अगर आपके पास है दमदार कहानी, तो Netflix दे रहा बड़ा मौका, जानें कैसे करें आवेदन

नेटफ्लिक्स नेक्स्टजेन इंडिया राइटर्स प्रोग्राम
Netflix दे रहा बड़ा मौका

Netflix NextGen India Writers Program: अगर आप लेखन में करियर बनाना चाहते हैं और आपकी कहानी को दुनिया तक पहुंचाने का सपना है, तो आपके लिए सुनहरा अवसर है. Netflix ने भारत में NextGen India Writers Program की शुरुआत की है. इस पहल का उद्देश्य नए और उभरते लेखकों को प्रोफेशनल ट्रेनिंग देना और उनकी कहानियों को वेब सीरीज के रूप में विकसित करने का अवसर उपलब्ध कराना है. इस कार्यक्रम के लिए आवेदन 1 जुलाई 2026 से शुरू हो चुके हैं और 1 सितंबर 2026 तक किए जा सकते हैं.

कौन कर सकता है आवेदन?

यह प्रोग्राम उन लेखकों के लिए है, जिनके पास प्रोफेशनल राइटिंग का अधिकतम तीन साल का अनुभव है. चयनित उम्मीदवारों को दो महीने के हाइब्रिड प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा, जहां इंडस्ट्री के अनुभवी मेंटर्स की ओर से वर्कशॉप, मेंटरशिप और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी.

इस दौरान प्रतिभागी अपने स्टोरी आइडिया को एक प्रोफेशनल सीरीज कॉन्सेप्ट और सीरीज बाइबल में बदलना सीखेंगे.

आवेदन के लिए क्या-क्या जमा करना होगा?

आवेदन के पहले चरण में उम्मीदवारों को अंग्रेजी में निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करने होंगे—

  • “Stranded in a Lifeboat” विषय पर 5 से 10 पेज का राइटिंग चैलेंज.
  • एक ओरिजिनल राइटिंग सैंपल (टीवी स्क्रिप्ट, फिल्म स्क्रीनप्ले या प्ले).
  • अधिकतम 250 शब्दों की क्रिएटिव बायोग्राफी, जिसमें यह बताना होगा कि आप किस तरह की कहानियां लिखना चाहते हैं.
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कैसे होगा चयन?

चयन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी—

  • पहले चरण में आवेदन और जमा किए गए दस्तावेजों की समीक्षा होगी.
  • शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों को दूसरे राउंड के लिए बुलाया जाएगा.
  • दूसरे चरण में अपनी सीरीज के आइडिया का अधिकतम एक पेज का सिनॉप्सिस जमा करना होगा.
  • अंतिम रूप से चयनित प्रतिभागियों को दो महीने के हाइब्रिड ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा.

क्यों खास है यह प्रोग्राम?

Netflix का मानना है कि हर बेहतरीन कहानी की शुरुआत एक लेखक से होती है. भारत में कई प्रतिभाशाली लेखक हैं, जिनके पास अच्छी कहानियां हैं, लेकिन उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का सही मंच नहीं मिल पाता. यह प्रोग्राम ऐसे ही लेखकों को पहचान दिलाने और उनकी कहानियों को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

Netflix India की कंटेंट वाइस प्रेसिडेंट मोनिका शेरगिल के मुताबिक, इस पहल का मकसद देश के नए टैलेंट को आगे लाना और आने वाले समय की बेहतरीन भारतीय कहानियों को दुनिया तक पहुंचाना है.

भारत बना तीसरा देश

Netflix का NextGen Writers Program पहले फ्रांस और नीदरलैंड्स में आयोजित किया जा चुका है. अब भारत इस पहल की मेजबानी करने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया है. इससे भारतीय लेखकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी रचनात्मक क्षमता दिखाने का बड़ा अवसर मिलेगा.

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भागलपुर में डबल डेकर वाहनों पर बैन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर डीएम का बड़ा एक्शन

Bhagalpur Shravani Mela Double Decker Vehicles Banned Order
भागलपुर में डबल डेकर वाहनों पर बैन.

