पेरिस में भारतीय छात्रों का कमाल, सभी पांच प्रतिभागियों ने जीते गोल्ड मेडल, रचा इतिहास

International Physics Olympiad 2026: फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलिंपियाड (International Physics Olympiad-IPhO) 2026 में भारतीय छात्रों ने इतिहास रच दिया है. प्रतियोगिता में भारत के सभी पांच प्रतिभागियों ने गोल्ड मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाया. इसके साथ ही भारत ने 87 देशों के बीच अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया.

381 विद्यार्थियों ने लिया था प्रतियोगिता में हिस्सा

इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया के 87 देशों से कुल 381 विद्यार्थियों ने भाग लिया. भारतीय टीम के सभी पांच छात्रों ने गोल्ड मेडल अपने नाम किए. इंटरनेशनल फिजिक्स ओलिंपियाड के इतिहास में यह पहला मौका है, जब भारत के सभी प्रतिभागी गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहे.

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इन छात्रों ने जीता गोल्ड मेडल

  • कार्तिकेयन एस — महाराष्ट्र
  • दृष्टि अग्रवाल — मध्य प्रदेश
  • सौरभ यादव — राजस्थान
  • सूर्यम गंगवार — महाराष्ट्र
  • श्रेष्ठ गुप्ता — महाराष्ट्र

कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद मिली टीम में जगह

भारतीय टीम का चयन होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE), टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR), मुंबई ने किया. टीम में शामिल होने से पहले सभी छात्रों ने कई चरणों वाली कठिन चयन प्रक्रिया पूरी की और विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया. इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया.

भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

इंटरनेशनल फिजिक्स ओलिंपियाड 2026 में सभी पांच प्रतिभागियों के गोल्ड मेडल जीतने के साथ भारत ने प्रतियोगिता के इतिहास में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है. यह उपलब्धि भारतीय छात्रों की प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण है. साथ ही यह देश में विज्ञान, शिक्षा और शोध के बढ़ते स्तर को भी दर्शाती है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी.

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जमीन की रजिस्ट्री होगी डिजिटल, 1 अगस्त से पूरे बिहार में लागू होगी नई व्यवस्था

Bihar Land Registry: बिहार में जमीन और मकान की रजिस्ट्री की प्रक्रिया अब पूरी तरह बदलने जा रही है. राज्य सरकार अगस्त से सभी निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने जा रही है. इसके बाद रजिस्ट्री के लिए कागजी फाइलों का झंझट काफी हद तक खत्म हो जाएगा. दस्तावेजों की तैयारी से लेकर जांच, सत्यापन और रजिस्ट्री तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होगी.

हाजीपुर में शुरू हुई व्यवस्था, 18 जुलाई से नौ और कार्यालय होंगे शामिल

राज्य में इस नई व्यवस्था की शुरुआत हाजीपुर जिला निबंधन कार्यालय से हो चुकी है. निबंधन विभाग के अनुसार 18 जुलाई से राज्य के नौ और निबंधन कार्यालय भी इससे जुड़ जाएंगे. इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पटना, मधुबनी समेत अन्य जिलों के निबंधन कार्यालयों में भी पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू की जाएगी.

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डिजिटल हस्ताक्षर के बाद पूरी होगी प्रक्रिया

नई व्यवस्था में दस्तावेजों की तैयारी, उनकी जांच, सत्यापन और रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. खरीदार, विक्रेता और संबंधित अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर होने के बाद ही रजिस्ट्री पूरी मानी जाएगी. इससे कागजी दस्तावेजों का उपयोग कम होगा और पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक होगी.

कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

पेपरलेस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित कर्मचारियों और अन्य हितधारकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. विभाग का मानना है कि इससे लोगों का समय बचेगा और उन्हें रजिस्ट्री के लिए लंबी कतार में लगने या बार-बार निबंधन कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

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फिलहाल मिल रही ई-निबंधन की सुविधा

जिन निबंधन कार्यालयों में अभी डिजिटल व्यवस्था लागू नहीं हुई है, वहां फिलहाल ई-निबंधन की सुविधा जारी रहेगी. जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री कराने वाले लोग विभाग की वेबसाइट enibandhan.bihar.gov.in पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं. इसके बाद अपनी सुविधा के अनुसार तिथि और समय लेकर संबंधित निबंधन कार्यालय पहुंचकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.

