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Kolkata Stampede : दुर्गा पूजा पंडाल में 19 मौतों पर घिरी व्यवस्था, 12 हिरासत में; संकरे गेट पर भी सवाल

Kolkata Stampede : कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं. पुलिस ने आयोजन समिति के कुछ सदस्यों समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी है. राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है.

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Kolkata Stampede : कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं. पुलिस ने आयोजन समिति के कुछ सदस्यों समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी है. राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है.

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Kolkata Stampede: कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है. इनमें दुर्गा पूजा आयोजन समिति के कुछ सदस्य भी शामिल हैं. हादसे के बाद अब जांच का फोकस भीड़ नियंत्रण, पंडाल की प्रवेश-निकास व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है. वहीं, राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है.

दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 की मौत, राष्ट्रपति मुर्मू और PM मोदी ने जताया शोक

19 मौतों के बाद जांच के घेरे में आयोजन की व्यवस्था

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे और हादसे के समय उनकी स्थिति क्या थी. घटनास्थल को सील कर दिया गया है. जांच में फोरेंसिक टीम, स्पेशल टास्क फोर्स और दमकल विभाग को भी शामिल किया गया है.

हादसे के बाद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने पंडाल के प्रवेश और निकास द्वार संकरे होने तथा आसपास पर्याप्त रोशनी नहीं होने की शिकायत की है. हालांकि, इन परिस्थितियों की हादसे में वास्तविक भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.

बारिश के कारण पंडाल में रुके थे श्रद्धालु

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, चश्मदीद विनय कुमार ने बताया कि हादसे के समय लगातार बारिश हो रही थी और पंडाल में पहले से काफी भीड़ मौजूद थी. बारिश के कारण लोग बाहर निकलने से बच रहे थे, जबकि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी था.

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विनय कुमार के अनुसार, अचानक बढ़ी भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया. मौके पर पुलिस प्रशासन मौजूद था, लेकिन लोगों की संख्या इतनी अधिक थी कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उनकी बेटी और नातिन भी हादसे में घायल हुई थीं. उन्होंने पंडाल के आसपास रोशनी की कमी की शिकायत की. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारिश से बचने के लिए लोग अंदर जाना चाहते थे, जबकि पहले से मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था. भीड़ के दबाव में कुछ लोग गिर पड़े, जिसके बाद अफरातफरी बढ़ गई.

स्थानीय लोगों ने भी संभाला मोर्चा

एएनआई के मुताबिक, प्रत्यक्षदर्शी उत्तम ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मदद के लिए पहुंचे. पुलिसकर्मी और स्थानीय नागरिक स्वयंसेवक भी मौके पर मौजूद थे और प्रभावित लोगों की सहायता कर रहे थे.

उत्तम ने कहा कि लोग बारिश से बचने के साथ अपने बच्चों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान भीड़ में अव्यवस्था फैल गई. उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक भी अस्पताल में मृतकों और घायलों से जुड़े इंतजामों में जुटे थे.

मृतकों के परिवार को 25 लाख, एक सदस्य को सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक, भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई है. इनमें से 17 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था. हादसे में 25 लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर है.

राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है. घायलों को पांच लाख रुपये की सहायता मिलेगी. सरकार घायलों के इलाज का खर्च भी उठाएगी.

अभिषेक बनर्जी ने पुलिस प्रशासन की आलोचना की

हादसे के बाद तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने पुलिस प्रशासन और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की आलोचना की. उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.

टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि इस समय सबसे जरूरी लोगों की जान बचाना है. उन्होंने अस्पतालों में अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ तैनात करने की मांग की. उनके मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ता राहत कार्यों में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं.

फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है. जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि पंडाल में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के क्या इंतजाम थे तथा भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई.

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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