Sultanganj : किशनगंज में सिपाही समीर कुमार की गोली लगने से मौत की खबर मिलते ही भागलपुर के सुल्तानगंज स्थित उनके पैतृक घर में मातम पसर गया. रविवार सुबह करीब आठ बजे परिजनों को समीर की मौत की सूचना मिली, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया. 32 वर्षीय समीर सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के गंगापुर वार्ड संख्या 21 के निवासी थे. उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन किशनगंज के लिए रवाना हो गए.
अगस्त में छुट्टी लेकर आए थे घर
समीर के पिता नागेश्वर दास सेवानिवृत्त शिक्षक हैं. उनके मुताबिक, समीर अगस्त में छुट्टी लेकर घर आए थे. कुछ दिन परिवार के साथ बिताने के बाद वह अपनी ड्यूटी पर किशनगंज लौट गए थे. परिजनों का कहना है कि समीर ड्यूटी के तनाव में रहते थे. हालांकि, उनकी मौत के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है. मौत के कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा.
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2015 में समस्तीपुर में हुई थी पहली पोस्टिंग
समीर कुमार की पहली पोस्टिंग वर्ष 2015 में समस्तीपुर में हुई थी. इसके बाद उनकी तैनाती मधुबनी में हुई और फिर वह किशनगंज में पदस्थापित किए गए. उनकी मौत की खबर से सुल्तानगंज स्थित पैतृक घर में शोक का माहौल है.
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
समीर की शादी वर्ष 2011 में पूजा कुमारी से हुई थी. उनके दो बच्चे हैं. बेटी तन्नुश्री छठी कक्षा में पढ़ती है, जबकि बेटा आर्यन राज दूसरी कक्षा का छात्र है. पिता की मौत से दोनों बच्चों के सिर से साया उठ गया है. परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है.
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है. समीर की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा.
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