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भागलपुर में आज 4 घंटे का पावर कट, नगर निगम फीडर क्षेत्र में नहीं मिलेगी बिजली

Bhagalpur Power Cut: भागलपुर में नगर निगम फीडर से जुड़े इलाकों के लोगों को मंगलवार को चार घंटे बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा. बिजली विभाग की ओर से लाइन मेंटेनेंस और पेड़ों की टहनियों की छंटाई के लिए शटडाउन लिया गया है. इस दौरान नगर निगम फीडर से जुड़े सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी.

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11 बजे से तीन बजे तक नहीं मिलेगी बिजली

बिजली विभाग के कनीय अभियंता ने बताया कि आवश्यक रखरखाव कार्य और बिजली लाइनों के पास पहुंच चुकी पेड़ों की टहनियों की छंटाई के लिए मंगलवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नगर निगम फीडर को बंद रखा जाएगा. इस अवधि में फीडर से जुड़े सभी मोहल्लों और इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी.

Bhagalpur Power Cut: उपभोक्ताओं से पहले ही तैयारी करने की अपील

विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि शटडाउन शुरू होने से पहले पानी की व्यवस्था सहित अपने सभी आवश्यक कार्य पूरे कर लें, ताकि चार घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रहने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.

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बांकीपुर से BJP उम्मीदवार की संपत्ति का खुलासा, जानिए कितने अमीर हैं भाजपा प्रत्याशी

Neeraj Kumar Net Worth: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार नीरज कुमार ने 13 जुलाई को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया. नामांकन के साथ निर्वाचन आयोग में दाखिल चुनावी हलफनामे से उनकी संपत्ति, आय, शैक्षणिक योग्यता और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां सार्वजनिक हो गई हैं. हलफनामे के अनुसार नीरज कुमार की उम्र 32 वर्ष है और वह पटना के मीठापुर इलाके के निवासी हैं.

20.28 लाख रुपये की कुल संपत्ति

चुनावी हलफनामे के मुताबिक नीरज कुमार के पास कुल 20.28 लाख रुपये की संपत्ति है. इसमें 12,28,554 रुपये की चल संपत्ति शामिल है. चल संपत्ति में नकद राशि, बैंक खातों में जमा धनराशि और आभूषण शामिल हैं.

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70 हजार नकद, बैंक खातों में 9.24 लाख से अधिक जमा

हलफनामे के अनुसार नीरज कुमार के पास 70 हजार रुपये नकद हैं. वहीं, पटना स्थित एसबीआई और यूको बैंक के खातों में 9.24 लाख रुपये से अधिक जमा हैं.

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सोने की चेन, अंगूठी और 300 ग्राम चांदी भी है

नीरज कुमार के पास एक सोने की चेन, एक सोने की अंगूठी और 300 ग्राम चांदी भी है. हलफनामे के अनुसार इन आभूषणों का कुल बाजार मूल्य करीब 2.35 लाख रुपये है.

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आठ लाख रुपये की पुश्तैनी कृषि भूमि

अचल संपत्ति के रूप में नीरज कुमार के पास करीब आठ लाख रुपये मूल्य की पुश्तैनी कृषि भूमि है. यह जमीन गोना इलाके में स्थित है. हलफनामे में उन्होंने बताया है कि उनके नाम पर कोई व्यावसायिक भवन या निजी आवास नहीं है.

न बैंक का कर्ज, न कोई आपराधिक मामला

हलफनामे के अनुसार नीरज कुमार पर किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था का कोई कर्ज नहीं है. उन्होंने किसी प्रकार की देनदारी घोषित नहीं की है. वहीं, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और न ही किसी अदालत में कोई मामला लंबित है.

