Jamui Case : जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने के मामले में सचिवालय थाने में FIR दर्ज होने के बाद अब जांच का दायरा बढ़ गया है. पुलिस केवल उस व्यक्ति की भूमिका नहीं देख रही है, जिसने फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड की, बल्कि तस्वीर को रीपोस्ट और वायरल करने वाले अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की भूमिका भी जांची जाएगी.
पुलिस अवर निरीक्षक की शिकायत पर दर्ज FIR में मुख्यमंत्री कार्यालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद समेत अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. शिकायत में कहा गया है कि फोटो मुख्यमंत्री के X हैंडल पर शेयर की गई थी और इसके बाद वह सोशल मीडिया पर शेयर और वायरल हुई.
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An FIR has been registered at the Secretariat Police Station against an employee of the Chief Minister's Office regarding the posting of a photograph of the Jamui victim's family on Chief Minister Samrat Choudhary's social media handle ('X') yesterday. pic.twitter.com/PZ9VW6tt0U
— ANI (@ANI) September 25, 2026
Jamui Case : फोटो शेयर होने से लेकर वायरल होने तक जांच
पुलिस अब यह जांच करेगी कि पीड़िता और उसके परिवार की फोटो सोशल मीडिया पर किस तरह आगे शेयर हुई. शिकायत में फोटो को मुख्यमंत्री कार्यालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद द्वारा X पर अपलोड किए जाने की बात कही गई है.
इसके बाद फोटो को शेयर और वायरल किए जाने की बात सामने आई. इसी आधार पर पुलिस अपलोड करने वाले के साथ तस्वीर को रीपोस्ट करने वाले अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की भूमिका भी देख रही है.
FIR में सागर प्रसाद समेत अन्य आरोपी
सचिवालय थाने में दर्ज FIR में सागर प्रसाद समेत अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. शिकायत में नाबालिग पीड़िता की पहचान सामने आने को गंभीर मामला बताया गया है.
पुलिस की शिकायत में कहा गया है कि पीड़िता और उसके परिवार की फोटो सोशल मीडिया पर डालने से उसकी पहचान सामने आने की स्थिति बनी.
चार धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
मामले में BNS की धारा 73 और POCSO एक्ट की धारा 23 के तहत केस दर्ज किया गया है. इसके अलावा आईटी एक्ट की धारा 66E और 67 भी लगाई गई हैं.
अब जांच में इन धाराओं के तहत दर्ज मामले से जुड़े साक्ष्यों को देखा जाएगा. पुलिस का कहना है कि साक्ष्य के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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मुख्यमंत्री की मुलाकात के बाद शेयर हुई थी तस्वीर
जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी. इसके बाद मुख्यमंत्री के X हैंडल से परिवार के साथ फोटो शेयर की गई.
बाद में यह फोटो हटा दी गई. तस्वीर सामने आने के बाद पीड़िता की पहचान को लेकर सवाल उठे थे. अब इसी मामले में सचिवालय थाने में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस फोटो के अपलोड होने से लेकर उसके रीपोस्ट और वायरल होने तक की भूमिका की जांच कर रही है.
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