Bihar Weather: बिहार में मानसून की वापसी के बीच मौसम का मिजाज बदलने वाला है. सोमवार को पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी बिहार के आठ जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है. हालांकि, मौसम विभाग ने किसी भी जिले के लिए चेतावनी जारी नहीं की है. राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य रहने और अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव नहीं होने का अनुमान है. दूसरी ओर, नेपाल में भूस्खलन से बूढ़ी गंडकी नदी का बहाव प्रभावित होने के बाद वाल्मीकि नगर बैराज पर पानी का बहाव बढ़ने की संभावना जताई गई है.
पश्चिमी बिहार के इन आठ जिलों में बारिश की संभावना
सोमवार को पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर और कैमूर में मौसम बदल सकता है. इन जिलों में आसमान में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं. बाकी जिलों में आसमान साफ रहने का अनुमान है.
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राज्य में अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने फिलहाल किसी भी जिले में खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी नहीं किया है.
पटना में धूप के बाद बादलों की आवाजाही
राजधानी पटना में सोमवार को दिन की शुरुआत हल्की धूप के साथ हो सकती है. दोपहर बाद आसमान में आंशिक रूप से बादल छाने का अनुमान है, लेकिन बारिश की संभावना नहीं जताई गई है.
पटना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है. शाम के समय मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है.
दो दिनों में पूरे बिहार से लौट सकता है मानसून
बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो गई है. फिलहाल इसकी वापसी रेखा सुपौल से होकर गुजर रही है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो दिनों में मानसून राज्य के शेष हिस्सों से भी विदा हो सकता है.
बीते 24 घंटों के दौरान मुंगेर और खगड़िया में हल्की बारिश दर्ज की गई. रविवार को कैमूर में सबसे अधिक 35.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. पटना में अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री, गया में 29.9 डिग्री और दरभंगा में 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
मौसम विभाग बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र पर भी नजर रख रहा है. इसके आगे बढ़ने से बिहार के मौसम में बदलाव होने की संभावना है.
नेपाल में भूस्खलन से रुका नदी का बहाव, बैराज पर बढ़ सकता है पानी
नेपाल के गोरखा जिले में भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी नदी का बहाव रुक गया था, जिससे अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई. नेपाल के जगत क्षेत्र में पांच से सात मकानों के बहने की खबर है. हालांकि, अब तक किसी की मौत या अन्य जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है.
इस घटना का असर पश्चिम चंपारण स्थित वाल्मीकि नगर बैराज पर पड़ने की आशंका है. नदी का मिट्टी मिला पानी देवघाट से गुजर रहा है, जो बैराज से करीब 80 किलोमीटर दूर है. जल संसाधन विभाग के अनुसार, बैराज पर पानी का बहाव मौजूदा 50 हजार क्यूसेक से बढ़कर 75 हजार क्यूसेक तक पहुंच सकता है.
हालांकि, विभाग ने बिहार के मैदानी इलाकों में किसी बड़े खतरे की आशंका से इनकार किया है. वहीं, भागलपुर के राघोपुर पंचायत में गंगा के कटाव का असर भी सामने आया है. यहां कटाव के कारण एक दो मंजिला मकान नदी में समा गया.
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