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Delhi NCR Air Pollution: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु गुणवत्ता बिगड़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बड़ा कदम उठाया है. क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया गया है, ताकि हालात और न बिगड़ें.
वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ से आगे बढ़ने की आशंका
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सुबह 189 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम और स्थानीय प्रदूषण स्रोतों के कारण स्थिति खराब हो सकती है.
निर्माण कार्यों पर सख्त नियम लागू
GRAP-1 के तहत निर्माण स्थलों पर धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है. सभी साइट्स पर मलबे को ढककर रखना अनिवार्य किया गया है और धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रदूषण को बढ़ने से रोका जा सके.
खुले में आग और ईंधन उपयोग पर रोक
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए खुले में कचरा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है. इसके अलावा होटल, रेस्तरां और ढाबों में कोयला और लकड़ी जैसे ईंधन के इस्तेमाल पर भी रोक लागू की गई है.
वायु गुणवत्ता श्रेणियों की स्पष्ट परिभाषा
CPCB के अनुसार, AQI 0–50 ‘अच्छा’, 51–100 ‘संतोषजनक’, 101–200 ‘मध्यम’, 201–300 ‘खराब’, 301–400 ‘अत्यंत खराब’ और 401–500 ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है. फिलहाल दिल्ली की स्थिति मध्यम श्रेणी में है, लेकिन सुधार न होने पर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं.
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