बिहार में 97.84 लाख लाभार्थियों के खाते में पहुंचे 1100 रुपये, अब हर महीने तय तारीख पर मिलेगी पेंशन

Bihar Cabinet approves 25 major decisions
बिहार सीएम सम्राट चौधरी(फाइल फोटो)

Bihar Pension News: बिहार सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े लाखों लोगों को बड़ी राहत दी है. राज्य के 97.84 लाख वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं के बैंक खातों में 1100-1100 रुपये की पेंशन राशि भेज दी गई है. सरकार का कहना है कि अब पेंशन वितरण की प्रक्रिया को नियमित कर दिया गया है, ताकि लाभार्थियों को हर महीने समय पर आर्थिक सहायता मिल सके.

अब हर महीने 10 तारीख तक खाते में आएगी पेंशन

राज्य सरकार ने पेंशन भुगतान की नई व्यवस्था लागू की है. इसके तहत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक राशि भेज दी जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और निराश्रित महिलाओं को समय पर आर्थिक सहयोग मिल सकेगा.

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पेंशन राशि में हुआ बड़ा इजाफा

सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है. पहले लाभार्थियों को हर महीने 400 रुपये मिलते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया गया है. बढ़ी हुई राशि का लाभ राज्य के लाखों पात्र लोगों को मिल रहा है.

सीएम ने दी जानकारी, जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति तक समय पर पेंशन पहुंचाना है. उन्होंने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए भरोसा दिलाया कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा.

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वंचित पात्र लोगों को भी मिलेगा योजना का लाभ

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो पात्र लोग अभी तक सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से नहीं जुड़ पाए हैं, उन्हें भी जल्द शामिल किया जाएगा. इसके लिए पंचायत स्तर पर लाभार्थियों की पहचान का अभियान चलाया जाएगा, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति योजना से वंचित न रहे.

लाखों परिवारों को मिलेगा सीधा फायदा

सरकार का कहना है कि पेंशन राशि में बढ़ोतरी और हर महीने तय समय पर भुगतान की व्यवस्था से लाखों परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा. इससे जरूरतमंद लोगों की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी.

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एयरपोर्ट क्षेत्र के 845 भवन मालिकों के लिए 7 दिन की मोहलत, दस्तावेज नहीं दिखाने पर होगी कार्रवाई

भागलपुर एयरपोर्ट क्षेत्र में 845 भवनों को नगर निगम का नोटिस.
Bhagalpur airport

Bhagalpur Airport News: भागलपुर हवाई अड्डा क्षेत्र में बने 845 भवनों को लेकर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. निगम की ओर से सभी संबंधित भवन मालिकों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर अपने भवन का स्वीकृत नक्शा अथवा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. तय समय सीमा में दस्तावेज जमा नहीं करने वालों के खिलाफ अवैध निर्माण मानते हुए कार्रवाई की जाएगी.

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अवैध निर्माण की आशंका में भेजे गए नोटिस

नगर निगम की अतिक्रमण शाखा के प्रभारी जयप्रकाश यादव ने बताया कि फिलहाल सभी 845 भवनों को अवैध निर्माण की आशंका के आधार पर नोटिस जारी किया गया है. दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह तय होगा कि संबंधित भवन वैध हैं या नहीं. जिन लोगों के पास स्वीकृत भवन नक्शा या भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की एनओसी उपलब्ध होगी, उनके निर्माण को वैध माना जाएगा.

दस्तावेज नहीं देने वालों पर चलेगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

अतिक्रमण शाखा ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित सात दिनों के भीतर आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं करने वाले भवनों को अवैध निर्माण की श्रेणी में रखा जाएगा. इसके बाद नगर निगम नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा. प्रशासन का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी.

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जहां संभव होगा, वहां मिलेगी नक्शा स्वीकृत कराने की सुविधा

नगर निगम का कहना है कि जिन भवनों का नक्शा नियमानुसार स्वीकृत कराया जा सकता है, उन्हें आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का अवसर दिया जाएगा. हालांकि, जो निर्माण नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाएंगे या जिनके मालिक निर्धारित समय में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है.

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पुल निर्माण निगम के चेयरमैन ने विक्रमशिला सेतु का किया निरीक्षण, 30 नवंबर तक काम पूरा करने पर दिया जोर

विक्रमशिला सेतु का निरीक्षण करते चेयरमैन
पुल निर्माण निगम के चेयरमैन ने किया निरीक्षण.

Vikramshila Setu: बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के चेयरमैन धर्मेंद्र कुमार ने गुरुवार को भागलपुर पहुंचकर विक्रमशिला सेतु और उस पर बनाए गए बेली ब्रिज का निरीक्षण किया. उन्होंने करीब एक घंटे तक सेतु की मौजूदा स्थिति और चल रहे मरम्मत कार्य का जायजा लिया. अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए उन्होंने तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए.