Bhagalpur : भागलपुर जिलाधिकारी के आदेशानुसार श्रावणी मेला के अवसर पर कांवरियों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिले में अवैध रूप से रूपांतरित डबल डेकर वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है. यह निर्णय 04 जुलाई 2027 को देवघर (झारखंड) में आयोजित अंतरराज्यीय बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में लिया गया है.

मेला क्षेत्र में नहीं चलेंगे रूपांतरित डबल डेकर वाहन

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि श्रावणी मेला, 2026 के दौरान भागलपुर जिला क्षेत्र में किसी भी अवैध रूप से रूपांतरित डबल डेकर वाहन का परिचालन नहीं किया जाएगा. इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी, भागलपुर तथा अनुमंडल पदाधिकारी सदर, भागलपुर, कहलगांव एवं नवगछिया को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

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पुलिस और परिवहन विभाग को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

साथ ही, वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर एवं पुलिस अधीक्षक, नवगछिया को भी आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है.

सुरक्षित यात्रा के लिए जिला प्रशासन की आमजन से अपील

जिला प्रशासन ने आमजन, वाहन संचालकों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा संबंधी इस आदेश का पालन करें तथा श्रावणी मेला को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने में प्रशासन का सहयोग करें.

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कहलगांव में सहयोग शिविर का आयोजन, DM-SSP ने स्टॉलों का निरीक्षण कर सुनीं जन-समस्याएं

Bhagalpur DM and SSP
कहलगांव में सहयोग शिविर का उद्घाटन.

Bhagalpur News : भागलपुर के जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने आज अनुमंडल पदाधिकारी कहलगांव तथा अन्य जिला व अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारियों के साथ कहलगांव में आयोजित “सहयोग शिविर” का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया, आमजनों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

योजनाओं का एक ही स्थान पर लाभ देना मुख्य उद्देश्य

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य आम नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है. उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन का गंभीरतापूर्वक परीक्षण करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर उसका निष्पादन किया जाए.

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सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक जागरूकता पर एसएसपी की अपील

भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक ने शिविर में उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन आम नागरिकों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए सदैव तत्पर है. उन्होंने लोगों से साइबर अपराध, नशामुक्ति एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक रहने की अपील की तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल पुलिस से संपर्क करने का आग्रह किया.

विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध

इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव ने बताया कि सहयोग शिविर के माध्यम से राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, श्रम, बैंकिंग, विद्युत, पेयजल, पंचायत, पुलिस सहित विभिन्न विभागों की सेवाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जा रही हैं. शिविर में प्राप्त आवेदनों का विभागवार पंजीकरण कर त्वरित कार्रवाई की जा रही हैं.

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आम जनता को मिलने वाले प्रमुख लाभ

  • विभिन्न विभागों की सेवाएं एवं योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होना.
  • प्रमाण-पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, राजस्व एवं अन्य सरकारी सेवाओं से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान.
  • विभागीय अधिकारियों से सीधे संवाद एवं शिकायतों का त्वरित निवारण.
  • सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन एवं पात्र लाभार्थियों का ऑन-द-शॉट पंजीकरण होना.
  • ग्रामीण एवं दूरदराज के नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत.

योजनाओं का पारदर्शी एवं समयबद्ध लाभ पहुंचाने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सहयोग शिविर को अधिकाधिक जनोपयोगी बनाया जाए तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए.

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भागलपुर में बड़ी खोज; सैंडिस कंपाउंड से मिले अतिप्राचीन ‘ट्री फॉसिल’, संग्रहालय में रखा सुरक्षित

Bhagalpur Sandis Compound
सैंडिस कंपाउंड से मिले अतिप्राचीन ट्री फॉसिल.