सामाजिक कार्य और व्यापार से होती है आय

नीरज कुमार ने अपनी आय का स्रोत सामाजिक कार्य और व्यापार बताया है. उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी कुल आय 6,71,760 रुपये घोषित की है.

2012 में मैट्रिक, 2024 में पूरी की स्नातक की पढ़ाई

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो नीरज कुमार ने वर्ष 2012 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की थी. इसके बाद उन्होंने मगध विश्वविद्यालय के अंतर्गत मगध महाविद्यालय, सकुराबाद से वर्ष 2024 में स्नातक की डिग्री हासिल की.

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भागलपुर : एयरपोर्ट क्षेत्र के नोटिस पर घेराव, सफाईकर्मियों ने जड़ा ताला, पूरे दिन हंगामे की भेंट चढ़ा नगर निगम

Bhagalpur News : नगर निगम कार्यालय में सोमवार का दिन हंगामे और विरोध-प्रदर्शन के नाम रहा. एयरपोर्ट क्षेत्र में बसे लोगों को जारी नोटिस के विरोध में स्थानीय लोगों ने निगम कार्यालय का घेराव किया. इसी दौरान मानदेय भुगतान नहीं मिलने से नाराज सफाईकर्मियों ने मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया. वहीं, नगर निगम के लिए होल्डिंग टैक्स वसूली करने वाली एजेंसी के कर्मचारियों ने भी लंबित वेतन और अन्य बकाया राशि के भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. लगातार हुए तीन अलग-अलग प्रदर्शनों से निगम कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा.

एयरपोर्ट क्षेत्र के नोटिस पर भड़के लोग

हवाई अड्डा क्षेत्र के आसपास स्थित भवनों को नगर निगम की ओर से जारी नोटिस के विरोध में वार्ड संख्या-31 के दर्जनों निवासी मुकेश मिश्रा के नेतृत्व में निगम कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया. नगर आयुक्त के कार्यालय में नहीं रहने पर निगम कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को सभागार में बैठाया. बाद में मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने अधिकारियों के साथ प्रतिनिधिमंडल की आपात बैठक कर लोगों की बातें सुनीं.

1 सितंबर से तीन महीने के लिए बंद रहेगा विक्रमशिला सेतु

बैठक में लोगों ने कहा कि नगर निगम वर्षों से ‘ऑफ सेंट्रल जेल रोड’ के आधार पर मकानों की ऊंचाई और आकार के अनुसार होल्डिंग टैक्स वसूल रहा है. ऐसे में अब अचानक भवनों की ऊंचाई का नया मानक लागू कर नोटिस जारी करना उचित नहीं है. लोगों ने इसे नागरिकों के साथ अन्याय बताया. इस पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल केवल स्वीकृत नक्शों की जांच की जा रही है. हालांकि स्थानीय लोगों ने नोटिस वापस लेने की मांग दोहराई.

मेयर ने कार्रवाई स्थगित करने का दिया निर्देश

हंगामे के बाद मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त को पत्र लिखा. उन्होंने वार्ड संख्या-31 एवं तिलकामांझी क्षेत्र के मकान मालिकों को जारी नोटिस तथा अवैध निर्माण से संबंधित जांच और अन्य कार्रवाई को जनहित में तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्देश दिया.

मेयर ने पत्र में कहा कि स्थानीय लोगों के सामूहिक आवेदन में दस्तावेजों में स्पष्ट उल्लेख का अभाव, दशकों से आबाद क्षेत्र, नए हवाई अड्डे का विकल्प, नोटिस के लिए कम समय सीमा और बढ़ते जन असंतोष जैसे कई गंभीर व व्यावहारिक मुद्दे उठाए गए हैं. उन्होंने राज्य सरकार को पूरे मामले से अवगत कराकर आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने का भी निर्देश दिया, ताकि शांति व्यवस्था और जनहित दोनों सुरक्षित रह सकें.

