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T20 World Cup 2026 : पहले बहिष्कार की धमकी, फिर यू-टर्न… पाकिस्तान ने कटाया कोलंबो का टिकट

Pakistan
बहिष्कार की धमकी से पीछे हटा पाकिस्तान.(फोटो-सोशल मीडिया)

T20 World Cup 2026 : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने स्थिति साफ कर दी है. बोर्ड ने अपनी टीम को 2 फरवरी की सुबह कोलंबो भेजने का अंतिम कार्यक्रम तय कर दिया है. इसके साथ ही टूर्नामेंट से हटने या फिर 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले के बहिष्कार की तमाम अटकलों पर पूर्ण विराम लग गया है.

सूत्रों के मुताबिक, PCB ने श्रीलंका रवाना होने को लेकर सभी लॉजिस्टिक और प्रशासनिक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली हैं. टीम का यह कदम साफ संकेत देता है कि पाकिस्तान अब टूर्नामेंट में पूरी भागीदारी के मूड में है.

बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा था पाकिस्तान, दी थी कड़ा रुख अपनाने की चेतावनी

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया था. इसके बाद पाकिस्तान ने भी आईसीसी के रुख पर सवाल खड़े किए और खुलकर बांग्लादेश के समर्थन में सामने आया.

PCB ने उस समय यह संकेत दिया था कि अगर सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज किया गया, तो पाकिस्तान भी टूर्नामेंट से हटने या भारत के खिलाफ खेलने से इनकार करने जैसे कड़े कदम उठा सकता है. बांग्लादेश ने भारत में सुरक्षा को लेकर आपत्ति जताते हुए आईसीसी से वेन्यू बदलने की मांग की थी, लेकिन आईसीसी ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया.

आईसीसी का स्पष्ट कहना था कि भारत में किसी भी टीम को सुरक्षा से जुड़ा कोई खतरा नहीं है और टूर्नामेंट पूरी तरह सुरक्षित माहौल में आयोजित किया जाएगा.

त्रिपक्षीय समझौते ने खत्म किया विवाद का आधार

इस पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका उस त्रिपक्षीय समझौते की रही है, जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और आईसीसी के बीच हुआ है. इस समझौते के तहत 2027 तक होने वाले सभी आईसीसी टूर्नामेंटों में भारत-पाकिस्तान के मुकाबले तटस्थ स्थल पर खेले जाएंगे.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान का पूरा कार्यक्रम श्रीलंका में तय किया गया है. यहां तक कि अगर पाकिस्तानी टीम फाइनल तक पहुंचती है, तो खिताबी मुकाबला भी श्रीलंका में ही खेला जाएगा. ऐसे में पाकिस्तान को न तो भारत की यात्रा करनी है और न ही सुरक्षा को लेकर कोई प्रत्यक्ष जोखिम है.

बहिष्कार की संभावना क्यों हुई खत्म?

जब पूरा टूर्नामेंट शेड्यूल और भारत-पाक मैच का वेन्यू पहले से तय और तटस्थ है, तो पाकिस्तान के पास टूर्नामेंट से हटने या भारत के खिलाफ मैच न खेलने का कोई ठोस आधार नहीं बचता. इसी वजह से PCB ने अब स्पष्ट रूप से टीम के रवाना होने की तारीख तय कर दी है.

यह फैसला न सिर्फ आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों को स्थिरता देता है, बल्कि भारत-पाक मुकाबले को लेकर बनी अनिश्चितता को भी समाप्त करता है—जो टूर्नामेंट का सबसे हाई-वोल्टेज मैच माना जा रहा है.

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US Canada Relations : अमेरिका कनाडा को दो हिस्सों में बांटने की कोशिश कर रहा है? अल्बर्टा को लेकर क्यों बढ़ रही है बेचैनी

Canada
Is US trying to break Canada into two.

