Delhi Pollution: दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार सुबह भी राष्ट्रीय राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) “खराब” श्रेणी में बना रहा. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, अक्षरधाम क्षेत्र में बुधवार सुबह AQI 281 दर्ज किया गया, जबकि लोधी रोड इलाके में यह 221 तक पहुंचा. दोनों ही स्तर खराब कैटेगरी में माने जाते हैं.
हवा में धुंध की परत, लोगों को सांस लेने में परेशानी
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#WATCH | Delhi: To mitigate pollution, water being sprinkled with the help of an NDMC (New Delhi Municipal Council) vehicle in the area around Lodhi Road.
— ANI (@ANI) November 5, 2025
AQI around the area is 221, categorised as 'poor' by the Central Pollution Control Board (CPCB). pic.twitter.com/RxVN3Yq0QM
राजधानी के कई हिस्सों में सुबह के समय हवा में घना धुंध देखा गया. दृश्यता में कमी आने से लोगों को सफर में भी मुश्किल हुई. हवा में प्रदूषण की अधिकता से सांस की तकलीफ, आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायतें भी बढ़ गई हैं.
दिल्ली नगर निगम ने किया पानी का छिड़काव
| AQI स्तर (Range) | वर्गीकरण (Category) | रंग संकेत (Color Code) | स्वास्थ्य पर प्रभाव (Health Impact) |
|---|---|---|---|
| 0 – 50 | अच्छा (Good) | 🟢 हरा | वायु गुणवत्ता संतोषजनक, स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव नहीं. |
| 51 – 100 | संतोषजनक (Satisfactory) | 🟡 हल्का हरा / पीला | कुछ संवेदनशील लोगों को असुविधा हो सकती है. |
| 101 – 200 | मध्यम (Moderate) | 🟠 पीला / नारंगी | अस्थमा, सांस या हृदय रोग वाले व्यक्तियों को कुछ समस्या . |
| 201 – 300 | खराब (Poor) | 🔴 लाल | सांस लेने में कठिनाई, खांसी, गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. |
| 301 – 400 | बहुत खराब (Very Poor) | 🟣 बैंगनी | फेफड़ों और हृदय पर गंभीर असर. |
| 401 – 500 | गंभीर (Severe) | ⚫ गहरा भूरा / काला | स्वस्थ लोगों में भी सांस की तकलीफ, सिरदर्द, आंखों में जलन. |
दिल्ली नगर निगम (NDMC) की ओर से प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं. सड़कों पर वाहन की मदद से पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि उड़ती धूल को रोका जा सके और हवा में मौजूद कणों की मात्रा कुछ कम हो. अधिकारियों ने बताया कि जिन इलाकों में निर्माण कार्य चल रहा है, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है.
सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है प्रदूषण स्तर?
दिल्ली में हर साल सर्दियों के शुरू होते ही हवा की गुणवत्ता बिगड़ जाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान कम होने और हवा की गति धीमी पड़ने से प्रदूषक तत्व ऊपर नहीं उठ पाते. इससे वे जमीन के पास ही फंसे रहते हैं, जिसके कारण AQI तेजी से बढ़ता है. इसके साथ ही वाहनों से निकलने वाला धुआं, आसपास के राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं और औद्योगिक उत्सर्जन प्रदूषण को और बढ़ा देते हैं.
स्वास्थ्य पर असर, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
प्रदूषण के बढ़ते स्तर से स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है. डॉक्टरों ने लोगों को अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और मास्क पहनने की सलाह दी है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को प्रदूषित हवा से दूर रहने की चेतावनी दी गई है. साथ ही, सुबह की सैर करने वालों को खुले में व्यायाम न करने की हिदायत दी गई है.
प्रदूषण कम करने के प्रयास जारी
सरकार और प्रशासनिक एजेंसियों की ओर से प्रदूषण घटाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. सड़कों की सफाई, निर्माण कार्यों पर रोक और धूल नियंत्रण जैसे उपाय लागू किए जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति में सुधार से कुछ राहत मिल सकती है.
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