एयरपोर्ट की जमीन के उपयोग पर भी उठी मांग

बैठक के दौरान स्थानीय लोगों ने कहा कि सुल्तानगंज में नए हवाई अड्डे के निर्माण के बाद शहर के बीच स्थित वर्तमान हवाई अड्डे की उपयोगिता समाप्त हो जाएगी. उन्होंने मांग की कि इस परिसर को आवासीय कॉलोनी के रूप में विकसित किया जाए या यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर पार्क अथवा स्टेडियम बनाया जाए.

प्रदर्शन और बैठक में निरंजन पोद्दार, ललन पांडेय, शैलेश मिश्रा, गौरव राय सहित वार्ड संख्या-31 के कई लोग मौजूद रहे.

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मानदेय नहीं मिलने पर सफाईकर्मियों ने जड़ा ताला

दूसरी ओर, बरारी पुल घाट पर तैनात रहे सफाईकर्मियों ने मानदेय भुगतान में देरी के विरोध में नगर निगम कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया. आक्रोशित कर्मियों ने निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया, जिससे कुछ देर तक कार्यालय का कामकाज बाधित रहा. बाद में अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर सफाईकर्मियों ने ताला खोल दिया.

मई में विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद बरारी घाट से नावों का संचालन शुरू किया गया था. यात्रियों की भीड़ को देखते हुए नगर निगम ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से घाटों पर सफाईकर्मियों की तैनाती की थी. पुल पर परिचालन सामान्य होने के बाद घाट की व्यवस्था समाप्त कर दी गई, लेकिन करीब एक माह बाद भी भुगतान नहीं मिलने से कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया.

स्वास्थ्य शाखा प्रभारी आदित्य जायसवाल ने बताया कि संबंधित सफाईकर्मियों को भुगतान के लिए पहले ही 14 जुलाई को बुलाया गया था. उन्होंने आश्वासन दिया कि मंगलवार को सभी कर्मियों के लंबित मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा.

होल्डिंग टैक्स एजेंसी के कर्मचारियों ने भी किया प्रदर्शन

सोमवार को नगर निगम के लिए होल्डिंग टैक्स वसूली करने वाली एजेंसी के कर संग्रहकों और अन्य कर्मचारियों ने भी लंबित वेतन, ईपीएफ, ईएसआईसी तथा अन्य बकाया राशि के भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

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भागलपुर : क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ ग्रामीण बैंक कर्मियों का प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

Bhagalpur News: बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में सोमवार को क्षेत्रीय प्रबंधक के कथित तानाशाही रवैये के विरोध में कर्मचारियों का आक्रोश देखने को मिला. बिहार ग्रामीण बैंक एम्प्लॉय फेडरेशन और ऑफिसर फेडरेशन के संयुक्त बैनर तले आयोजित प्रदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और अपनी मांगों को लेकर क्षेत्रीय प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा.

100 कर्मचारियों ने दर्ज कराया विरोध

प्रदर्शन में करीब 100 महिला एवं पुरुष कर्मचारी शामिल हुए. सभा को संबोधित करते हुए ऑफिसर फेडरेशन के महासचिव मोहम्मद नदीम अख्तर ने कर्मचारियों की समस्याओं को उठाया. इस दौरान कर्मचारियों ने क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की.

मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज

कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किए जाएंगे, लेकिन कर्मचारियों के हितों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.

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कई पदाधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में ऑफिसर फेडरेशन के क्षेत्रीय सचिव आकाश आनंद, अध्यक्ष अरविंद कुमार, एम्प्लॉय फेडरेशन के सचिव अजीत कुमार, अध्यक्ष राजकुमार के अलावा ऋतु सिंह, ऋचा ठाकुर, शालिनी सिन्हा, बेनजीर हसन, रामावतार यादव, कुणाल कुमार, मुकेश कुमार, आनंद सागर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे.

