इस खबर में क्या है?
Nepal Flood Kushinagar : गंडक नदी इन दिनों सिर्फ पानी नहीं बहा रही है. उसके साथ नेपाल में आई बाढ़ की भयावह तस्वीरें भी भारतीय क्षेत्र तक पहुंच रही हैं. कुशीनगर में नदी से तीन शव बरामद हुए हैं.
इसके अलावा वाहन, गैस सिलेंडर, ड्रम, फर्नीचर और घरेलू सामान समेत बड़ी मात्रा में मलबा भी बहकर आया है. तीनों शवों की पहचान नहीं हो सकी है और अब प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि क्या उनका संबंध नेपाल में बाढ़ के दौरान लापता हुए लोगों से है.
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तीन शवों की पहचान के लिए नेपाल से संपर्क
शुक्रवार को खड्डा क्षेत्र के मदनपुर-सुकरौली इलाके में गंडक बैराज के पियर नंबर-3 के पास शव दिखाई देने के बाद SDRF की निगरानी टीम सक्रिय हुई. शवों को नदी से बाहर निकालकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई. मामले की जांच के साथ नेपाल के सीमावर्ती जिलों के प्रशासन से भी संपर्क किया गया है.
तीन शवों ने खड़े किए कई सवाल
गंडक बैराज के पास नदी में एक साथ तीन शव मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल उनकी पहचान को लेकर है. SDRF की निगरानी टीम ने शुक्रवार को शवों को बहते देखा था. इसके बाद टीम ने उन्हें नदी से बाहर निकाला.
STORY | Nepal flash floods: 3 bodies recovered from river in UP's Kushinagar
— Press Trust of India (@PTI_News) August 29, 2026
Three bodies were recovered from the Gandak river in Uttar Pradesh's Kushinagar district after they apparently drifted into Indian territory from Nepal amid the devastating floods in the neighbouring… pic.twitter.com/fOVpithAoS
फिलहाल मृतकों के बारे में कोई पहचान सामने नहीं आई है. प्रशासन अब नेपाल की ओर भी जानकारी जुटा रहा है. सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों से संपर्क कर यह मिलान करने की कोशिश हो रही है कि बाढ़ के बाद जिन लोगों के लापता होने की सूचना है, उनमें इन मृतकों का कोई संबंध तो नहीं.
नदी में बहता मिला सामान बता रहा तबाही का मंजर
गंडक में मिले शवों के साथ बहता मलबा भी चिंता बढ़ाने वाला है. अधिकारियों के अनुसार नदी में वाहन, घरेलू सामान, गैस सिलेंडर, ड्रम, फर्नीचर और लकड़ियां बहती हुई देखी गई हैं.
यानी तेज बहाव अपने साथ केवल पानी नहीं ला रहा, बल्कि अपने रास्ते में आई चीजों को भी नीचे की ओर खींच ला रहा है. भारतीय क्षेत्र में पहुंच रहा यह मलबा नेपाल में बाढ़ की तीव्रता का अंदाजा दे रहा है.
भोटेकोशी से शुरू हुआ बहाव गंडक तक पहुंचा
इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी 26 अगस्त को नेपाल में आई अचानक बाढ़ से जुड़ती है. भोटेकोशी नदी में अचानक आए पानी का प्रवाह आगे त्रिशूली नदी और फिर गंडक नदी तंत्र तक पहुंचा.
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नदियों का यह जुड़ा हुआ प्रवाह ही अब भारतीय क्षेत्र में असर दिखा रहा है. तेज बहाव के साथ बहकर आने वाला मलबा और शव इसी बड़े नदी तंत्र के जरिए नीचे तक पहुंचने की आशंका है.
महराजगंज में भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
कुशीनगर में तीन शव मिलने से पहले पड़ोसी महराजगंज जिले में भी ऐसे शव बरामद हुए थे, जिनके नेपाल से बहकर आने की आशंका जताई गई थी.
एक के बाद एक सामने आ रही इन घटनाओं ने सीमा से लगे भारतीय जिलों की चिंता बढ़ा दी है. अब निगरानी का दायरा सिर्फ नदी के जलस्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि बहकर आने वाली वस्तुओं और किसी भी नए शव की सूचना पर भी नजर रखी जा रही है.
गंडक किनारे प्रशासन ने बढ़ाई चौकसी
कुशीनगर प्रशासन ने गंडक नदी और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है. पुलिस, SDRF और प्रशासनिक टीमें लगातार हालात पर नजर रख रही हैं.
नदी में तेज बहाव के साथ लगातार मलबा आने की स्थिति को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है. प्रशासन की कोशिश है कि नदी से जुड़ी किसी भी नई घटना की जानकारी तत्काल मिले और जरूरत पड़ने पर बचाव एवं राहत की कार्रवाई शुरू की जा सके.
फिलहाल तीनों शवों की पहचान सबसे अहम कड़ी बनी हुई है. यदि नेपाल के सीमावर्ती जिलों से इनके संबंध की पुष्टि होती है तो इससे यह भी स्पष्ट होगा कि वहां की बाढ़ का मानवीय असर नदी के रास्ते कितनी दूर तक पहुंचा है.
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