इस खबर में क्या है?
Indonesia Earthquake: शनिवार की सुबह इंडोनेशिया के फ्लोरेस में अचानक धरती हिलने लगी. 7.7 तीव्रता के जोरदार भूकंप ने लोगों को घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया. झटकों के बाद कई मकानों और दूसरी इमारतों को नुकसान पहुंचने की सूचना सामने आई. इसके साथ ही चार प्रांतों के तटीय क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई. प्रशासन ने लोगों से समुद्र और नदी किनारे से दूर रहने की अपील की. शुरुआती जानकारी में किसी के मारे जाने की सूचना नहीं थी.
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सूरज निकलने से पहले आया तेज झटका, कई इलाकों में महसूस हुई कंपकंपी
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार स्थानीय समयानुसार सुबह 5:58 बजे भूकंप आया. इसकी तीव्रता 7.7 और गहराई करीब 10 किलोमीटर थी.
VIDEO | Sikka: Residents flee to higher ground after a powerful 7.7 magnitude earthquake struck off the coast of Indonesia Saturday morning.
— Press Trust of India (@PTI_News) August 15, 2026
(Source: AFP/PTI)
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/o9vXHtIfPR
भूकंप का केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के एंडे शहर से करीब 68 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में बताया गया. फ्लोरेस द्वीप के बड़े हिस्से में इसका असर महसूस हुआ. मुख्य झटके के बाद भी कई आफ्टरशॉक्स महसूस किए गए.
समुद्र से दूर रहने की अपील, चार प्रांतों में जारी हुआ अलर्ट
जोरदार भूकंप के बाद इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने तटीय इलाकों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की.
पूर्वी नुसा तेंगारा, पश्चिमी नुसा तेंगारा, दक्षिण सुलावेसी और दक्षिण-पूर्वी सुलावेसी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समुद्र तट और नदी किनारे से दूर रहने को कहा गया. प्रशासन ने सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी.
कहीं घरों को नुकसान, कहीं सार्वजनिक इमारतें प्रभावित
भूकंप के बाद फ्लोरेस द्वीप के अलग-अलग हिस्सों से मकानों और सार्वजनिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की शुरुआती जानकारी मिली. हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि कुल कितनी इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं.
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तेज झटकों के बाद लोगों में भय का माहौल रहा और संभावित सुनामी की आशंका के चलते तटीय क्षेत्रों से लोगों के सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की जानकारी सामने आई.
1992 की तबाही की याद ने बढ़ाई चिंता
फ्लोरेस में भूकंप के साथ सुनामी की चेतावनी ने पुराने जख्म भी ताजा कर दिए. दिसंबर 1992 में इसी क्षेत्र में करीब 7.0 तीव्रता का भूकंप आया था. इसके बाद उठी सुनामी ने भारी तबाही मचाई थी और करीब 2,500 लोगों की मौत हुई थी.
ऐसे में शनिवार सुबह आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद सुनामी अलर्ट जारी होने से स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई.
‘रिंग ऑफ फायर’ में है इंडोनेशिया, इसलिए भूकंप का खतरा ज्यादा
इंडोनेशिया 17 हजार से अधिक द्वीपों वाला देश है और प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है. इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में सक्रिय ज्वालामुखी और भूगर्भीय भ्रंश रेखाएं मौजूद हैं.
इसी भौगोलिक स्थिति के कारण इंडोनेशिया में भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां लगातार होती रहती हैं.
10 किलोमीटर गहराई वाला भूकंप क्यों बना चिंता की वजह?
भूकंप की गहराई उसके असर को प्रभावित करती है. USGS के अनुसार इन्हें उथले, मध्यम गहराई वाले और गहरे भूकंपों में बांटा जाता है.
उथले भूकंपों की भूकंपीय तरंगों को धरती की सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है. इसलिए सतह पर इनके झटके अधिक तेज महसूस हो सकते हैं और इमारतों व अन्य ढांचों को नुकसान का खतरा बढ़ जाता है.
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