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Gumla : बच्ची से दुष्कर्म के बाद पंचायत का फैसला, आरोपी पर 1 लाख का जुर्माना; 20 हजार से दावत

Gumla Crime: गुमला में घाघरा थाना पुलिस ने तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में गांव में समझौता कराने और मामला दबाने की कोशिश को विफल करते हुए आरोपी सुनील लोहरा को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पलमा गांव में पंचायत के माध्यम से मामले का निपटारा किया जा रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पीड़िता की मां के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

आरोपी पर लगाया गया था एक लाख रुपये का जुर्माना

जानकारी के अनुसार घटना के बाद गांव में पंचायत बुलाई गई. बैठक में आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. आरोपी ने तत्काल 20 हजार रुपये दिए, जबकि शेष 80 हजार रुपये एक सप्ताह के भीतर देने का निर्णय लिया गया. बताया गया कि तत्काल मिली राशि से पंचायत में दावत भी की गई.

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Gumla Crime: थाने तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा था मामला

घाघरा थाना प्रभारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले को गांव में ही दबाने का प्रयास किया जा रहा है. गांव के दबाव के कारण मामला थाने तक नहीं पहुंच पा रहा था. सूचना मिलते ही पुलिस टीम पलमा गांव पहुंची. पीड़िता की मां के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया.

पहले डॉक्टर के पास ले गए, फिर बैठी पंचायत

बताया गया कि घटना के बाद बच्ची को पहले एक निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया. इसके बाद रविवार को गांव में पंचायत की बैठक हुई. इसी बैठक में आरोपी पर आर्थिक दंड लगाने का फैसला लिया गया.

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भागलपुर : मरीन ड्राइव निर्माण की दिशा में बड़ी शुरुआत, दियारा में बनने लगा कंस्ट्रक्शन प्लांट

Bhagalpur Marine Drive: भागलपुर और मुंगेर को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी मरीन ड्राइव परियोजना अब जमीन पर आकार लेने लगी है. परियोजना के निर्माण की दिशा में बड़ी पहल करते हुए चयनित एजेंसी ने गंगा किनारे शंकरपुर दियारा में अपना पहला कंस्ट्रक्शन प्लांट विकसित करना शुरू कर दिया है. करीब 8 से 10 एकड़ क्षेत्र में बनाए जा रहे इस प्लांट में फिलहाल भूमि समतलीकरण और आधारभूत ढांचे के निर्माण का कार्य प्रारंभिक चरण में है.

यहीं तैयार होगी निर्माण सामग्री, कर्मचारियों के लिए बन रहे आवास

निर्माणाधीन प्लांट में मरीन ड्राइव के निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री तैयार की जाएगी. इसके अलावा एजेंसी के अधिकारियों और कर्मचारियों के ठहरने के लिए छोटे-छोटे ब्लॉक भी बनाए जा रहे हैं. अभी प्लांट का विकास शुरुआती अवस्था में है, लेकिन इसे पूरी तरह तैयार होने के बाद आधुनिक मशीनों और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा.

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एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में बनेगी मरीन ड्राइव

मरीन ड्राइव का निर्माण एलिवेटेड संरचना के रूप में किया जाएगा. परियोजना के तहत अधिकांश हिस्सा ऊंचे पिलरों पर अत्याधुनिक तकनीक से विकसित किया जाएगा, जिससे बाढ़ और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों के दौरान भी यातायात सुचारु बना रहे.

पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है घेराबंदी

प्लांट परिसर में जेसीबी मशीनों से जमीन समतल करने का कार्य तेजी से चल रहा है. पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और कई अस्थायी शेड तैयार हो चुके हैं. मुख्य कार्यस्थल का ढांचा भी आकार लेने लगा है. आने वाले दिनों में यहां हाईमास्ट लाइट, आधुनिक निर्माण मशीनें और अन्य आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित किए जाएंगे, जिससे परियोजना की गति और तेज होगी.

बाढ़ आने पर कोई दिक्कत नहीं

गंगा किनारे स्थित होने के कारण प्लांट के बाढ़ की चपेट में आने की आशंका को देखते हुए एजेंसी ने पहले से तैयारी कर ली है. अडाणी कंपनी से कार्य लेने वाली एजेंसी के स्टोर इंचार्ज धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि यदि गंगा का पानी प्लांट तक पहुंचता है तो सभी मशीनें और आवश्यक सामग्री सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दी जाएगी. हालांकि स्थायी ढांचे को यथावत रखा जाएगा. पानी उतरने के बाद दोबारा प्लांट को सक्रिय कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.

