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Bihar Regiment Centre : बिहार रेजीमेंट सेंटर में मंगलवार को 63वीं राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन का 22वां स्थापना दिवस उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया. कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2004 में स्थापित इस बटालियन की अब तक की यात्रा, राष्ट्र की सुरक्षा के लिए किए गए योगदान और कठिन अभियानों में निभाई गई जिम्मेदारियों का उल्लेख किया गया. समारोह में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले बटालियन के वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई.
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विशेष अभियानों के लिए हुआ था गठन
63वीं राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन की स्थापना 30 जून 2004 को कर्नल आनंद भूषण के नेतृत्व में की गई थी. इस यूनिट को जम्मू-कश्मीर में काउंटर इंसर्जेंसी और काउंटर टेररिज्म अभियानों के लिए तैयार किया गया. बिहार रेजीमेंट के अंतर्गत गठित यह चौथी राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन है. इसी वजह से सैन्य क्षेत्र में इसे ‘द फोर्थ डाइमेंशन’ के नाम से भी पहचान मिली.
साहसिक अभियानों के लिए मिल चुके हैं सम्मान
जम्मू-कश्मीर में विभिन्न तैनातियों के दौरान बटालियन ने आतंकवादियों की घुसपैठ रोकने के साथ-साथ कई आतंकवाद विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई. इन अभियानों में जवानों ने साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरे किए. उत्कृष्ट सेवाओं और वीरता के लिए बटालियन तथा इसके सैनिकों को समय-समय पर अनेक वीरता पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए हैं.
वीर स्मृति स्थल पर आयोजित हुआ श्रद्धांजलि समारोह
स्थापना दिवस के अवसर पर बिहार रेजीमेंट सेंटर स्थित वीर स्मृति स्थल पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. यहां देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 63वीं राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन के शहीद सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और उनके अदम्य साहस को नमन किया गया.
समारोह में बिहार रेजीमेंट के कमांडेंट ब्रिगेडियर राकेश कुमार बोरा, लेफ्टिनेंट कर्नल आर.सी. खोत, सूबेदार मेजर नारायण प्रधान सहित बड़ी संख्या में जेसीओ और जवान शामिल हुए. सभी ने बटालियन की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्रसेवा के संकल्प को दोहराया.

