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भादो का महीना शुरू, भूलकर भी न करें ये काम, जानें पूजा-पाठ के जरूरी नियम

Bhadrapada Maas 2026 : 29 अगस्त से भादो का महीना शुरू हो गया है, जिसे व्रत, उपवास, संयम और आत्मचिंतन के लिए विशेष माना जाता है. इस दौरान खान-पान और दिनचर्या से जुड़े कुछ नियमों का पालन करने की परंपरा है, वहीं श्रीकृष्ण और गणेशजी की पूजा के भी खास उपाय बताए गए हैं. जानें भाद्रपद में किन चीजों से बचना चाहिए, कौन से प्रमुख पर्व आएंगे और पूजा-पाठ के लिए किन बातों को शुभ माना जाता है.

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Bhadrapada Maas 2026 : 29 अगस्त से भादो का महीना शुरू हो गया है, जिसे व्रत, उपवास, संयम और आत्मचिंतन के लिए विशेष माना जाता है. इस दौरान खान-पान और दिनचर्या से जुड़े कुछ नियमों का पालन करने की परंपरा है, वहीं श्रीकृष्ण और गणेशजी की पूजा के भी खास उपाय बताए गए हैं. जानें भाद्रपद में किन चीजों से बचना चाहिए, कौन से प्रमुख पर्व आएंगे और पूजा-पाठ के लिए किन बातों को शुभ माना जाता है.

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Bhadrapada Maas 2026 : भादो यानी भाद्रपद मास की शुरुआत के साथ ही हिंदू धर्म में व्रत, उपवास और संयम का विशेष दौर शुरू हो जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार यह महीना केवल पूजा-पाठ के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि अपनी गलतियों पर विचार करने, प्रायश्चित करने और आत्मचिंतन के लिए भी खास माना जाता है. इस दौरान निष्ठा और सात्विक आचरण अपनाने से मन को शुद्ध करने और सकारात्मक भाव विकसित करने में मदद मिलती है. भाद्रपद में पीले रंग के कपड़े पहनना भी शुभ माना गया है.

भादो में सबसे पहले खान-पान पर दें ध्यान

इस महीने की धार्मिक परंपराओं में खान-पान को लेकर भी विशेष सावधानी बताई गई है. कच्ची चीजों के सेवन से बचने और दही का प्रयोग न करने की सलाह दी जाती है. स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सावधानी जरूरी मानी जाती है, क्योंकि इस दौरान रक्तचाप बढ़ने की संभावना को देखते हुए सेहत पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है.

दिनचर्या में सुबह और शाम ठंडे पानी से स्नान करना भी शामिल किया जा सकता है. इससे आलस्य दूर करने में मदद मिल सकती है. वहीं भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी दल अर्पित करना इस महीने शुभ माना जाता है.

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Bhadrapada Maas 2026 : भाद्रपद में कब से कब तक रहेगा महीना?

भाद्रपद मास की तारीख अलग-अलग पंचांग पद्धतियों के अनुसार बदलती है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग में भाद्रपद मास 29 अगस्त 2026 से 26 सितंबर 2026 तक रहेगा.

वहीं दक्षिण भारत में प्रचलित अमांत पंचांग के अनुसार यह महीना 12 सितंबर 2026 से 10 अक्टूबर 2026 तक माना जाएगा.

इस महीने धार्मिक आयोजनों की रहेगी धूम

भाद्रपद को खास बनाने वाले कई प्रमुख पर्व इसी दौरान आते हैं. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, बलराम जन्मोत्सव, राधा जन्मोत्सव, हरितालिका तीज, गणेश चतुर्थी, गणेश महोत्सव और अनंत चतुर्दशी जैसे महत्वपूर्ण त्योहार इसी महीने मनाए जाते हैं.

इन पर्वों पर पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करने की विशेष मान्यता है. इसलिए भाद्रपद के दौरान श्रद्धालुओं के लिए यह महीना धार्मिक गतिविधियों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है.

कृष्ण भक्ति में अपनाएं ये उपाय

भगवान श्रीकृष्ण की कृपा पाने के लिए भाद्रपद में उन्हें पंचामृत से स्नान कराने की परंपरा है. संतान सुख की इच्छा रखने वाले भक्त श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में शामिल हो सकते हैं.

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वहीं आत्मविश्वास और सकारात्मकता बढ़ाने के लिए श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करना लाभकारी माना जाता है. घर में लड्डू गोपाल और शंख की स्थापना को भी शुभ फल देने वाला माना गया है.

गणेशजी की पूजा में दूर्वा और मोदक करें अर्पित

भाद्रपद मास में भगवान गणेश की उपासना को विद्या, बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति के लिए विशेष फलदायी माना जाता है. इस दौरान पीले रंग के गणेशजी की स्थापना करके रोजाना दूर्वा और मोदक अर्पित करने की परंपरा है.

धार्मिक मान्यता के अनुसार पूरे महीने सात्विक आचरण और संयम बनाए रखते हुए गणेशजी की आराधना करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है और जीवन की बाधाएं दूर होने में मदद मिलती है.

भादो में किन बातों को रखें याद?

भाद्रपद मास का मूल संदेश धार्मिक आस्था के साथ संयम और आत्मचिंतन से जुड़ा है. इसलिए इस दौरान खान-पान में सावधानी रखने, अपनी दिनचर्या को संतुलित रखने और पूजा-पाठ के साथ सात्विक आचरण बनाए रखने पर जोर दिया जाता है. श्रीकृष्ण को तुलसी दल अर्पित करने से लेकर गणेशजी को दूर्वा और मोदक चढ़ाने तक कई धार्मिक परंपराएं इस महीने से जुड़ी हैं.

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Disclaimer: यह जानकारी केवल पारंपरिक मान्यताओं और प्रचलित स्रोतों पर आधारित है. HelloCities24 इसकी सत्यता या वैधता की पुष्टि नहीं करता.

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Soni
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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