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बाढ़ के बाद बनने लगेगा मरीन ड्राइव

एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल प्लांट निर्माण की तैयारियां चल रही हैं. बाढ़ का मौसम समाप्त होने के बाद प्लांट पूरी क्षमता के साथ संचालित होगा और मरीन ड्राइव के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी. परियोजना पूरी होने के बाद भागलपुर और मुंगेर के बीच संपर्क व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी.

48 महीने में पूरा होगा 9,998 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट

करीब 9,998 करोड़ रुपये की लागत वाली यह मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी. परियोजना का निर्माण 48 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसका निर्माण कार्य दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड द्वारा किया जाएगा.

फेज-1

पहले चरण में मुंगेर के हेरू दियारा से लेकर सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम तक लगभग 42 किलोमीटर लंबे गंगा पथ का निर्माण होगा. इस चरण पर लगभग 5,119 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.

फेज-2

दूसरे चरण में सुल्तानगंज से भागलपुर शहर होते हुए सबौर तक 48.08 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण किया जाएगा. इस चरण पर लगभग 4,849 करोड़ रुपये की लागत आएगी.

यह है अलाइनमेंट

बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) द्वारा तैयार ब्लूप्रिंट के अनुसार मरीन ड्राइव की शुरुआत मुंगेर के सफियाबाद से होगी. इसके बाद यह बरियारपुर, घोरघाट, सुल्तानगंज, भागलपुर होते हुए सबौर तक पहुंचेगी.

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पटना के चर्चित खान सर को अग्रिम जमानत, दोनों सुरक्षा कर्मियों को भी मिली राहत

Khan Sir Coaching Controversy: राजधानी पटना के चर्चित शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान के संचालक खान सर (फैजल खान) को बड़ी राहत मिली है. पटना सिविल कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के बाद उन्हें अग्रिम जमानत दे दी. इसी मामले में गिरफ्तार किए गए उनके दोनों सुरक्षा कर्मियों (बॉडीगार्ड्स) को भी कोर्ट से जमानत मिल गई है.

आर्म्स एक्ट और हत्या की कोशिश के मामले में मिली राहत

खान सर की ओर से उनके अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी. सोमवार को इस पर फैसला सुनाते हुए अदालत ने उन्हें राहत प्रदान की. उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट और हत्या की कोशिश समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. अदालत के आदेश के बाद अब उन्हें इस मामले में बड़ी कानूनी राहत मिल गई है.

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पहले पूरी हो चुकी थी सुनवाई, सुरक्षित रखा गया था फैसला

जानकारी के अनुसार, अदालत में इस मामले की सुनवाई पहले ही पूरी हो चुकी थी और फैसला सुरक्षित रख लिया गया था. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने खान सर उर्फ फैजल खान की आपराधिक पृष्ठभूमि (क्रिमिनल हिस्ट्री) की जानकारी भी मांगी थी. बचाव पक्ष ने अदालत को बताया था कि पुलिस इस मामले में केस फाइल को अंतिम रूप दे चुकी है, इसलिए किसी पूर्व आपराधिक मामले का उल्लेख नहीं किया गया.

10 जुलाई को नहीं आ सका था फैसला

इस मामले में 10 जुलाई को फैसला सुनाया जाना था, लेकिन जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अनुपस्थिति के कारण आदेश जारी नहीं हो सका था. इसके बाद सोमवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए खान सर और उनके दोनों सुरक्षा कर्मियों को राहत दे दी.

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जानिए क्या है पूरा मामला

कदमकुआं थाना पुलिस ने 4 जून 2026 को खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान के पास हुई गोलीबारी के वायरल वीडियो के आधार पर कांड संख्या 418/2026 दर्ज किया था. प्राथमिकी में खान सर, उनके दो सुरक्षा कर्मियों और अन्य अज्ञात लोगों को नामजद किया गया था. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. जांच के दौरान पुलिस ने दोनों सुरक्षा कर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. अब अदालत से जमानत मिलने के बाद तीनों को बड़ी राहत मिली है.

