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13 February 2026, Friday
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सिवान के निजी चाइल्ड क्लिनिक पर लापरवाही का आरोप, बच्चों की मौत को लेकर हंगामा

Siwan
सिवान में निजी चाइल्ड क्लिनिक के बाहर जुटी भीड़.

Bihar News: सिवान में एक निजी चाइल्ड क्लिनिक को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है. बच्चों की कथित मौतों और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज़ परिजन और स्थानीय लोग क्लिनिक के बाहर जुट गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.

इलाज में कोताही के आरोप

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि क्लिनिक में उपचार के दौरान लापरवाही बरती जा रही है. परिजनों का आरोप है कि कई मामलों में बच्चों की हालत बिगड़ने के बावजूद समय रहते उन्हें बेहतर सुविधा वाले अस्पताल रेफर नहीं किया गया. इससे स्थिति और गंभीर हो गई.

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मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि वे अपने बच्चों के इलाज की उम्मीद से यहां आते हैं, लेकिन डर बना रहता है. उनका दावा है कि समय पर उचित चिकित्सा मिलती तो कुछ बच्चों की जान बचाई जा सकती थी.

जांच और कार्रवाई की मांग

प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी गई.

बताया जा रहा है कि विरोध बढ़ता देख क्लिनिक के कुछ डॉक्टर और स्टाफ वहां से हट गए. यह मामला सिवान में चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. विकास कुमार के क्लिनिक से जुड़ा बताया जा रहा है. फिलहाल इलाके में तनाव की स्थिति है और लोग प्रशासनिक कदम का इंतजार कर रहे हैं.

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दरभंगा कांड पर उबाल: सड़कों पर उतरी भीड़, पथराव; पुलिस-प्रदर्शनकारियों में टकराव

दरभंगा
दरभंगा कांड पर उबाल.

Bihar Crime : बिहार में दरभंगा जिले के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र स्थित पटवा पोखरा इलाके में आठ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया है. वारदात के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला और देर रात से ही विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया.

किस तरह से बिगड़ा माहौल और होने लगा पथराव?

घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित रहा. कुछ जगहों पर पुलिस पर पथराव की भी सूचना है. हालात काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. इस दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई.

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लोगों की मांग है कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दी जाए और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो. कई ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग उठाई.

खेलते-खेलते कैसे गायब हो गयी थी बच्ची?

परिजनों के अनुसार बच्ची शाम के समय घर के पास तालाब किनारे अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी. काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार को चिंता हुई और खोजबीन शुरू की गई. साथ खेल रही बच्चियों ने बताया कि एक युवक उसे जबरन पकड़कर अंधेरे की ओर ले गया था.

रात में इलाके में कुत्तों के भौंकने की तेज आवाज सुनकर बच्ची के मामा उस दिशा में पहुंचे. वहां बच्ची गंभीर हालत में पड़ी मिली. उसके शरीर और कपड़ों पर खून के निशान थे. पास की दीवार पर भी खून के धब्बे दिखाई दिए. इसके बाद शोर मचाकर लोगों को बुलाया गया और पुलिस को सूचना दी गई.

सीसीटीवी और गवाहों से आरोपी तक पहुंची पुलिस

सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. साथ खेल रही बच्चियों से पूछताछ में एक युवक की पहचान हुई. इसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विकास नामक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने बच्ची के खून से सने कपड़े भी जब्त किए हैं. घटनास्थल से अन्य साक्ष्य जुटाए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है.

अब सिर्फ एफएसएल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

एसएसपी जगुनाथ रेड्डी खुद देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी स्थिति की जानकारी ली. बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजा गया है. एफएसएल टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से सैंपल कलेक्ट किए गए हैं.

एसएसपी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है. प्रारंभिक तौर पर दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट के बाद होगी. पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है.

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13 वर्षीय किशोर की गला दबाकर हत्या, मुंगेर के कुराबा गांव में सनसनी

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किशोर की हत्या के बाद रोते-बिलखते परिजन.

Bihar Crime : बिहार के मुंगेर में शामपुर थाना क्षेत्र स्थित अग्रहण पंचायत के कुराबा गांव में जमीन को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद ने भयावह रूप ले लिया. शनिवार देर रात एक 13 वर्षीय बालक की गला दबाकर हत्या कर दी गई, जिससे पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है.

क्या है मामला?