Bhagalpur : भागलपुर के ऐतिहासिक सैंडिस कंपाउंड से संयोगवश प्राप्त दो अतिप्राचीन वृक्ष जीवाश्मों (ट्री फॉसिल) को जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सुरक्षित रूप से भागलपुर संग्रहालय में संरक्षित कर दिया गया है. इस महत्वपूर्ण खोज की शुरुआत कल सुबह उस समय हुई, जब जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी-सह-सहायक संग्रहालयाध्यक्ष अंकित रंजन सैंडिस कंपाउंड में मॉर्निंग वॉक के साथ तितलियों की फोटोग्राफी कर रहे थे.

भ्रमण के दौरान जब वे विश्राम के लिए एक पत्थरनुमा संरचना पर बैठे, तो कैमरे से सूक्ष्म अवलोकन करते समय उनकी दृष्टि समीप रखी एक अन्य पत्थरनुमा आकृति पर गई. सामान्य पत्थरों से भिन्न बनावट दिखने पर जब उन्होंने ध्यानपूर्वक निरीक्षण किया, तो उन्हें इसके प्राचीन वृक्ष जीवाश्म होने का संदेह हुआ. इसके बाद जिस संरचना पर वे बैठे थे, वह भी जांच में दूसरा वृक्ष जीवाश्म प्रतीत हुई.

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अंकित रंजन ने तत्काल इनके छायाचित्र पटना विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष एवं जीवाश्म विशेषज्ञ डॉ. अतुल आदित्य पाण्डेय को भेजे, जिन्होंने दूरभाष पर चर्चा के दौरान इसकी महत्ता की पुष्टि की. इसके बाद संग्रहालय एवं पुरातत्व निदेशालय, बिहार के निदेशक श्री कृष्ण कुमार और भागलपुर की जिलाधिकारी महोदया को सूचित किया गया, जिन्होंने इसे तुरंत संग्रहालय में स्थानांतरित करने की स्वीकृति दी.

लखनऊ का बीरबल साहनी संस्थान करेगा वैज्ञानिक परीक्षण

जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में आज दोनों जीवाश्मों को अत्यंत सावधानीपूर्वक सैंडिस कंपाउंड से उठाकर भागलपुर संग्रहालय लाया गया. यहाँ उनका प्राथमिक संरक्षण (प्राइमरी कंजर्वेशन) कर उन्हें सुरक्षित रूप से रख दिया गया है, जो आम दर्शकों के अवलोकन के लिए भी उपलब्ध रहेंगे. अग्रेतर कार्यवाही की जानकारी देते हुए अंकित रंजन ने बताया कि देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थान बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेज़ (BSIP), लखनऊ से औपचारिक पत्राचार कर इन जीवाश्मों के वैज्ञानिक परीक्षण का अनुरोध किया गया है.

इस परीक्षण के माध्यम से जीवाश्मों की अनुमानित आयु, संबंधित वृक्ष की प्रजाति, भूवैज्ञानिक काल और अन्य वैज्ञानिक विशेषताओं का निर्धारण किया जाएगा. यह वैज्ञानिक अध्ययन भागलपुर एवं आसपास के क्षेत्र के प्राचीन प्राकृतिक इतिहास, तत्कालीन वनस्पति (फ्लोरा), पर्यावरणीय परिस्थितियों तथा भूवैज्ञानिक संरचना को समझने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा.

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कोलकाता : तारातला हादसे में 24 घंटे डटी रही रेलवे की टीम, पूर्व रेलवे के जीएम ने थपथपाई पीठ

GM Milind Deouskar Review Meeting
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने किया सम्मानित

Kolkata Railway : पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) श्री मिलिंद देऊस्कर ने आज एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान हावड़ा, सियालदह और लिलुआ कारखाना की समर्पित राहत एवं बचाव टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा की. इस जांबाज टीम ने बीती 24 जून, 2026 को तारातला में हुई दुखद घटना के बाद चौबीसों घंटे लगातार बचाव और पुनर्स्थापन (रिस्टोरेशन) का अनुकरणीय कार्य किया था. इस सराहनीय कार्य के लिए हाल ही में पश्चिम बंगाल की माननीय मुख्यमंत्री द्वारा भी इस टीम को सम्मानित किया जा चुका है.

