रशंसा.

नई सरकार का गठन और शपथ ग्रहण की तैयारी

राजभवन सूत्रों के अनुसार, 20 नवंबर को नई सरकार का गठन किया जाएगा. उसी दिन नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं. समारोह की सुरक्षा के लिए पंडाल निर्माण और अन्य तैयारियां पूरी की जा रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस समारोह में शामिल होंगे.

विधायक दल की बैठक और राजनीतिक हलचल

बीजेपी और जदयू विधायक दल की बैठक मंगलवार को आयोजित होगी. इसके बाद एनडीए की संयुक्त बैठक में नीतीश कुमार को नेता चुना जाएगा. वहीं, राजद के नए निर्वाचित विधायकों और हारे हुए प्रत्याशियों को पटना बुलाया गया है. तेजस्वी यादव उनकी बैठक लेंगे. चुनाव परिणामों के बाद एनडीए में सक्रियता है, जबकि राजद और कांग्रेस के खेमे में सन्नाटा छाया है. लालू परिवार में कलह जारी है. रोहिणी के बाद उनकी तीन बेटियां—राजलक्ष्मी, चंदा और रागिनी—पटना से दिल्ली मीसा भारती से मिलने चली गई हैं.

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बिहार के मेडिकल कॉलेजों में नीट पीजी की सीटें बढ़ीं, मेडिकल छात्रों को बड़ी राहत

मेडिकल कॉलेजों में नीट पीजी की सीटें बढ़ीं
मेडिकल कॉलेजों में नीट पीजी की सीटें बढ़ीं

Bihar NEET PG Seats: बिहार से मेडिकल पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर सामने आई है. राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में पीजी सीटों की संख्या बढ़ाकर अब 204 कर दी गई है. पहले यहां 192 सीटें उपलब्ध थीं, लेकिन हाल ही में 12 नई सीटों को मंजूरी दे दी गई. अलग-अलग जिलों के मेडिकल संस्थानों को इसका लाभ मिलेगा.

हर जिले में बढ़ाई जाएंगी पीजी सीटें

कुल पीजी सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें उन छात्रों के लिए आरक्षित रहेंगी जिन्होंने अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई बिहार के मेडिकल कॉलेजों से पूरी की है. स्वास्थ्य विभाग की योजना है कि हर जिले के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में पीजी कोर्स उपलब्ध कराया जा सके. सभी संस्थानों से इसके लिए प्रस्ताव मांगने की तैयारी शुरू कर दी गई है.

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इन जिलों में बढ़ीं अलग-अलग विभागों की सीटें

  • दरभंगा मेडिकल कॉलेज: साइकेट्री में 2 नई सीटें
  • सीवान जिला अस्पताल: ओबीजी (Obstetrics & Gynecology) में 2 सीटों की बढ़ोतरी
  • सारण मेडिकल कॉलेज: जनरल मेडिसिन में 2 और एनेस्थिसिया में 2 सीटें
  • मधेपुरा जिला अस्पताल: ओबीजी में 4 नई सीटें

नीट यूजी की तुलना में पीजी सीटें अब भी कम

राज्य के 21 जिलों में पहले से ही मेडिकल पीजी पढ़ाई की मंजूरी है, लेकिन अब सीटें बढ़ने से छात्रों को और विकल्प मिलेंगे. यह भी ध्यान देने योग्य है कि एमबीबीएस यानी नीट यूजी की सीटें बिहार में लगभग 3170 हैं, जो सरकारी और निजी कॉलेजों को मिलाकर तीन हजार से भी अधिक हैं. इसके मुकाबले पीजी सीटों की उपलब्धता कम बनी हुई थी.

DNB के तहत 60 सीटें और बढ़ने की उम्मीद

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (DNB) के तहत 60 और सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (NBEMS) के पास लंबित है. उम्मीद है कि जल्द ही इन सीटों को भी स्वीकृति मिल जाएगी.

हेल्थ सेक्टर को मिलेगी मजबूती

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि पीजी सीटों में बढ़ोतरी से बिहार के एमबीबीएस छात्रों को अब उच्च अध्ययन के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा. इससे प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी काफी हद तक दूर होने की संभावना है.

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सऊदी अरब में दर्दनाक हादसा; उमरा यात्रियों से भरी बस डीजल टैंकर से टकराई, 42 भारतीयों की मौत की आशंका

Saudi Arabia Bus Accident
प्रतिकात्मक तस्वीर.