ग्रामीणों के मुताबिक कुराबा गांव निवासी प्रभाष बिंद और उनके भाइयों के बीच पिछले कुछ समय से जमीन बंटवारे को लेकर तनातनी चल रही थी. हाल के दिनों में इसी विवाद को लेकर मारपीट भी हुई थी, जिसके बाद से परिवार के भीतर तनाव बना हुआ था.

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बताया जाता है कि शनिवार देर रात प्रभाष बिंद का बेटा अमित घर में सो रहा था, तभी किसी ने उसका गला दबा दिया. हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत अनुमंडल अस्पताल हवेली खड़गपुर ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

पुलिस जांच में जुटी, गांव में मातम

घटना की सूचना मिलते ही शामपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी. बच्चे का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार ने प्राथमिक जांच में गला दबाकर हत्या की पुष्टि की है.

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. अमित अपनी छह बहनों का इकलौता भाई था. गांव के लोगों ने घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है.

पुलिस का कहना है कि परिजनों से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पहले हुए जमीन विवाद को भी जांच के दायरे में रखा गया है.

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Deputy CM Vijay Kumar Sinha
बिहार डिप्टी सीएम विजय सिन्हा.

Bihar Census 2026: बिहार में प्रस्तावित जनगणना को लेकर राज्य सरकार ने कार्यक्रम तय कर दिया है. उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के अनुसार पूरी कवायद दो चरणों में पूरी होगी और कुल अवधि लगभग डेढ़ महीने की रहेगी. इसका संचालन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधीन जनगणना निदेशालय करेगा.

कब और कैसे शुरू होगा काम?

सरकार की योजना के मुताबिक पहला चरण अप्रैल 2026 के मध्य से शुरू होगा. इस दौर में मकानों, भवनों और आवासीय ढांचे से जुड़ी सूचनाएं जुटाई जाएंगी. यह चरण 17 अप्रैल से 1 मई तक चलेगा.
इसके तुरंत बाद दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें गणनाकर्मी घर-घर पहुंचकर परिवार और सदस्यों से संबंधित विवरण दर्ज करेंगे. यह प्रक्रिया 2 मई से 31 मई 2026 तक प्रस्तावित है.

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किन बातों का होगा रिकॉर्ड

सर्वे के दौरान परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, घर में उपलब्ध सुविधाएं और बुनियादी जरूरतों से जुड़ी जानकारियां संकलित की जाएंगी. प्रशासन का कहना है कि पूरी कवायद कानूनी प्रावधानों के तहत होगी और नागरिकों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी.

जाति संबंधी डेटा भी रहेगा शामिल

इस बार की गिनती को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें जाति से जुड़े प्रश्न भी शामिल किए जाएंगे. दूसरे चरण में लोगों की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं, और इसी दौरान जाति का ब्योरा भी दर्ज किया जाएगा.

अधिकारियों का कहना है कि जनगणना के आंकड़े भविष्य की योजनाओं, बजट आवंटन और विकास कार्यक्रमों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे. इससे सरकार को विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों की जरूरतों का आकलन करने में मदद मिलेगी.

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रूस के मेडिकल कॉलेज में भारतीय छात्रों पर चाकू से हमला, AIMSA ने PM मोदी को लिखा पत्र 

Russia
हमलावर गिरफ्तार. फोटो-X

Russia Hostel attack : रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य की राजधानी उफा में स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के एक हॉस्टल में चाकू से हमले की गंभीर घटना सामने आई है. इस वारदात में चार भारतीय छात्रों सहित कम से कम छह लोग जख्मी हुए हैं. मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास ने घटना पर चिंता जताते हुए स्थानीय प्रशासन से संपर्क बनाए रखने की बात कही है.

हॉस्टल के प्ले हॉल में अचानक हमला

जानकारी के मुताबिक एक 15 वर्षीय किशोर चाकू लेकर विदेशी छात्रों के हॉस्टल के प्ले हॉल में घुस आया. वहां मौजूद छात्रों पर उसने अचानक हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी फैल गई. शोर-शराबा सुनकर अन्य छात्र इधर-उधर भागे और प्रशासन को सूचना दी गई.

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पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची और आरोपी को काबू करने की कोशिश की, तो उसने उन पर भी हमला कर दिया. इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए बताए जा रहे हैं.

भारतीय दूतावास और कांसलेट अलर्ट

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा कि घटना में चार भारतीय छात्र घायल हुए हैं. दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है. कजान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी भी घायल छात्रों की मदद के लिए उफा रवाना हुए हैं.