समीक्षा बैठक में महाप्रबंधक ने सम्मानित होने वाले 90 रेलवे अधिकारियों और प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर की असाधारण वीरता, अनुशासन तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन के साथ उनके बेहतरीन तालमेल की दिल खोलकर सराहना की.

आधारभूत संरचना और विकास कार्यों पर मंथन: परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश

सम्मान समारोह के अलावा, इस उच्च स्तरीय बैठक में रेलवे के बुनियादी ढांचे और प्रदर्शन से जुड़े विषयों पर भी व्यापक चर्चा की गई. सभी प्रधान विभागाध्यक्षों, मंडल रेल प्रबंधकों (डीआरएम) और मुख्य कारखाना प्रबंधकों की उपस्थिति में श्री देऊस्कर ने साफ निर्देश दिए कि सभी लंबित परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरे होने से यात्री सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा और ट्रेनों की परिचालन दक्षता भी और अधिक मजबूत होगी.

कर्मचारियों के लिए प्रेरणा बनेगा यह सम्मान: सीपीआरओ

इस मौके पर पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) श्री शिबराम माझि ने कहा कि महाप्रबंधक द्वारा दिया गया यह उच्चस्तरीय सम्मान और सराहना हमारे रेल कर्मचारियों को राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी तत्परता, समर्पण और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को निरंतर बनाए रखने के लिए और अधिक प्रेरित करेगा.

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आसनसोल में ट्रैक मेंटेनेंस को लेकर ट्रैफिक ब्लॉक, 9 जुलाई से 13 अगस्त तक ये ट्रेनें रहेंगी रद्द

Train Cancelled Update
एआई जनरेटेड सांकेतिक तस्वीर.

Asansol Railway : आसनसोल डिवीजन के झाझा-सीतारामपुर सेक्शन के अंतर्गत मथुरापुर स्टेशन पर डाउन लाइन पर ट्रैक मेंटेनेंस का जरूरी काम होना है. इस मरम्मत कार्य को लेकर रेलवे ने 09.07.2026 से 13.08.2026 के बीच हर सोमवार और गुरुवार को दोपहर 14:00 बजे से शाम 17:30 बजे तक यानी कुल 3 घंटे 30 मिनट का ट्रैफिक ब्लॉक प्लान किया है. इस ब्लॉक के कारण जुलाई महीने की 09, 13, 16, 20, 23, 27, 30 तारीख और अगस्त महीने की 03, 06, 10, 13 तारीख को नीचे दी गई ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी:

  • 63546 जसीडीह – अंडाल मेमू पैसेंजर.
  • 63509 बर्धमान – झाझा मेमू पैसेंजर.
  • 63510 झाझा – बर्धमान मेमू पैसेंजर.

दुर्गापुर सेक्शन में भी मरम्मत कार्य: मंगलवार और शनिवार को प्रभावित रहेगा परिचालन

इसके अलावा, आसनसोल डिवीजन के ही दुर्गापुर कोक ओवन प्लांट – दुर्गापुर सेक्शन में भी पटरी की मरम्मत का काम किया जाना है. इसके लिए रेलवे प्रशासन ने 11.07.2026 से 11.08.2026 के बीच हर मंगलवार और शनिवार को दोपहर 14:30 बजे से शाम 18:00 बजे तक (3 घंटे 30 मिनट) का ट्रैफिक ब्लॉक तय किया है. इसके असर से जुलाई की 11, 14, 18, 21, 25, 28 तारीख और अगस्त की 01, 04, 08, 11 तारीख को ये ट्रेनें नहीं चलेंगी:

  • 63522 आसनसोल – बर्धमान मेमू.
  • 63515 बर्द्धमान – आसनसोल मेमू.
  • 63524 आसनसोल – बर्धमान मेमू.
  • 63517 बर्द्धमान – आसनसोल मेमू.