US Canada Relations : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां अब सिर्फ व्यापार शुल्क या विदेश नीति तक सीमित नहीं दिखतीं. हाल के वर्षों में उनका रुख कई बार ऐसा रहा है, जिससे दूसरे देशों की संप्रभुता और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के आरोप लगे हैं. ग्रीनलैंड को लेकर बयान, ईरान पर सख्ती, वेनेजुएला के नेतृत्व को चुनौती और कनाडा को बार-बार “51वां राज्य” कहने जैसे बयान उसी दिशा की ओर इशारा करते हैं.

इसी बीच कनाडा के पश्चिमी प्रांत अल्बर्टा को लेकर सामने आई गतिविधियों ने नई चिंताओं को जन्म दिया है. आरोप है कि अमेरिका के कुछ प्रभावशाली हलकों ने अल्बर्टा में सक्रिय अलगाववादी सोच रखने वाले समूहों से संपर्क बनाए हैं.

अल्बर्टा और अलगाव की पुरानी बहस

अल्बर्टा कनाडा का ऐसा प्रांत है, जहां अलग पहचान की मांग नई नहीं है. दशकों से यहां यह तर्क दिया जाता रहा है कि संघीय सरकार ओटावा अल्बर्टा के संसाधनों से मिलने वाले राजस्व का पूरा लाभ प्रांत को नहीं देती. हालांकि, यह आंदोलन कभी मुख्यधारा में पूरी तरह मजबूत नहीं हो पाया.

हाल के वर्षों में आर्थिक दबाव, ऊर्जा नीतियों और वैश्विक भू-राजनीति के चलते यह बहस फिर तेज होती दिख रही है.

अमेरिकी संपर्क और बढ़ता शक

अब जो बात कनाडा में चिंता का विषय बनी है, वह यह है कि अल्बर्टा के कुछ कट्टरपंथी अलगाववादी संगठनों के प्रतिनिधियों की अमेरिकी प्रशासन से बातचीत की खबरें सामने आई हैं. इन चर्चाओं को आधिकारिक समर्थन नहीं कहा गया है, लेकिन इतना भर भी सवाल खड़े करने के लिए काफी है कि क्या अमेरिका कनाडा के घरेलू राजनीतिक मतभेदों में रुचि ले रहा है.

कनाडाई विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के संपर्क किसी भी संप्रभु देश के लिए संवेदनशील होते हैं, खासकर तब, जब दोनों देशों के बीच पहले से व्यापार और सुरक्षा को लेकर तनाव चल रहा हो.

आर्थिक ताकत की वजह से अहम है अल्बर्टा

अल्बर्टा सिर्फ राजनीतिक कारणों से नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है. यह प्रांत कनाडा के तेल और गैस उत्पादन का केंद्र है और राष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति में इसकी भूमिका निर्णायक मानी जाती है.

अगर किसी भी परिस्थिति में अल्बर्टा कनाडा से अलग होता है, तो इसका असर केवल प्रांत या देश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तरी अमेरिकी ऊर्जा बाजार और वैश्विक सप्लाई चेन तक पहुंचेगा.

कनाडाई नेतृत्व की मुश्किलें

इस पूरे घटनाक्रम ने कनाडा की संघीय सरकार को असहज स्थिति में डाल दिया है. प्रधानमंत्री माइक कार्नी का अल्बर्टा से निजी जुड़ाव इस मसले को और जटिल बनाता है. वहीं, अल्बर्टा की प्रांतीय सरकार ने आधिकारिक तौर पर अलगाव का समर्थन नहीं किया है, लेकिन जनमत-संग्रह जैसी प्रक्रियाओं पर बहस को खुला रखा है.

इसके साथ ही, कई नागरिक समूह खुलकर कनाडा की एकता के समर्थन में सामने आए हैं और किसी भी तरह के विभाजन का विरोध कर रहे हैं.

अमेरिका-कनाडा रिश्तों पर असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका शायद खुले तौर पर किसी अलगाववादी आंदोलन का समर्थन न करे, लेकिन पर्दे के पीछे होने वाली बातचीत भी भरोसे को कमजोर कर सकती है. इससे अमेरिका-कनाडा के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी पर असर पड़ने का खतरा है.

ऊर्जा सहयोग, व्यापार समझौते और सुरक्षा तालमेल—इन सब पर ऐसे घटनाक्रमों की छाया पड़ सकती है.