AIMSA ने उठाई सुरक्षा की मांग, पीएम मोदी को लिखा पत्र

ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर रूस में पढ़ रहे भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है. संगठन ने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है.
AIMSA ने मांग की है कि रूसी प्रशासन से समन्वय बढ़ाया जाए और दूतावास स्तर पर निगरानी मजबूत की जाए, ताकि आपात हालात में तुरंत सहायता मिल सके.

रूस के मेडिकल कॉलेज में भारतीय छात्रों पर चाकू से हमला, AIMSA ने PM मोदी को लिखा पत्र  Russia Hostel attack

रूसी अधिकारियों ने क्या कहा ?

रूसी गृह मंत्रालय की प्रवक्ता मेजर जनरल इरीना वोल्क के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने खुद को भी चोट पहुंचा ली. उसे गंभीर हालत में स्थानीय बच्चों के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक घायलों में एक की हालत नाजुक है, जबकि तीन अन्य की स्थिति स्थिर बताई गई है. घटना के बाद उफा प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.

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करियर की दौड़ में IT ब्रांच आगे, प्लेसमेंट में मिल रहे बड़े पैकेज

Best BTech
Best BTech Branch

Best BTech Branch: एक समय था जब इंजीनियरिंग में एडमिशन लेते ही अधिकतर छात्र कंप्यूटर साइंस (CSE) को ही लक्ष्य मानते थे. माना जाता था कि यही ब्रांच बेहतर करियर की गारंटी है. अब यह सोच धीरे-धीरे बदल रही है. इंडस्ट्री का फोकस डिग्री से ज्यादा स्किल पर शिफ्ट हुआ है और इसी वजह से BTech IT के छात्र तेजी से आगे बढ़ते दिख रहे हैं. प्रैक्टिकल नॉलेज और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड स्किल्स के कारण IT को अब उभरती हुई सुपरस्टार ब्रांच माना जा रहा है.

डिजिटल दौर में IT की बढ़ी डिमांड

लगभग हर सेक्टर टेक्नोलॉजी पर निर्भर हो चुका है. बैंकिंग से लेकर हेल्थकेयर, एजुकेशन से लेकर ई-कॉमर्स तक, हर जगह डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ा है. ऐसे माहौल में IT प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है. क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, डेटा मैनेजमेंट और वेब डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में IT ग्रेजुएट्स के लिए मौके तेजी से बढ़े हैं.

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प्लेसमेंट रिकॉर्ड ने बढ़ाया खूब भरोसा

देश के कई नामी संस्थानों में IT ब्रांच के छात्रों को मजबूत प्लेसमेंट मिल रहा है. IIT दिल्ली, IIT बॉम्बे, NIT त्रिची, NIT सुरथकल, IIIT हैदराबाद और IIIT बैंगलोर जैसे संस्थानों में IT स्टूडेंट्स अच्छे पैकेज हासिल कर रहे हैं. वहीं VIT, SRM, मणिपाल और एमिटी जैसे निजी विश्वविद्यालयों में भी इस ब्रांच का प्लेसमेंट प्रदर्शन बेहतर रहा है.

कौन-कौन से करियर विकल्प?

IT ग्रेजुएट्स के लिए करियर के विकल्प काफी विविध हैं. इनमें प्रमुख हैं:

  • सॉफ्टवेयर डेवलपर
  • वेब डेवलपर
  • मोबाइल ऐप डेवलपर
  • फुल स्टैक डेवलपर
  • बैकएंड डेवलपर
  • डेटा एनालिस्ट
  • बिजनेस इंटेलिजेंस एनालिस्ट
  • डेटा इंजीनियर

नौकरी से आगे भी मौके

IT की पढ़ाई केवल जॉब तक सीमित नहीं है. छात्र फ्रीलांसिंग, स्टार्टअप या इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स में भी हाथ आजमा सकते हैं. डिजिटल स्किल्स के दम पर आज कई युवा खुद का बिजनेस खड़ा कर रहे हैं. वेब, ऐप, डेटा और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े प्रोफेशन आने वाले समय में और ज्यादा अहम माने जा रहे हैं.

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सूरजकुंड मेले में टूटकर गिरा झूला, मची अफरा-तफरी; बचाव में जुटे एक पुलिसकर्मी की मौत

सूरजकुंड
सूरजकुंड मेले में टूटकर गिरा झूला.