नवगछिया से सीधे पहुंचे विक्रमशिला सेतु

चेयरमैन धर्मेंद्र कुमार पटना से ट्रेन के जरिए नवगछिया रेलवे स्टेशन पहुंचे. यहां अनुमंडल पदाधिकारी रोहित कर्दम ने उनका स्वागत किया. इसके बाद पुल निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता, परियोजना अभियंता, कार्यपालक अभियंता और अन्य अधिकारियों के साथ वह सीधे विक्रमशिला सेतु पहुंचे, जहां मुख्य पुल और बेली ब्रिज का तकनीकी निरीक्षण किया गया.

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गुणवत्ता के साथ समय पर काम पूरा करने का निर्देश

निरीक्षण के दौरान चेयरमैन ने मरम्मत कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्य में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए. उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग के साथ तय समय-सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने पर जोर दिया.

Vikramshila Setu: 30 नवंबर तक परिचालन बहाल करने का लक्ष्य

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहले ही विक्रमशिला सेतु का निरीक्षण कर 30 नवंबर तक वाहनों का परिचालन दोबारा शुरू कराने का लक्ष्य तय कर चुके हैं. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए चेयरमैन ने अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए.

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भोलानाथ आरओबी निर्माण का भी किया निरीक्षण

विक्रमशिला सेतु का निरीक्षण करने के बाद धर्मेंद्र कुमार भोलानाथ आरओबी निर्माण स्थल पहुंचे. यहां उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, भूमि अधिग्रहण और रेलवे हिस्से में लंबित लॉन्चिंग स्कीम की जानकारी ली. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाएं जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए.

रात में इंजीनियरों के साथ समीक्षा बैठक

सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम के दौरान चेयरमैन ने विभागीय इंजीनियरों के साथ समीक्षा बैठक भी की. बैठक में विक्रमशिला सेतु, भोलानाथ आरओबी, बौंसी रेल पुल संख्या-2 पर बन रहे ओवरब्रिज और संपर्क सड़क परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई. उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया. बैठक में पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता तथा प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.

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सम्राट सरकार की किसानों को बड़ी राहत; 55 पैसे प्रति यूनिट बिजली, 12 घंटे लगातार सप्लाई

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सीएम सम्राट चौधरी की फाइल फोटो.

Samrat Choudhary: बिहार में कम बारिश और सूखे जैसे हालात के बीच राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कृषि कार्यों के लिए किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार 12 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए. यह आपूर्ति विशेष रूप से कृषि फीडरों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सिंचाई प्रभावित न हो.

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कृषि फीडरों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

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किसानों को 55 पैसे प्रति यूनिट बिजली

बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार किसानों को सिंचाई के लिए मात्र 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध करा रही है. इस पर सरकार करीब 93 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है, ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों को आर्थिक राहत मिल सके.

राज्य में अब तक 2700 से अधिक कृषि फीडर स्थापित किए जा चुके हैं. इनका उद्देश्य खेतों तक नियमित बिजली पहुंचाकर सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाना और कृषि उत्पादन बढ़ाना है.

Samrat Choudhary : सौर ऊर्जा योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM) के तहत कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने को कहा. इसके अलावा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया, ताकि किसानों और आम उपभोक्ताओं दोनों को इसका लाभ मिल सके.

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बैठक में बिहार के लिए ग्रीन हाइड्रोजन नीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई. सरकार का मानना है कि इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और निजी निवेश आकर्षित होगा.

एक करोड़ नए राशन कार्ड बनाने पर जोर

समीक्षा बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक करोड़ नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए.

उन्होंने सभी सरकारी अनाज गोदामों में बिजली सहित बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने और राशन कार्डधारकों का सटीक डिजिटल डेटाबेस तैयार करने को कहा, ताकि पात्र लाभुकों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से अनाज पहुंच सके.

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भाजपा में शामिल हुए TMC के तीन पूर्व सांसद, राज्यसभा उपचुनाव पर टिकी निगाहें

भाजपा में शामिल हुए टीएमसी के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद
भाजपा में शामिल हुए टीएमसी के तीन पूर्व सांसद.

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़ चुके पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए. कोलकाता के साल्टलेक स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलायी.

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब राज्यसभा की तीन सीटों पर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और राजनीतिक हलकों में इन नेताओं को भाजपा की ओर से उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा तेज है.

