Rupi Soren Funeral : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन की अंतिम विदाई गुरुवार को उनके पैतृक गांव नेमरा में हुई. दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर दोपहर करीब 2 बजे नेमरा पहुंचा, जिसके बाद श्रद्धांजलि की प्रक्रिया पूरी की गई. इसके बाद ढेकानाला घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. इसी के समीप शिबू सोरेन का भी अंतिम संस्कार हुआ था.
रूपी सोरेन की अंतिम यात्रा में झारखंड सरकार के मंत्रियों के अलावा पक्ष और विपक्ष के कई विधायक तथा बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए. नेमरा में लोगों की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पहले से व्यापक इंतजाम किए थे. पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती के साथ यातायात और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई थी.
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Rupi Soren Funeral : नेमरा में सुबह से जुटने लगे थे अधिकारी
अंतिम संस्कार से पहले रामगढ़ और हजारीबाग के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने नेमरा में व्यवस्थाओं का जायजा लिया. अंतिम संस्कार स्थल और आसपास के इलाकों का निरीक्षण कर अधिकारियों ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन से जुड़े इंतजामों को अंतिम रूप दिया.
रामगढ़ के उपायुक्त ऋतुराज और पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत के नेतृत्व में तैयारियों की निगरानी की गई. बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की आशंका को देखते हुए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग भी की गई.
शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार वाली जगह के पास विदाई
रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार ढेकानाला घाट पर किया गया. यह वही इलाका है, जहां के समीप दिशोम गुरु शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार हुआ था. उनकी अंतिम विदाई के दौरान उमड़ी भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन ने भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष व्यवस्था की.
नेमरा में जगह-जगह तोरण द्वार बनाए गए थे. इन पर रूपी सोरेन की तस्वीर के साथ ‘अंतिम जोहार’ और ‘विनम्र श्रद्धांजलि’ लिखा गया था.
सुरक्षा के लिए पहले से पहुंची जैप की कंपनियां
अंतिम संस्कार में लोगों की बड़ी मौजूदगी को देखते हुए जैप की कई कंपनियां देर रात से ही नेमरा पहुंच गई थीं. पुलिस बल के साथ दंडाधिकारियों को भी अलग-अलग स्थानों पर लगाया गया था, ताकि भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था में किसी तरह की परेशानी न हो.
आने-जाने के रास्ते पर भी किया गया काम
नेमरा पहुंचने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गोला-मुरी मार्ग पर मरम्मत का काम भी कराया गया. अंतिम संस्कार स्थल पर जरूरी व्यवस्थाओं को पूरा करने के लिए संबंधित विभागों की गतिविधियां भी अंतिम समय तक जारी रहीं.
रूपी सोरेन की अंतिम विदाई के दौरान नेमरा में सुरक्षा व्यवस्था के साथ लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने पर विशेष ध्यान दिया गया.
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