Surajkund Mela Accident : सूरजकुंड मेले में शनिवार शाम बड़ा हादसा हो गया, जब एक जॉयराइड झूला अचानक नीचे आ गिरा. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उस समय झूले पर करीब 15 लोग सवार थे. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. घायलों को निकालने के लिए तुरंत रेस्क्यू शुरू किया गया. इसी दौरान लोगों की जान बचाने में जुटे एक पुलिसकर्मी की जान चली गई.
बचाव कार्य के बीच पास के स्टॉल संचालक राघव भी झूले की ग्रिल की चपेट में आ गए, जिससे उनके कंधे में चोट आई.

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अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा और पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता मौके पर पहुंचे. प्रशासन ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने और इलाज की व्यवस्था करने का दावा किया है. देर शाम तक राहत और बचाव अभियान जारी रहा.

दरवाजा गिरने से भी हुए थे घायल

बताया गया कि झूला हादसे से पहले भी मेले में एक और दुर्घटना हुई थी. शाम करीब पांच बजे प्रवेश द्वार का एक दरवाजा गिर पड़ा, जिसमें एक बच्चे समेत दो लोग घायल हो गए थे.

जांच के आदेश, कार्रवाई तय

सूरजकुंड थाने के SHO प्रहलाद कुमार ने बताया कि जॉयराइड के गिरने की घटना में एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हुई है. वह उस समय लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है.

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टी20 वर्ल्ड कप: सूर्यकुमार के दम पर भारत की जीत, यूएसए पर 29 रन से बनाई बढ़त

सूर्यकुमार
सूर्यकुमार के दम पर भारत की जीत.

India vs USA T20 World Cup : टी20 वर्ल्ड कप में अपने पहले मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 161 रन जुटाए. शुरुआती झटकों ने टीम को बैकफुट पर धकेल दिया था. 13वें ओवर तक स्कोर 6 विकेट पर 77 रन था और बड़ा स्कोर दूर दिख रहा था. ऐसे वक्त सूर्यकुमार यादव ने मोर्चा संभाला. उन्होंने 49 गेंदों पर नाबाद 84 रन ठोकते हुए पारी को संभाला और अंत तक क्रीज पर डटे रहे. उनकी पारी में 10 चौके और 4 छक्के शामिल रहे.
अन्य बल्लेबाजों में तिलक वर्मा (25) और ईशान किशन (20) ही दोहरे अंक तक पहुंच सके. बाकी बल्लेबाजी क्रम उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा.

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यूएसए की कोशिश रही नाकाम

162 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए यूएसए की टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 132 रन ही बना सकी. मिलिंद कुमार ने 34 रन बनाए, जबकि संजय कृष्णमूर्ति और शुभम रंजने ने 37-37 रन का योगदान दिया. हालांकि जरूरी रन गति बनाए रखना यूएसए के लिए मुश्किल साबित हुआ और टीम लक्ष्य से दूर रह गई.

गेंदबाजी में शाल्कविक का जबरदस्त दिखा जलवा

यूएसए की ओर से शैडली वान शाल्कविक ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 25 रन देकर 4 विकेट झटके. हरमीत सिंह को 2 सफलता मिली, जबकि अली खान और मोहम्मद मोहसिन ने 1-1 विकेट लिया.

अगला मुकाबला कहां होगा?

भारत अब 12 फरवरी को नामिबिया से भिड़ेगा. यह मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7 बजे खेला जाएगा.

प्वाइंट्स टेबल में भारत आगे

इस जीत के साथ भारत ने ग्रुप में बढ़त बना ली है. टीम के खाते में 2 अंक और +1.450 नेट रन रेट है, जिससे वह शीर्ष पर है. पाकिस्तान समान अंकों के साथ +0.240 नेट रन रेट लेकर दूसरे स्थान पर है.

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ड्रोन की नजर से बच न सकी अफीम की खेती, जानिए कितने एकड़ में लगी फसल को किया तबाह

अफीम
जंगलों में छिपी अफीम खेती पर कार्रवाई.

