🟡 Gold (10g) : ₹ 1,43,620.47 ⚪ Silver (1kg) : ₹ 2,14,324.72 💵 USD / INR : ₹ 95.69 📈 Sensex : 77,369.11 (-0.22%) 📊 Nifty 50 : 24,219.05 (-0.14%)
🟡 Gold (10g) : ₹ 1,43,620.47 ⚪ Silver (1kg) : ₹ 2,14,324.72 💵 USD / INR : ₹ 95.69 📈 Sensex : 77,369.11 (-0.22%) 📊 Nifty 50 : 24,219.05 (-0.14%)
विज्ञापन

वायरल वीडियो

क्या दूर होगी भारत-चीन की कड़वाहट? बीजिंग पहुंचे NSA अजीत डोभाल, कल वांग यी से होगी बातचीत

India China Border Talks : NSA अजीत डोभाल सोमवार को बीजिंग पहुंच गए हैं. मंगलवार को वांग यी के साथ सीमा विवाद पर 25वें दौर की बातचीत होगी. दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और भरोसा कायम करने पर जोर रहेगा.

विज्ञापन

India China Border Talks : NSA अजीत डोभाल सोमवार को बीजिंग पहुंच गए हैं. मंगलवार को वांग यी के साथ सीमा विवाद पर 25वें दौर की बातचीत होगी. दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और भरोसा कायम करने पर जोर रहेगा.

विज्ञापन

India China Border Talks : भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के बीच एक बार फिर दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर शुरू होने जा रहा है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल सोमवार को चीन की राजधानी बीजिंग पहुंच गए. मंगलवार 25 अगस्त को उनकी मुलाकात चीन के विदेश मंत्री वांग यी से होगी. दोनों नेताओं के बीच सीमा विवाद को लेकर 25वें दौर की विशेष बातचीत होगी.

डोभाल का यह दौरा दो दिनों का है. इस दौरान वह वांग यी के अलावा चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात करेंगे. ऐसे में उनकी इस यात्रा से दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को कम करने और रिश्तों में सुधार की उम्मीद की जा रही है.

India China Border Talks : क्यों अहम है डोभाल और वांग यी की बैठक?

भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर हुए विवाद के बाद दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट आई थी. अब बातचीत के जरिए इस कड़वाहट को धीरे-धीरे कम करने की कोशिश की जा रही है.

मंगलवार की बैठक में सीमा विवाद के साथ दोनों देशों के बीच शांति और भरोसा कायम करने पर जोर रहेगा. भारत का मानना है कि आपसी विश्वास के बिना दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर नहीं किया जा सकता.

राहुल गांधी केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, हाईकोर्ट में आगे की कार्रवाई पर रोक

सीमा विवाद पर क्या है दोनों देशों की सोच?

सीमा विवाद का समाधान तलाशना इस बातचीत का अहम हिस्सा होगा. दोनों देशों का मानना है कि बातचीत के जरिए ही इस समस्या का रास्ता निकाला जा सकता है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, भारत और चीन के बीच शांति और भरोसा बेहद जरूरी है. इसी आधार पर दोनों देशों के बीच आगे की राह तलाशने की कोशिश की जा रही है.

मोदी-शी की मुलाकात से रिश्तों को लेकर क्या संकेत मिले?

भारत और चीन के रिश्तों के बीच हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात भी हुई थी. इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और चीन को एक-दूसरे का विरोधी या प्रतिद्वंद्वी नहीं माना, बल्कि दोनों देशों को साथ मिलकर आगे बढ़ने वाला साझेदार बताया.

दोनों देशों के बीच सहयोग का असर सिर्फ भारत और चीन तक सीमित नहीं रहने वाला है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों में मिलाकर दुनिया की करीब 2.8 अरब आबादी रहती है. ऐसे में दोनों देश मिलकर काम करते हैं तो इससे पूरे एशिया और दुनिया में शांति को भी फायदा हो सकता है.

अब मंगलवार की बातचीत पर टिकी नजर

अजीत डोभाल की बीजिंग यात्रा और वांग यी के साथ होने वाली 25वें दौर की बातचीत को भारत-चीन रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. अब सवाल यही है कि इस बातचीत से सीमा विवाद को लेकर आगे क्या रास्ता निकलता है और क्या दोनों देशों के बीच बनी दूरी को कम करने की दिशा में कोई ठोस कदम बढ़ता है.

इसे भी पढ़ें-

पेपर लीक से लेकर सोशल मीडिया तक सख्ती, विधानसभा से 13 बड़े विधेयकों को मिली मंजूरी
विज्ञापन
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
संबंधित खबरें
विज्ञापन

जरूर पढ़ें

Patna
light rain
32 ° C
32 °
32 °
70%
5.1m/s
100%
सोम
31 °
मंगल
34 °
बुध
34 °
गुरु
32 °
शुक्र
34 °

अन्य खबरें