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भागलपुर : जमुनिया नाला पर आकार ले रहा 11 करोड़ का पुल, 40 हजार ग्रामीणों को मिलेगी राहत

Bhagalpur Bridge Project: भागलपुर में किलाघाट के समीप जमुनिया नाला पर बन रहा आरसीसी पुल अब तेजी से आकार लेने लगा है. ग्रामीण कार्य विभाग की देखरेख में चल रहे निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद शंकरपुर और अजमेरीपुर बेरिया पंचायत के दो दर्जन से अधिक गांवों के करीब 40 हजार लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. हर वर्ष बाढ़ के दौरान नाव और चचरी पुल के सहारे आवागमन करने की मजबूरी खत्म होगी और जिला मुख्यालय तक पहुंच आसान हो जाएगी.

दो पिलर तैयार, तीसरे पर तेजी से चल रहा काम

विभागीय अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ रहा है. पुल के दो पिलर जमीन से ऊपर तैयार किए जा चुके हैं, जबकि तीसरे पिलर का निर्माण तेजी से किया जा रहा है. एजेंसी को समय पर परियोजना पूरी करने का लक्ष्य दिया गया है.

Bhagalpur Bridge Project: दो दर्जन से अधिक गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

पुल और संपर्क सड़क बनने से शंकरपुर, दारापुर, बिंद टोली, सहूनिया, बंडाल, मोहनपुर दियारा, रसीदपुर, अजमेरीपुर सहित शंकरपुर और अजमेरीपुर बेरिया पंचायत के दो दर्जन से अधिक गांवों की लगभग 40 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा. ग्रामीणों को शिक्षा, इलाज, बाजार और प्रशासनिक कार्यों के लिए जिला मुख्यालय आने-जाने में आसानी होगी.

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अभी नाव और चचरी पुल ही है सहारा

बरसात और बाढ़ के मौसम में ग्रामीणों की परेशानी बढ़ जाती है. गांव से शहर आने-जाने के लिए लोग विश्वविद्यालय के रवींद्र भवन के पीछे, गोलाघाट और सकीचन घाट के पास चंदा जुटाकर अस्थायी चचरी पुल बनाते हैं. बाढ़ का पानी बढ़ते ही यह पुल बह जाता है, जिसके बाद लोगों को नाव के सहारे सफर करना पड़ता है. कई बार जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है.

बाढ़ में भी नहीं टूटेगा संपर्क

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वर्ष बाढ़ के दौरान कुछ दिक्कतें जरूर हो सकती हैं, लेकिन पुल बन जाने के बाद यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी. वर्षा और बाढ़ के दिनों में भी गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से बना रहेगा.

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11 करोड़ से अधिक की लागत से बन रहा पुल

98.80 मीटर लंबे इस आरसीसी पुल का निर्माण 11 करोड़ 9 लाख 74 हजार 428 रुपये की लागत से कराया जा रहा है. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पांच वर्षों तक इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी निर्माण एजेंसी की होगी. विभाग को उम्मीद है कि तय समय के भीतर पुल बनकर तैयार हो जाएगा और लोगों को आवागमन की नई सुविधा मिलेगी.

मुख्य बिंदु

  • किलाघाट के पास जमुनिया नाला पर बन रहा है आरसीसी पुल.
  • दो पिलर तैयार, तीसरे पिलर का निर्माण तेजी से जारी.
  • दो दर्जन से अधिक गांवों के करीब 40 हजार लोगों को मिलेगा लाभ.
  • बाढ़ में नाव और चचरी पुल पर निर्भरता होगी समाप्त.
  • 11.09 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 98.80 मीटर लंबा पुल.
  • निर्माण पूरा होने के बाद पांच वर्षों तक रखरखाव की भी व्यवस्था.

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