Kolkata Stampede: कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है. इनमें दुर्गा पूजा आयोजन समिति के कुछ सदस्य भी शामिल हैं. हादसे के बाद अब जांच का फोकस भीड़ नियंत्रण, पंडाल की प्रवेश-निकास व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है. वहीं, राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है.
दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 की मौत, राष्ट्रपति मुर्मू और PM मोदी ने जताया शोक
19 मौतों के बाद जांच के घेरे में आयोजन की व्यवस्था
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे और हादसे के समय उनकी स्थिति क्या थी. घटनास्थल को सील कर दिया गया है. जांच में फोरेंसिक टीम, स्पेशल टास्क फोर्स और दमकल विभाग को भी शामिल किया गया है.
हादसे के बाद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने पंडाल के प्रवेश और निकास द्वार संकरे होने तथा आसपास पर्याप्त रोशनी नहीं होने की शिकायत की है. हालांकि, इन परिस्थितियों की हादसे में वास्तविक भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.
#WATCH | Kolkata | West Bengal CM Suvendu Adhikari says, "At around 7.30 PM, a tragic incident occurred at a popular puja in Kolkata’s Chorbagan Sarbojanin. In this tragic incident, 19 people have died so far, most of whom are girls and children. This is a very painful incident, and 25 people have also sustained injuries; their treatment is ongoing. 24 of them are out of danger, while one is critical. We are providing the best possible medical treatment. Following this incident, I immediately came to the Medical College along with the entire government administration… The place of occurrence has been sealed. The forensic team, STF, and fire brigade are conducting the initial investigation there. This happened partly due to the rain, and there were also some shortcomings in the arrangements made by the puja committee inside. The Kolkata Police AFS is studying the CCTV footage. Whoever is found negligent will face legal action. The Prime Minister has been informed about this. The Home Minister is himself in Kolkata, and is personally monitoring the situation. Tomorrow, the Home Minister’s and all our programs have been cancelled… Across the entire state, 58,000 pujas are taking place, and we are taking steps to ensure no such incident happens anywhere else. Initially, we have declared compensation of Rs 25 lakh from the state government and a job for every family that lost a loved one. For all the injured, the full responsibility for their medical treatment has been taken by the state government, and we will provide Rs 5 lakh as compensation to each of them. So far, I have personally met with 10 bereaved families. Even though it is midnight, I am still standing with the victim families, alongside ministers, MLAs, the police, and the Chief Secretary. Under the leadership of a sitting judge of the Kolkata High Court, we will form a fact-finding committee, and the government will take action based on its recommendations."(Source: CMO)
— ANI (@ANI) October 17, 2026
बारिश के कारण पंडाल में रुके थे श्रद्धालु
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, चश्मदीद विनय कुमार ने बताया कि हादसे के समय लगातार बारिश हो रही थी और पंडाल में पहले से काफी भीड़ मौजूद थी. बारिश के कारण लोग बाहर निकलने से बच रहे थे, जबकि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी था.
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विनय कुमार के अनुसार, अचानक बढ़ी भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया. मौके पर पुलिस प्रशासन मौजूद था, लेकिन लोगों की संख्या इतनी अधिक थी कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उनकी बेटी और नातिन भी हादसे में घायल हुई थीं. उन्होंने पंडाल के आसपास रोशनी की कमी की शिकायत की. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारिश से बचने के लिए लोग अंदर जाना चाहते थे, जबकि पहले से मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था. भीड़ के दबाव में कुछ लोग गिर पड़े, जिसके बाद अफरातफरी बढ़ गई.
स्थानीय लोगों ने भी संभाला मोर्चा
एएनआई के मुताबिक, प्रत्यक्षदर्शी उत्तम ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मदद के लिए पहुंचे. पुलिसकर्मी और स्थानीय नागरिक स्वयंसेवक भी मौके पर मौजूद थे और प्रभावित लोगों की सहायता कर रहे थे.
उत्तम ने कहा कि लोग बारिश से बचने के साथ अपने बच्चों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान भीड़ में अव्यवस्था फैल गई. उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक भी अस्पताल में मृतकों और घायलों से जुड़े इंतजामों में जुटे थे.
मृतकों के परिवार को 25 लाख, एक सदस्य को सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक, भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई है. इनमें से 17 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था. हादसे में 25 लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर है.
राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है. घायलों को पांच लाख रुपये की सहायता मिलेगी. सरकार घायलों के इलाज का खर्च भी उठाएगी.
अभिषेक बनर्जी ने पुलिस प्रशासन की आलोचना की
हादसे के बाद तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने पुलिस प्रशासन और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की आलोचना की. उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि इस समय सबसे जरूरी लोगों की जान बचाना है. उन्होंने अस्पतालों में अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ तैनात करने की मांग की. उनके मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ता राहत कार्यों में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं.
फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है. जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि पंडाल में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के क्या इंतजाम थे तथा भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई.
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