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New House Vastu Tips: नए घर का निर्माण शुरू करने से पहले लोग आमतौर पर नक्शा, खर्च और कमरों की योजना तय करते हैं. इसके साथ कई परिवार वास्तु से जुड़ी मान्यताओं को भी ध्यान में रखते हैं. उनका मानना है कि घर की कुछ जगहों का सही चयन रहने के माहौल को बेहतर बनाए रखने में मददगार हो सकता है. अगर आप भी नया मकान बनवा रहे हैं, तो निर्माण शुरू करने से पहले इन पांच बातों की जानकारी रखना उपयोगी माना जाता है.
घर की शुरुआत प्लॉट के चुनाव से होती है
वास्तु मान्यताओं में जमीन की दिशा को महत्व दिया गया है. उत्तर और पूर्व दिशा की ओर स्थित प्लॉट को कई लोग प्राथमिकता देते हैं. वहीं दक्षिण दिशा वाले प्लॉट को चुनने से बचने की सलाह दी जाती है.
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प्रवेश द्वार की दिशा पर भी दिया जाता है जोर
मुख्य दरवाजा ऐसी जगह होना चाहिए, जहां से घर में आने-जाने में सुविधा रहे. वास्तु के अनुसार उत्तर, पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशा को प्रवेश द्वार के लिए उपयुक्त माना जाता है. वहीं दक्षिण और पश्चिम के बीच वाले हिस्से में मुख्य द्वार बनाने की सलाह नहीं दी जाती.
New House Vastu Tips: शौचालय की जगह पहले से तय करना बेहतर
घर का नक्शा बनाते समय टॉयलेट की स्थिति भी पहले तय करने की बात कही जाती है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार मुख्य प्रवेश द्वार के सामने, घर के मध्य भाग या उत्तर-पूर्व दिशा में शौचालय नहीं होना चाहिए. इसके लिए पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा को बेहतर माना जाता है.

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सीढ़ियां और सर्वेंट रूम के लिए भी बताई गई है अलग दिशा
यदि घर में नौकर के रहने के लिए कमरा बनाया जा रहा है तो उसे उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखने की सलाह दी जाती है. इसी तरह घर के बीचों-बीच सीढ़ियां बनाना भी उचित नहीं माना जाता. दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम दिशा को इसके लिए उपयुक्त बताया गया है.
लिफ्ट की लोकेशन भी पहले तय करें
बहुमंजिला मकान में लिफ्ट लगाने की योजना हो तो उसकी जगह पहले से तय करना जरूरी माना जाता है. वास्तु के अनुसार उत्तर दिशा में लिफ्ट लगाने से बचने की सलाह दी जाती है, जबकि उत्तर-पश्चिम दिशा को इसके लिए बेहतर माना गया है.
वास्तु मान्यताओं के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान
वास्तु शास्त्र भारतीय परंपरा का हिस्सा है और अनेक लोग घर बनाते समय इसकी मान्यताओं का पालन करते हैं. हालांकि इन मान्यताओं की पुष्टि करने वाला कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है. इसलिए घर के निर्माण के दौरान मजबूत ढांचा, पर्याप्त धूप, अच्छी हवा और सुरक्षा जैसी आवश्यक बातों पर भी बराबर ध्यान देना चाहिए.
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