आगे की तस्वीर

फिलहाल अल्बर्टा में अलगाव का समर्थन बहुमत में नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दिलचस्पी और आंतरिक असंतोष मिलकर इस मुद्दे को बड़ा बना सकते हैं. सवाल यह नहीं है कि कनाडा तुरंत टूटेगा या नहीं, बल्कि यह है कि क्या बाहरी ताकतों की दिलचस्पी देश की आंतरिक राजनीति को और अस्थिर करेगी.

अल्बर्टा अब सिर्फ एक प्रांतीय बहस नहीं रहा—यह उत्तरी अमेरिका की राजनीति में उभरता हुआ रणनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है.

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बिहार की महिलाओं की मौज! अब मिलेगा ₹2 लाख तक, जानें कैसे मिलेगा लाभ

Mukhyamantri
बिहार की महिलाओं को अब मिलेगा ₹2 लाख तक.

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana : बिहार की महिलाओं के लिए खुशियों की बड़ी खबर है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमशील बनाने के मिशन में एक और मजबूत कदम बढ़ाने जा रहे हैं. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अब अपने अगले चरण में पहुंच चुकी है, जहां योग्य महिलाओं को कारोबार विस्तार के लिए ₹2 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी.

यह खबर खास तौर पर उन महिलाओं के लिए राहत और उत्साह लेकर आई है, जिन्हें योजना के पहले चरण में शुरुआती सहायता राशि मिली थी.

कैसे मिलेंगे ₹2 लाख? जानिए पूरी प्रक्रिया

इस योजना का दूसरा चरण सबसे अहम और लाभकारी माना जा रहा है. मुख्यमंत्री के अनुसार, जिन महिलाओं ने पहली राशि का सही उपयोग कर अपना काम शुरू कर दिया है, उनके लिए अब आगे बढ़ने का सुनहरा मौका है.

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  • रोजगार शुरू करने के 6 महीने बाद कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा
  • जिन महिलाओं की प्रगति संतोषजनक पाई जाएगी
  • और जिन्होंने राशि का सही उपयोग किया होगा
  • उन्हें ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी

यह राशि आमतौर पर किस्तों में दी जाएगी, लेकिन यदि किसी महिला का व्यवसाय असाधारण रूप से अच्छा चल रहा हो, तो विशेष परिस्थितियों में पूरी रकम एकमुश्त भी मिल सकती है.

1.56 करोड़ महिलाओं को मिल चुकी है पहली किस्त

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि योजना के पहले चरण में अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खातों में ₹10,000 की शुरुआती राशि DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजी जा चुकी है.

जो महिलाएं ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में अब तक इस लाभ से वंचित रह गई थीं, उनके खातों में भी जल्द ही राशि भेजने की प्रक्रिया जारी है.

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Road Accident : ट्रैक्टर–बाइक की आमने-सामने टक्कर में शिक्षक की मौत

Accident
रांची में सड़क हादसा.

Road Accident : जहानाबाद में मखदुमपुर थाना क्षेत्र के दया बिगहा और पाई विगहा बाजार को जोड़ने वाली सड़क पर गुरुवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. अनियंत्रित ट्रैक्टर और बाइक की आमने-सामने टक्कर में सरकारी विद्यालय में कार्यरत एक शिक्षक की मौके पर ही गंभीर चोटें लग गईं, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई.

मृतक की पहचान दया विगहा गांव निवासी मुकेश कुमार के रूप में हुई है. वे प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जैतीया में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे. स्कूल से ड्यूटी समाप्त कर बाइक से अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान पाई विगहा–दया विगहा मार्ग पर एक तेज रफ्तार व अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी.हादसे में शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए.

परिजन उन्हें तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की जानकारी देते हुए मृतक के भतीजे शुभम कुमार के अनुसार मुकेश कुमार विद्यालय से घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ.

Economic Survey 2025-26 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया आर्थिक आकलन, ये हैं 10 अहम बिंदु

निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया आर्थिक आकलन.