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विक्रमशिला सेतु
विक्रमशिला सेतु

Bhagalpur News : विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज के स्थान पर होने वाले स्थायी पुनर्स्थापन (परमानेंट रेस्टोरेशन) कार्य के निरीक्षण को लेकर दो दिनों तक रात में वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा. जिला प्रशासन ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी कर आम लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है.

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8 और 9 जुलाई की रात रहेगा यातायात बंद

जिला प्रशासन के अनुसार, 08 जुलाई और 09 जुलाई 2026 की रात 10 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक विक्रमशिला सेतु पर सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा. इस दौरान IIT पटना की विशेषज्ञ टीम बेली ब्रिज के स्थान पर प्रस्तावित स्थायी पुनर्स्थापन कार्य का तकनीकी निरीक्षण करेगी.

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सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया निर्णय

प्रशासन ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सुरक्षा को देखते हुए सेतु पर किसी भी वाहन के आवागमन की अनुमति नहीं होगी. संबंधित अधिकारियों को वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट करने और आवश्यक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.

वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, वाहन चालकों और परिवहन संचालकों से निर्धारित अवधि के दौरान विक्रमशिला सेतु का उपयोग नहीं करने तथा वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है. प्रशासन ने कहा है कि यह अस्थायी व्यवस्था सेतु की सुरक्षा और स्थायी पुनर्स्थापन कार्य को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए आवश्यक है.

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बिहार STF को मिली बड़ी सफलता, पटना से गिरफ्तार किया औरंगाबाद का कुख्यात अपराधी, ब्राउन शुगर जब्त

पटना में STF की कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपी प्रिंस कुमार.
सांकेतिक तस्वीर

Patna Crime News: बिहार एसटीएफ और पटना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में औरंगाबाद जिले के टॉप-10 वांछित अपराधियों में शामिल कुख्यात प्रिंस कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके साथ एक अन्य आरोपी को भी पकड़ा गया है. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दोनों के कब्जे से 26.50 ग्राम ब्राउन शुगर (स्मैक) और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं.

गुप्त सूचना पर परसा बाजार में दबिश

पुलिस को सूचना मिली थी कि वांछित अपराधी प्रिंस कुमार पटना के परसा बाजार थाना क्षेत्र में मौजूद है. इसके बाद बिहार एसटीएफ और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया. उसके साथ ऋषि कुमार उर्फ आभास कुमार को भी हिरासत में लिया गया.

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मुख्य आरोपी प्रिंस कुमार जहानाबाद जिले के नगर थाना क्षेत्र के हसौड़ापर गांव का निवासी है, जबकि दूसरा आरोपी ऋषि कुमार मूल रूप से नालंदा जिले के एकंगरसराय थाना क्षेत्र के रानी मुंडीपुर गांव का रहने वाला है. वह फिलहाल जहानाबाद में रह रहा था.

26.50 ग्राम ब्राउन शुगर और मोबाइल जब्त

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से 26.50 ग्राम ब्राउन शुगर (स्मैक) और दो मोबाइल फोन बरामद किए. पुलिस बरामद मादक पदार्थ की सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है. आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है.

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कई जिलों में दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले

पुलिस के मुताबिक, प्रिंस कुमार लंबे समय से कई गंभीर अपराधों में वांछित था. उसके खिलाफ औरंगाबाद, जहानाबाद, गया और भोजपुर के विभिन्न थानों में रंगदारी, लूट, डकैती, अपहरण, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश कर रही है.

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गुजरात हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 38 दोषियों की फांसी और 11 की उम्रकैद बरकरार

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट पर गुजरात हाईकोर्ट का फैसला
गुजरात हाईकोर्ट (Photo:X)

Gujarat News : अहमदाबाद में वर्ष 2008 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई 38 दोषियों की फांसी और 11 दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है. इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को पीड़ितों और उनके परिजनों को निर्धारित समयसीमा के भीतर मुआवजा देने का निर्देश भी दिया है.

