इस खबर में क्या है?
Train Passenger Safety : पूर्व रेलवे के ट्रेनों और स्टेशनों पर धूम्रपान करने वाले यात्रियों के खिलाफ अब ‘शून्य सहिष्णुता’ (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाई जा रही है. ट्रेनों के शौचालयों और कोचों में अत्याधुनिक स्वचालित स्मोक डिटेक्टर (धुएं की पहचान करने वाले यंत्र) तेजी से लगाए जा रहे हैं. जैसे ही कोई यात्री छिपकर सिगरेट या बीड़ी सुलगाएगा, ट्रेन में लगा फायर अलार्म बज उठेगा और आरपीएफ व रेलकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे दबोच लेंगे.
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पूर्व रेलवे का व्यापक सुरक्षा अभियान शुरू
ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर के सक्रिय नेतृत्व में पूरे क्षेत्राधिकार में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है. स्टेशनों और रेल परिसरों में सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क तथा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की चौबीसों घंटे सतर्क गश्त के माध्यम से नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.
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इस अधिनियम के तहत होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
ट्रेन, रेलवे स्टेशन अथवा रेलवे परिसर में धूम्रपान करना कानूनन गंभीर अपराध है. रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 167 के तहत पकड़े जाने पर दोषी व्यक्ति पर ₹2,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके साथ ही उसे ट्रेन के डिब्बे से तत्काल नीचे उतार दिया जाएगा और उसका यात्रा टिकट या पास भी जब्त कर लिया जाएगा. लापरवाही बरतने पर गंभीर कानूनी धाराओं में जेल भी हो सकती है.
एक छोटी सी चिंगारी बन सकती है सैकड़ों निर्दोष यात्रियों का काल
रेलवे प्रशासन के अनुसार, ट्रेन एक तेज गति से चलने वाला बंद वातावरण है, जहाँ सिगरेट की एक छोटी सी चिंगारी या जलता हुआ टुकड़ा कुछ ही क्षणों में पूरे कोच को भीषण आग की चपेट में ले सकता है. ऐसी स्थिति में जहरीले धुएं के कारण आपातकालीन निकास बाधित हो सकते हैं और सैकड़ों निर्दोष यात्रियों का जीवन खतरे में पड़ सकता है.
अधिकारी ने की यात्रियों से सहयोग की भावुक अपील
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा कि रेल यात्रा आपसी विश्वास और साझा जिम्मेदारी पर टिकी है. जब कोई यात्री ट्रेन के भीतर सिगरेट जलाता है, तो वह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं करता, बल्कि सह-यात्रियों, बच्चों और महिलाओं के जीवन को भी जोखिम में डाल देता है. हमारी सुरक्षा व्यवस्था अब पहले से अधिक सतर्क है और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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