Rahul Gandhi SIR Petition : राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, लेकिन याचिका पर सुनवाई से पहले ही 14 प्रक्रियागत आपत्तियां सामने आ गई हैं. सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने दस्तावेजों, याचिकाकर्ताओं की जानकारी और कोर्ट फीस समेत कई बिंदुओं पर सुधार करने को कहा है. दूसरी ओर, याचिका पर सुनवाई के लिए अभी पीठ का गठन नहीं हुआ है और तारीख भी तय नहीं की गई है.
Rahul Gandhi SIR Petition : मतदाता सूची से नाम हटाने की जांच के लिए समिति बनाने की मांग
विपक्षी नेताओं ने याचिका में SIR की प्रक्रिया और चुनावी अनियमितताओं के आरोप उठाए हैं. उन्होंने चुनाव आयोग से संबंधित रिकॉर्ड अदालत में प्रस्तुत कराने की मांग की है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का अनुरोध किया है, जो SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों की जांच करे.
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याचिकाकर्ताओं ने सभी राज्यों में SIR की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग की है. विपक्ष इन कथित अनियमितताओं को ‘वोट चोरी’ बता रहा है.
सुनवाई से पहले किन बिंदुओं पर सुधार जरूरी?
12 अक्टूबर को दाखिल संयुक्त रिट याचिका में सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने कुल 14 आपत्तियां दर्ज की हैं. इनमें याचिका की लिस्टिंग के फॉर्म में प्रतिवादी का नाम सुधारना, पेज नंबर 9 पर प्रतिवादियों की जानकारी ठीक करना और निजी व्यक्तियों को पक्षकार बनाने का कारण स्पष्ट करना शामिल है.
रजिस्ट्री ने पहले दाखिल समान मामलों से जुड़ा जरूरी पैराग्राफ जोड़ने और अदालत से मांगी गई राहत वाले हिस्से में प्रतिवादी का नंबर ठीक करने को भी कहा है. याचिका में 24 जून 2025 के जिस फैसले का उल्लेख है, उसकी कॉपी भी संलग्न नहीं मिली है.
पहचान पत्र, वकालतनामे और पेन ड्राइव पर भी आपत्ति
दस्तावेजों से जुड़ी आपत्तियों में अनुबंध P2 की तारीख में अंतर और अनुबंध P5 में दर्ज केस नंबर की गड़बड़ी शामिल है. पेज नंबर 57 और 64 की रंगीन प्रतियां जमा करने तथा अनुबंध P6 से संबंधित सामग्री पेन ड्राइव में उपलब्ध कराने को कहा गया है.
याचिकाकर्ता संख्या 3 से 11 तक के वकालतनामे नहीं होने की बात भी रजिस्ट्री ने उठाई है. याचिकाकर्ता संख्या 2 और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पहचान पत्र की स्पष्ट कॉपी मांगी गई है. इसके अलावा, कुछ दस्तावेजों में हल्की लिखावट, छोटे फॉन्ट और अस्पष्ट छपाई की समस्या बताई गई है. कोर्ट फीस में भी 220 रुपये कम जमा होने की आपत्ति दर्ज की गई है.
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12 अक्टूबर को दाखिल हुई थी याचिका
राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं ने 12 अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ संयुक्त रिट याचिका दाखिल की थी. उसी दिन विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च भी किया था. याचिका एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड एस. प्रसन्ना के माध्यम से दाखिल की गई है.
मामला ‘राहुल गांधी बनाम भारत निर्वाचन आयोग’ के नाम से दर्ज है. इसका डायरी नंबर 64196/2026 है. याचिका में भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को प्रतिवादी बनाया गया है.
अब सुनवाई के लिए क्या स्थिति है?
फिलहाल याचिका पर सुनवाई के लिए किसी पीठ का गठन नहीं हुआ है. सुनवाई की तारीख भी तय नहीं की गई है और चुनाव आयोग सहित अन्य प्रतिवादियों के जवाब आने बाकी हैं. ऐसे में SIR पर रोक लगाने की विपक्ष की मांग पर अदालत में सुनवाई कब होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है.
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