विशेष अदालत के फैसले पर हाईकोर्ट की मुहर

हाईकोर्ट की जस्टिस ए.वाई. कोगजे और जस्टिस समीर दवे की खंडपीठ ने सभी दोषियों की अपील खारिज करते हुए फरवरी 2022 में विशेष अदालत द्वारा दिए गए फैसले को सही ठहराया. अदालत ने इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) से जुड़े दोषियों की फांसी और उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा.

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पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का निर्देश

कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि धमाकों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल लोगों को 5 लाख रुपये और सामान्य रूप से घायल लोगों को 1 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए. अदालत ने यह पूरी राशि 31 मार्च 2027 तक वितरित करने का निर्देश दिया है.

उपमुख्यमंत्री ने फैसले का किया स्वागत

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय की बड़ी जीत बताया. उन्होंने कहा कि 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में 38 दोषियों की फांसी और 11 दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रहना देश के सबसे कड़े और ऐतिहासिक फैसलों में से एक है. उन्होंने सोशल मीडिया पर “जय हिंद” लिखकर फैसले का स्वागत किया.

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70 मिनट में हुए थे 21 धमाके

26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में महज 70 मिनट के भीतर 21 सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे. इन धमाकों में 56 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए थे. हमलों के दौरान शहर के कुछ अस्पतालों को भी निशाना बनाया गया था, जिससे दहशत और बढ़ गई थी.

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मुजफ्फरपुर पताही एयरपोर्ट
मुजफ्फरपुर का पताही एयरपोर्ट (सांकेतिक तस्वीर)

Muzaffarpur News: बिहार में सड़क और रेल नेटवर्क के विस्तार के साथ अब हवाई सेवाओं को भी नई गति दी जा रही है. इसी दिशा में मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट को विकसित करने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. पहले चरण के तहत एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण का कार्य शुरू हो चुका है और जल्द ही यहां से छोटे विमानों का संचालन शुरू करने की तैयारी है.

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पहले चरण में 43 करोड़ रुपये से होगा विकास कार्य

पताही एयरपोर्ट के पहले चरण के विकास पर करीब 43.13 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इस चरण में एयरपोर्ट के जरूरी बुनियादी ढांचे को तैयार किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में हवाई सेवाओं की शुरुआत हो सके.

जून 2027 तक बन जाएगा नया टर्मिनल

योजना के अनुसार पताही एयरपोर्ट का टर्मिनल भवन जून 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. निर्माण एजेंसी को करीब 11 महीने के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही एयरपोर्ट को कोड-बी श्रेणी के अनुरूप विकसित किया जाएगा.

एटीसी टावर, फायर स्टेशन समेत मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

परियोजना के तहत लगभग 23.47 करोड़ रुपये की लागत से एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) भवन, टर्मिनल बिल्डिंग, फायर स्टेशन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा. इन व्यवस्थाओं के बाद एयरपोर्ट छोटे विमानों के संचालन के लिए पूरी तरह तैयार होगा.

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रनवे के लिए जल्द पूरी होगी टेंडर प्रक्रिया

अधिकारियों के अनुसार रनवे निर्माण के लिए अगले 10 दिनों के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. शुरुआती चरण में यहां से छोटे विमानों की उड़ान शुरू होगी. टर्मिनल भवन को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि एक समय में करीब 150 यात्रियों की आवाजाही आसानी से हो सके.

उत्तर बिहार की हवाई कनेक्टिविटी को मिलेगा नया विकल्प

पताही एयरपोर्ट शुरू होने से मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के कई जिलों के लोगों को हवाई यात्रा का नया विकल्प मिलेगा. इससे पटना पर निर्भरता कम होगी और क्षेत्र में व्यापार, निवेश, पर्यटन तथा आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

10 साल पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद

पताही एयरपोर्ट के विकास की मांग स्थानीय लोग लंबे समय से कर रहे थे. पिछले करीब एक दशक में कई बार इस परियोजना पर काम शुरू हुआ, लेकिन विभिन्न कारणों से यह आगे नहीं बढ़ सका. अब निर्माण कार्य शुरू होने के बाद लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही मुजफ्फरपुर से नियमित हवाई सेवा का सपना साकार होगा.

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