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कराया पार्टी में शामिल

भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं का पार्टी का झंडा देकर स्वागत किया. उन्होंने कहा कि इन नेताओं का अनुभव भाजपा को और मजबूत करेगा तथा राज्य में संगठन को नई दिशा मिलेगी.

West Bengal Politics: राज्यसभा उपचुनाव से पहले बढ़ी हलचल

तीनों नेताओं ने हाल ही में राज्यसभा सदस्यता और तृणमूल कांग्रेस, दोनों से इस्तीफा दिया था. अब राज्यसभा की खाली हुई तीन सीटों पर 24 जुलाई को उपचुनाव होना है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा इन तीनों नेताओं को ही उम्मीदवार बना सकती है.

तृणमूल में बगावत से बदले राजनीतिक समीकरण

बंगाल की राजनीति में पिछले कुछ समय से लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है. तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़ चुके हैं. लोकसभा के कई सांसद और बड़ी संख्या में विधायक भी अलग गुट बनाकर नई राजनीतिक राह चुन चुके हैं. ऐसे में तीन पूर्व राज्यसभा सांसदों का भाजपा में शामिल होना राज्य की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है.

भाजपा ने बदला अपना रुख?

भाजपा पहले तृणमूल नेताओं को पार्टी में शामिल नहीं करने की बात कहती रही थी. हालांकि प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि पार्टी की मूल नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि जिन नेताओं की छवि साफ है और जो भ्रष्टाचार या अन्य विवादों में शामिल नहीं रहे हैं, उनका भाजपा में स्वागत किया जा सकता है.

टीएमसी पर साधा निशाना

भाजपा में शामिल होने के बाद तीनों नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. सुष्मिता देव ने पार्टी में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने हमेशा साफ-सुथरी राजनीति की है. वहीं सुखेंदु शेखर राय ने भी पूर्व सरकार के कामकाज और वित्तीय अनियमितताओं पर सवाल उठाए.

तीनों नेताओं का रहा अलग-अलग राजनीतिक सफर

सुष्मिता देव वर्ष 2021 में कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुई थीं. इससे पहले वह अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकी थीं. सुखेंदु शेखर राय भी पहले कांग्रेस में थे और वर्ष 2011 में तृणमूल से जुड़े थे. उन्हें 2023 में तीसरी बार राज्यसभा भेजा गया था. वहीं उत्तर बंगाल के आदिवासी नेता प्रकाश चिक बराइक को भी 2023 में पहली बार तृणमूल ने राज्यसभा भेजा था.

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भागलपुर में स्ट्रीट लाइट लगाने की प्रक्रिया पर उठे सवाल, स्थायी समिति ने नगर आयुक्त से मांगी रिपोर्ट

एलइडी स्ट्रीट लाइट
सांकेतिक तस्वीर.

Bhagalpur News : शहर में स्ट्रीट लाइट लगाने की प्रक्रिया को लेकर नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति ने नगर आयुक्त से जवाब तलब किया है. समिति ने स्ट्रीट लाइट खरीद के लिए चयनित एजेंसी के साथ हुए एकरारनामा (एग्रीमेंट) और कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) की अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराने की मांग की है. साथ ही स्पष्ट किया है कि यदि प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी हो रही है तो उसके कारणों की भी जानकारी दी जाए.

चयनित एजेंसी की स्थिति बताने की मांग

मेयर सहित सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अभिषेक आनंद, निकेश कुमार, मनीष कुमार एवं अन्य सदस्यों ने नगर आयुक्त को पत्र भेजा है. पत्र में कहा गया है कि शहर के विभिन्न वार्डों और प्रमुख मार्गों में बेहतर रोशनी की व्यवस्था के लिए स्ट्रीट लाइट खरीद संबंधी निविदा आमंत्रित की गई थी. निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसी का चयन भी किया जा चुका है. ऐसे में अब एजेंसी के साथ एकरारनामा और कार्यादेश की वर्तमान स्थिति से समिति को अवगत कराया जाए.

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लोगों की सुविधा और सुरक्षा का बताया मामला

समिति सदस्यों ने कहा कि स्ट्रीट लाइट का समय पर इंस्टॉलेशन केवल विकास कार्य नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा विषय है. शहर के कई वार्डों और प्रमुख सड़कों पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण लोगों को रात के समय परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसलिए कार्य में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए.

देरी होने पर कारण भी बताने का आग्रह

समिति ने अपने पत्र में कहा है कि यदि एकरारनामा या कार्यादेश जारी करने की प्रक्रिया किसी कारणवश लंबित है तो उसकी वजह भी स्पष्ट की जाए. इससे कार्य की प्रगति की सही जानकारी मिल सकेगी और स्ट्रीट लाइट लगाने का काम जल्द शुरू कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे.

