Patna Protest : पटना में सोमवार को अलग-अलग मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगह टकराव की स्थिति बनी. गांधी मैदान से निकले आक्रोश मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर होते हुए डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़े. रास्ते में बैरिकेड्स तोड़कर आगे जाने की कोशिश हुई, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और झड़प हुई. डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने कई महिला और पुरुष प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. प्रदर्शन को देखते हुए गांधी मैदान से डाकबंगला तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
गांधी मैदान से शुरू हुआ मार्च, सड़कों पर बढ़ी भीड़
छात्र-नौजवान, किसान और मजदूरों के नाम पर हजारों प्रदर्शनकारी गांधी मैदान में जुटे. इनमें किसान, AISF, CPI, AIKF और वाम दलों के कार्यकर्ता शामिल रहे.
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गेट नंबर-10 से आक्रोश मार्च निकाला गया. प्रदर्शनकारियों के हाथों में पोस्टर और बैनर थे. इनमें वित्त रहित शिक्षा का कलंक समाप्त करने, बाढ़-सूखा का स्थायी निदान करने और बाढ़ पीड़ितों को युद्धस्तर पर राहत देने जैसी मांगें लिखी थीं.
मार्च आगे बढ़ते हुए जेपी गोलंबर तक पहुंचा. इसके बाद प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़े.
बैरिकेड तोड़ने की कोशिश, पुलिस से हुई झड़प
जेपी गोलंबर के पास प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, रोजगार, स्कीम वर्कर्स को स्थायी करने और मजदूरों को न्यूनतम मानदेय देने समेत कई मांगें उठाईं.
आगे बढ़ने के दौरान बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश को लेकर AISF, CPI, AIKF और अन्य वाम दलों के कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हुई. SDPO कामख्या नारायण सिंह के साथ प्रदर्शनकारियों की तीखी बहस भी हुई.
मौके की स्थिति को देखते हुए पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई.
डाकबंगला पर हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहे तक पहुंचे तो पुलिस ने लोगों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया. कई महिला और पुरुष प्रदर्शनकारियों को पुलिसकर्मी पकड़कर मौके से ले जाते दिखे.
हिरासत में लिए गए लोगों को पुलिसकर्मियों के साथ ले जाने का वीडियो भी सामने आया है. डाकबंगला चौराहे पर बड़े लोहे के बैरिकेड लगाए गए हैं.
हाथ में कील लगा बांस लेकर पहुंची महिला
प्रदर्शन के दौरान हाथ में कील लगा बांस लेकर घूमती एक महिला भी चर्चा में रही. महिला का आरोप था कि उसने यह बांस पुलिस के हाथों से छीना है.
महिला ने दावा किया कि बांस में कई कील लगी हुई हैं और पुलिस इसी बांस को लेकर खड़ी थी. उसने सवाल उठाया कि अगर यह किसी व्यक्ति को लग जाता तो क्या होता.
महिला ने कहा कि वह इस बांस को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास जाएगी और दिखाएगी कि उनके राज में क्या हो रहा है.
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किसानों के साथ वाम दलों के कार्यकर्ता
पटना में किसानों का प्रदर्शन बाढ़-सूखा और सरकारी नीतियों से जुड़ी मांगों को लेकर हुआ. किसानों के प्रदर्शन की अगुवाई वाम दलों के नेता कर रहे हैं.
गांधी मैदान में जुटे प्रदर्शनकारियों के पोस्टर-बैनर में बाढ़-सूखा के स्थायी समाधान और बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत देने की मांग प्रमुख रही.
95 फीसदी छात्रों के फेल होने का आरोप
इसी बीच बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के छात्र भी परीक्षा परिणाम को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में करीब 95 प्रतिशत विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया.
छात्रों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर विद्यार्थियों के फेल होने से उनके भविष्य पर असर पड़ रहा है. वे परीक्षा परिणाम की समीक्षा और अपनी शिकायतों के समाधान की मांग कर रहे हैं.
हालांकि 95 प्रतिशत छात्रों के फेल होने का आंकड़ा प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है और उपलब्ध जानकारी में इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है. प्रदर्शन में सांसद पप्पू यादव के भी शामिल होने की बात सामने आई है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनके थोड़ी देर में प्रदर्शन में पहुंचने की बात कही गई है.
डाकबंगला से गांधी मैदान तक सुरक्षा बढ़ी
दोनों प्रदर्शनों को देखते हुए पटना पुलिस ने गांधी मैदान से डाकबंगला चौराहे तक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. मौके पर पटना SSP कार्तिकेय शर्मा, सिटी एसपी वेस्ट संकेत कुमार और सिटी एसपी ईस्ट शैलजा समेत कई वरीय पुलिस अधिकारी मौजूद रहे.
डाकबंगला चौराहे पर बड़े लोहे के बैरिकेड लगाए गए हैं. प्रदर्शनकारियों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है.