Saudi Arabia Bus Accident: सऊदी अरब में सोमवार तड़के एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई, जब मक्का से मदीना जा रही उमरा यात्रियों की बस एक डीज़ल टैंकर से जा भिड़ी. टक्कर इतनी भयावह थी कि बस देखते ही देखते आग का गोला बन गई. शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे में 42 भारतीय तीर्थयात्रियों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है. यह दुर्घटना भारतीय समयानुसार करीब 1:30 बजे मुफरिहात इलाके में हुई.

बताया जा रहा है कि मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. सभी तीर्थयात्री हैदराबाद के रहने वाले बताए जा रहे हैं. हादसे के समय बस में करीब 20 महिलाएं और 11 बच्चे सवार थे. कई यात्री सफर के दौरान गहरी नींद में थे, जिस कारण वे बाहर नहीं निकल सके.

मक्का में धार्मिक अनुष्ठान पूरे करने के बाद सभी यात्री मदीना की ओर जा रहे थे. स्थानीय लोगों ने 42 मौतों की पुष्टि की है, हालांकि अधिकारी अब भी मृतकों की वास्तविक संख्या और घायलों की स्थिति की जांच कर रहे हैं. इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, लेकिन इसकी हैलोसिटीज24 पुष्टि नहीं करता है.

मीडिया वन की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

मीडिया वन के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त बस में कुल 43 यात्री मौजूद थे. इनमें से सिर्फ एक शख्स के जीवित बचने की संभावना जताई गई है, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सभी यात्री मक्का में उमराह की रस्में पूरी करने के बाद मदीना की ओर जा रहे थे. हादसा कैसे हुआ, इसकी वजहें अभी स्पष्ट नहीं हैं. सऊदी प्रशासन भी हालात का आकलन कर रहा है और घटनास्थल की जांच जारी है.

ओवैसी ने जताया दुख, सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस भयावह हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने बताया कि वे लगातार अधिकारियों से संपर्क में हैं ताकि सही और प्रमाणित जानकारी मिल सके.
ANI से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि उन्होंने दो हैदराबाद-आधारित ट्रैवल एजेंसियों से जुड़े डेटा को रियाद स्थित भारतीय दूतावास और विदेश सचिव के साथ साझा किया है.

उन्होंने केंद्र सरकार और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से आग्रह किया कि मृतकों के शव जल्द से जल्द भारत लाए जाएँ और यदि कोई घायल है तो उसके उपचार की पूरी व्यवस्था हो.

दूतावास से बातचीत, राहत समन्वय तेज

ओवैसी ने रियाद में भारतीय दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन अबु मैथेन जॉर्ज से भी बात की. उन्होंने जानकारी दी कि दूतावास लगातार घटना से जुड़ी जानकारी इकट्ठा कर रहा है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

तेलंगाना सरकार भी सक्रिय, अधिकारियों को निर्देश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हादसे पर शोक जताते हुए मुख्य सचिव और डीजीपी को निर्देश दिया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के कितने लोग इस दुर्घटना में शामिल थे.
सऊदी अधिकारियों ने अभी तक घायल बचे व्यक्ति की स्थिति या कारणों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. राहत टीमें मौके पर तैनात हैं जबकि भारतीय दूतावास लगातार जानकारी जुटाने में लगा हुआ है.

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Muzaffarpur: महिला की हत्या और शव जलाने का सनसनीखेज मामला

Muzaffarpur News
महिला की हत्या और शव जलाने का सनसनीखेज मामला

Muzaffarpur News : मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र में एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत और शव जलाए जाने का मामला सामने आया है. परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

हत्या के बाद शव जलाने का आरोप

सकरा थाना क्षेत्र के मछही गांव में 35 वर्षीय प्रमीला देवी की मौत और शव जलाने की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया. मृतका के पिता राम सकल महतो, जो पियर थाना क्षेत्र के सिमरा गांव निवासी हैं, ने रविवार शाम सकरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई. इसमें पति अनिल महतो, ससुर विरेन्द्र महतो सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या और सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया गया है.

विवादों से भरा था वैवाहिक जीवन

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एफआईआर में कहा गया है कि प्रमीला की शादी 15 वर्ष पहले मछही गांव के अनिल महतो से हुई थी. पिता के अनुसार, शादी के बाद से ही परिवार में लगातार विवाद चलता रहा. आरोप है कि इसी विवाद के कारण ससुराल पक्ष ने उसकी हत्या कर शव को जला दिया.

स्थानीय लोगों से मिली सूचना

परिजनों ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें घटना की सूचना दी. जब वे मछही गांव पहुंचे, तो हत्या और शव जलाने की बात सामने आई. घटना के बाद गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है.

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच कर रही है. घटनास्थल और गवाहों के बयान को आधार बनाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

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