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Video : दिल्ली-एनसीआर में बारिश से हालात बेकाबू, IMD का रेड अलर्ट; अगले 24 घंटे भारी

दिल्ली में भारी बारिश से जलभराव
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से हालात बेकाबू.

Delhi Heavy rain: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में बुधवार देर रात शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने गुरुवार सुबह तक जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया. कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं. हालात को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. लोगों से अपील की गई है कि बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें. वहीं, भारी बारिश के बीच रोहिणी में निर्माणाधीन इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई.

24 घंटे में 72.6 मिमी बारिश, कई इलाके जलमग्न

मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में पिछले 24 घंटे के दौरान 72.6 मिमी बारिश दर्ज की गई. लगातार बारिश से कई निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे दफ्तर जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात भी प्रभावित रहा.

दिल्ली में भारी बारिश से निर्माणाधीन इमारत ढही; कई के फंसे होने की आशंका, रेस्क्यू जारी

अगले 24 घंटे बेहद भारी, 250 मिमी तक बारिश का अनुमान

आईएमडी ने अपने ताजा पूर्वानुमान में कहा है कि अगले 24 घंटे के दौरान दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में 180 से 250 मिमी तक बारिश हो सकती है. विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.

नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी जलभराव

बारिश का असर दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी देखने को मिला. कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर जाने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा. कई स्थानों पर पेड़ गिरने से भी यातायात प्रभावित हुआ.

एयरलाइंस ने जारी की एडवाइजरी

खराब मौसम को देखते हुए कई एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है. यात्रियों को उड़ान की स्थिति की जानकारी लेने और समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी गई है, क्योंकि मौसम के कारण फ्लाइट संचालन प्रभावित हो सकता है.

गुरुग्राम पुलिस ने वर्क फ्रॉम होम की अपील की

गुरुग्राम पुलिस ने निजी कंपनियों और संस्थानों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने पर विचार करने की अपील की है, ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव कम किया जा सके और लोगों को राहत मिल सके.

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11 और 12 जुलाई को भी राहत के आसार नहीं

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय मानसून के कारण अगले दो-तीन दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. विभाग ने 11 और 12 जुलाई को भी दिल्ली-एनसीआर में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है. प्रशासन ने सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट रहने और जलनिकासी व्यवस्था पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं.

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यूरेनियम सप्लाई से लेकर रक्षा साझेदारी तक, भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच कई बड़े फैसले

भारत-ऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन
पीएम नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज. फोटो-X

India-Australia Annual Summit: भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपने रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती देते हुए रक्षा, परमाणु ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है. तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया.

भारत को यूरेनियम निर्यात पर बनी सहमति

संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं. उन्होंने कहा कि इससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की आपूर्ति का मार्ग खुलेगा और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के प्रयासों को मजबूती मिलेगी.

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वहीं, प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि 2015 के ऑस्ट्रेलिया-भारत परमाणु सहयोग समझौते के तहत शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए भारत को यूरेनियम निर्यात की व्यवस्था को औपचारिक मंजूरी दी गई है.

रक्षा क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने के लिए इंडिया-ऑस्ट्रेलिया डिफेंस इनोवेशन कॉरिडोर स्थापित करने का फैसला किया है. इसके माध्यम से दोनों देशों की रक्षा कंपनियों और स्टार्ट-अप्स के बीच तकनीकी सहयोग और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा.

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इसके अलावा समुद्री जहाजों के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव के क्षेत्र में भी मिलकर काम करने पर सहमति बनी है.

हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए साझा रणनीति

संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि बनाए रखने के लिए समुद्री सुरक्षा बेहद अहम है. इसके लिए दोनों देशों ने सहयोग का नया रोडमैप तैयार किया है.

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप समुद्री और हवाई मार्गों की स्वतंत्र आवाजाही का समर्थन किया. साथ ही कहा कि क्षेत्रीय विवादों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए और किसी भी एकतरफा कार्रवाई का विरोध किया जाएगा.

आतंकवाद के खिलाफ मिलकर करेंगे काम

प्रधानमंत्री मोदी और एंथनी अल्बनीज ने आतंकवाद और उग्रवाद की कड़ी निंदा करते हुए इस चुनौती से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई.

दोनों देशों ने आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ी खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करने और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने का भी संकल्प लिया.

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अमेरिकी हमले के बाद ईरान
ईरान में अमेरिकी हवाई हमला का नजारा.