Aurangabad News : औरांगाबाद में मदनपुर प्रखंड के बादम जंगल स्थित रानीकोला इलाके में अवैध अफीम की खेती की खबर मिलने पर वन विभाग और उत्पाद विभाग हरकत में आए. अधिकारियों को लगातार संकेत मिल रहे थे कि घने जंगलों के भीतर बड़े पैमाने पर अफीम बोई गई है. सूचना की पुष्टि के लिए विभागीय स्तर पर मंथन हुआ और संयुक्त टीम गठित की गई. टीम ने इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए योजनाबद्ध तरीके से अभियान तय किया. स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रखा गया ताकि कार्रवाई के दौरान कोई बाधा न आए. अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई जरूरी होती है. इसी रणनीति के तहत आगे की पूरी रूपरेखा तैयार की गई.

तस्वीरों के आधार पर जगहों की पहचान हुई पक्की

कार्रवाई से पहले आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया और ड्रोन से पूरे जंगल क्षेत्र की निगरानी कराई गई. ड्रोन कैमरों में कई स्थानों पर संदिग्ध खेती के स्पष्ट दृश्य सामने आए. तस्वीरों के आधार पर उन जगहों की पहचान पक्की की गई जहां अफीम लगी थी. इसके बाद टीम पैदल और वाहनों से चिन्हित स्थानों तक पहुंची. दुर्गम रास्तों और जंगली इलाकों के कारण अभियान आसान नहीं था. फिर भी अधिकारियों ने सतर्कता के साथ इलाके को घेरा. पुष्टि होते ही अवैध फसल नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई.

चार एकड़ में लगी फसल उजाड़ी

डीएफओ रूचि सिंह के नेतृत्व में पहुंचे दल ने रानीकोला के पास फैली अफीम की फसल को नष्ट किया. विभागीय आकलन के अनुसार करीब चार एकड़ क्षेत्र में अफीम की खेती की गई थी. टीम ने मौके पर ही पौधों को उखाड़कर और रौंदकर पूरी फसल खत्म कर दी. अधिकारियों का कहना है कि अवैध खेती को किसी भी हाल में पनपने नहीं दिया जाएगा. अभियान के दौरान वनपाल रौनक कुमार समेत कई वनरक्षी मौजूद रहे. कार्रवाई पूरी होने तक इलाके की निगरानी जारी रखी गई. इसके बाद टीम ने अन्य संभावित ठिकानों की ओर रुख किया.

अन्य इलाकों पर भी नजर

ढेलवा दोहर, धमधमा, फटिया, लंगूराही, परसा, बजारी, सागरपुर और पोथनिया समेत कई स्थानों को भी चिन्हित किया गया है. इन इलाकों में समय-समय पर तलाशी और नष्टिकरण अभियान चलाया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जंगल क्षेत्रों का लगातार ड्रोन से निरीक्षण होगा. मदनपुर थाना क्षेत्र में इससे जुड़े कई मामले पहले भी दर्ज किए जा चुके हैं. प्रशासन अवैध खेती करने वालों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में है. स्थानीय लोगों से भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की गई है. विभाग ने साफ किया है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा.

अवैध कमाई पर किया चोट

जानकारों के मुताबिक नक्सल प्रभावित इलाकों में अफीम की खेती अवैध कमाई का जरिया रही है. इस धंधे से मिलने वाले पैसे का उपयोग हथियार और रसद जुटाने में किया जाता था. सुरक्षा दबाव बढ़ने के बाद ऐसे नेटवर्क कमजोर पड़े हैं. इसके बावजूद कुछ स्थानों पर चोरी-छिपे खेती की कोशिशें होती रहती हैं. प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय मान रहा है. लगातार हो रही कार्रवाई से ऐसे तत्वों में हड़कंप है. अधिकारियों का कहना है कि अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाना लक्ष्य है.

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इंडिया-यूएस इंटरिम ट्रेड डील पक्की: किस सामान पर कितना लगेगा टैक्स?—सामने आई डिटेल्स

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.

India US Interim Trade Deal: भारत और अमेरिका ने अपने व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देते हुए एक अंतरिम व्यापार समझौते (इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट) के ढांचे पर सहमति बना ली है. इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के लिहाज से बड़ा और रणनीतिक कदम माना जा रहा है. शनिवार को जारी संयुक्त बयान में बताया गया कि यह सहमति लंबे समय से चल रही वार्ताओं का परिणाम है, जिसकी शुरुआत शीर्ष स्तर की बातचीत से हुई थी. समझौते का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को ज्यादा संतुलित बनाना और वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करना है, ताकि दोनों देशों को भरोसेमंद कारोबारी साझेदार मिल सकें.