US Airstrike In Iran: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने पहली बार हालिया अमेरिकी हवाई हमलों में हुए नुकसान का आधिकारिक ब्योरा जारी किया है. ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केर्मनपुर के अनुसार, पिछले दो दिनों में अमेरिकी एयरस्ट्राइक में 14 लोगों की मौत हुई है, जबकि 78 अन्य घायल हुए हैं.

पहली बार सामने आया आधिकारिक आंकड़ा

हुसैन केर्मनपुर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि हालिया हमलों के बाद यह पहली बार है, जब सरकार ने मृतकों और घायलों की संख्या सार्वजनिक की है. इससे पहले हताहतों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई थी.

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अमेरिका ने 90 ठिकानों पर हमले का किया दावा

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान द्वारा ओमान तट के पास वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई की गई. अमेरिका का दावा है कि उसने ईरान में करीब 90 सैन्य ठिकानों और बंदरगाह सुविधाओं को निशाना बनाया.

सेंट्रल कमांड ने हमले का ब्लैक एंड व्हाइट वीडियो भी जारी किया है, जिसमें रनवे और मिसाइल लॉन्चर जैसे सैन्य ठिकानों पर हमले दिखाई दे रहे हैं. अमेरिकी सेना का कहना है कि अभियान का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की सुरक्षा को प्रभावित करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना था.

जवाबी कार्रवाई में ईरान ने साधे अमेरिकी ठिकाने

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की. ईरान ने बहरीन, कुवैत और कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है.

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बहरीन में दो बार सायरन बजाए गए. यहां अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय स्थित है. हालांकि, तीनों देशों में किसी बड़े नुकसान की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है.

ड्रोन और मिसाइलों को रोकने में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

कुवैत की सेना ने कहा कि वह ड्रोन और मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है. वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बहरीन और कुवैत में किए गए हमलों की जिम्मेदारी ली है.

ट्रेनों में सिगरेट पीने वालों की अब खैर नहीं, लगेगा भारी जुर्माना और होगी जेल

Eastern Railway Anti Smoking Campaign
ट्रेनों में सिगरेट पीने वालों की अब खैर नहीं.

Train Passenger Safety : पूर्व रेलवे के ट्रेनों और स्टेशनों पर धूम्रपान करने वाले यात्रियों के खिलाफ अब ‘शून्य सहिष्णुता’ (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाई जा रही है. ट्रेनों के शौचालयों और कोचों में अत्याधुनिक स्वचालित स्मोक डिटेक्टर (धुएं की पहचान करने वाले यंत्र) तेजी से लगाए जा रहे हैं. जैसे ही कोई यात्री छिपकर सिगरेट या बीड़ी सुलगाएगा, ट्रेन में लगा फायर अलार्म बज उठेगा और आरपीएफ व रेलकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे दबोच लेंगे.

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पूर्व रेलवे का व्यापक सुरक्षा अभियान शुरू

ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर के सक्रिय नेतृत्व में पूरे क्षेत्राधिकार में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है. स्टेशनों और रेल परिसरों में सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क तथा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की चौबीसों घंटे सतर्क गश्त के माध्यम से नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.

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इस अधिनियम के तहत होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

ट्रेन, रेलवे स्टेशन अथवा रेलवे परिसर में धूम्रपान करना कानूनन गंभीर अपराध है. रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 167 के तहत पकड़े जाने पर दोषी व्यक्ति पर ₹2,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके साथ ही उसे ट्रेन के डिब्बे से तत्काल नीचे उतार दिया जाएगा और उसका यात्रा टिकट या पास भी जब्त कर लिया जाएगा. लापरवाही बरतने पर गंभीर कानूनी धाराओं में जेल भी हो सकती है.

एक छोटी सी चिंगारी बन सकती है सैकड़ों निर्दोष यात्रियों का काल

रेलवे प्रशासन के अनुसार, ट्रेन एक तेज गति से चलने वाला बंद वातावरण है, जहाँ सिगरेट की एक छोटी सी चिंगारी या जलता हुआ टुकड़ा कुछ ही क्षणों में पूरे कोच को भीषण आग की चपेट में ले सकता है. ऐसी स्थिति में जहरीले धुएं के कारण आपातकालीन निकास बाधित हो सकते हैं और सैकड़ों निर्दोष यात्रियों का जीवन खतरे में पड़ सकता है.

अधिकारी ने की यात्रियों से सहयोग की भावुक अपील

पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा कि रेल यात्रा आपसी विश्वास और साझा जिम्मेदारी पर टिकी है. जब कोई यात्री ट्रेन के भीतर सिगरेट जलाता है, तो वह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं करता, बल्कि सह-यात्रियों, बच्चों और महिलाओं के जीवन को भी जोखिम में डाल देता है. हमारी सुरक्षा व्यवस्था अब पहले से अधिक सतर्क है और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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