अमेरिका भारत में बने उत्पादों पर कितना लगाएगा शुल्क?

संयुक्त बयान के मुताबिक अमेरिका भारत में बने कई उत्पादों पर 18 फीसदी तक का पारस्परिक शुल्क लगाएगा. जिन सेक्टरों पर इसका असर पड़ेगा, उनमें टेक्सटाइल, जूते-चप्पल, लेदर गुड्स, प्लास्टिक उत्पाद, रबर, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर आइटम, हस्तशिल्प और कुछ मशीनें शामिल हैं.
हालांकि, समझौते के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद कुछ प्रमुख भारतीय निर्यात वस्तुओं को राहत देने की बात भी कही गई है. अमेरिका जेनेरिक दवाओं, हीरे-जवाहरात और विमानन क्षेत्र से जुड़े पुर्जों पर लगाए गए शुल्क हटाने की दिशा में कदम बढ़ाएगा. इससे भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

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भारत की ओर से बाजार खोलने की तैयारी

समझौते की शर्तों के तहत भारत ने अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों पर आयात शुल्क या तो समाप्त करने या काफी कम करने पर सहमति दी है. इसके अलावा अमेरिका से आने वाले कई कृषि और खाद्य उत्पादों को भी रियायत दी जाएगी. इसमें ट्री नट्स (मेवे), ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट जैसे उत्पाद शामिल हैं.
पशु आहार में इस्तेमाल होने वाले लाल ज्वार और सूखे अनाज पर भी ड्यूटी में नरमी लाई जाएगी. यह कदम अमेरिकी कृषि निर्यातकों के लिए भारतीय बाजार को अधिक खुला बनाएगा.

500 बिलियन डॉलर की खरीद का टारगेट

भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से करीब 500 बिलियन डॉलर के सामान की खरीद का लक्ष्य तय किया है. इस बड़े खरीद पैकेज में ऊर्जा उत्पाद, विमानन उपकरण, कीमती धातुएं और डेटा सेंटर से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण शामिल रहेंगे. माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार का कुल आकार तेजी से बढ़ सकता है और रणनीतिक क्षेत्रों में निर्भरता भी मजबूत होगी.

स्टील, एल्युमीनियम और दवा सेक्टर पर स्थिति

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा नियमों के कारण स्टील और एल्युमीनियम से जुड़े व्यापार पर विशेष प्रावधान रखे गए हैं. बयान में कहा गया है कि भारतीय विमानन पुर्जों पर लगाए गए कुछ शुल्क हटाए जा सकते हैं. ऑटो पार्ट्स के निर्यात के लिए भारत को विशेष कोटा देने की भी बात सामने आई है.
फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. इस पर लगने वाले शुल्क की समीक्षा आगे भी जारी रहेगी, ताकि दोनों पक्षों के हित संतुलित रह सकें.

गैर-टैरिफ बाधाएं और आसान कारोबार

रिपोर्ट के अनुसार भारत उन नीतिगत रुकावटों को कम करेगा, जिनकी वजह से अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेज, आईसीटी उत्पाद और कृषि सामान के आयात में दिक्कत आती थी. अगले छह महीनों में दोनों देश मिलकर मानकों, सर्टिफिकेशन और टेस्टिंग प्रक्रियाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप बनाने पर काम करेंगे. इसका उद्देश्य व्यापार प्रक्रियाओं को सरल बनाना और लागत घटाना है.

समझौते के पीछे किस तरह की बताई जा रही है सोच?

इस समझौते के पीछे एक रणनीतिक सोच भी बताई जा रही है. दोनों देश ऐसी नीतियों का मुकाबला करना चाहते हैं, जो गैर-बाजार आधारित मानी जाती हैं. इसे चीन की व्यापारिक रणनीतियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है.
साथ ही डिजिटल व्यापार, डेटा सेंटर टेक्नोलॉजी और हाई-एंड कंप्यूटिंग उपकरण जैसे जीपीयू के लेनदेन को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी है. इससे टेक्नोलॉजी सेक्टर में सहयोग बढ़ने की संभावना है.

फिलहाल यह व्यवस्था अंतरिम रूप में लागू होगी, लेकिन इसे व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. दोनों देशों ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही इसे अंतिम रूप देने की कोशिश होगी. माना जा रहा है कि इस पहल से व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग का नया दौर शुरू हो सकता है, जिससे भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी और गहरी होगी.

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