Economic Survey 2025-26 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 29 जनवरी को लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 प्रस्तुत किया. यह दस्तावेज देश की आर्थिक स्थिति, नीतिगत असर और आगे की संभावनाओं का आकलन करता है. सर्वे के अनुसार, आने वाले वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी रह सकती है और जीडीपी ग्रोथ 6.8 से 7.2 प्रतिशत के दायरे में रहने की उम्मीद है.

आर्थिक सर्वे 2025-26 से जुड़ी प्रमुख बातें

तेज आर्थिक विस्तार: FY26 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.4% आंकी गई है, जिससे भारत लगातार चौथे साल प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज बढ़त बनाए हुए है.

संभावित विकास दर बढ़ी: देश की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ क्षमता को 7% तक संशोधित किया गया है, जिसका श्रेय इंफ्रास्ट्रक्चर और सुधारों को दिया गया है.

घटता राजकोषीय घाटा: FY25 में फिस्कल डेफिसिट 4.8% पर रहा, जबकि FY26 में इसे और कम कर 4.4% तक लाने का लक्ष्य रखा गया है.

महंगाई में बड़ी राहत: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई FY26 में घटकर 1.7% तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें खाद्य कीमतों की नरमी अहम रही.

रेटिंग एजेंसियों का भरोसा: करीब दो दशक बाद S&P ने भारत की सॉवरेन रेटिंग में सुधार किया है, अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी सकारात्मक संकेत दिए हैं.

निवेश में मजबूती: अर्थव्यवस्था में पूंजीगत निवेश का हिस्सा बढ़कर जीडीपी का 30.5% हो गया है, जो कोविड से पहले के स्तर से ऊपर है.

घरेलू खपत में उछाल: निजी उपभोग खर्च जीडीपी के 61.5% तक पहुंच गया है, जो मांग में मजबूती को दर्शाता है.

कृषि क्षेत्र का योगदान: 2024-25 में खाद्यान्न उत्पादन 3,320 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर रहा, दलहन-तिलहन में भी सुधार दिखा.

रुपये की स्थिति: वैश्विक चुनौतियों के बावजूद सर्वे का मानना है कि भारतीय रुपया अपनी वास्तविक क्षमता से कम मूल्यांकित है.

आगे की राह: AI का बढ़ता असर, शहरी जीवन स्तर और प्रशासनिक क्षमता को भविष्य की बड़ी नीतिगत चुनौतियों के रूप में रेखांकित किया गया है.

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Disclaimer: शेयर बाजार में निवेश से जुड़े किसी भी तरह के खरीद-फरोख्त का सुझाव HelloCities24 द्वारा नहीं दिया जाता है. यहां प्रकाशित बाजार विश्लेषण विभिन्न मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज संस्थानों के आकलन पर आधारित होते हैं. निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें.

Kaimur : कर्ज के बोझ से टूटे कांग्रेस नेता उमाशंकर पासवान, की आत्महत्या

कैमूर
कांग्रेस नेता उमाशंकर पासवान के घर के बाहर जुटे लोग.

Kaimur News : बिहार के कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है. सोनडिहरा गांव निवासी और कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष उमाशंकर पासवान (66) ने गुरुवार को अपने घर में आत्महत्या कर ली. वह दलित समाज के वरिष्ठ नेता थे और लंबे समय से कांग्रेस पार्टी से सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे.

घर के कमरे में लगाया फंदा

परिजनों के अनुसार, गुरुवार सुबह उमाशंकर पासवान ने घर के एक कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी. सुबह करीब चार बजे घर की महिलाएं बाहर गई हुई थीं. इसी दौरान उन्होंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया. काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर देखा गया, जहां वह पंखे से लटके हुए पाए गए.

सुसाइड नोट में कर्ज का जिक्र

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें आत्महत्या के कारणों का उल्लेख किया गया है. बताया गया है कि उमाशंकर पासवान लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे. कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने अपनी जमीन तक बेच दी थी, लेकिन जमीन खरीदने वाले व्यक्ति ने उन्हें पूरी राशि नहीं दी.

सुसाइड नोट में उन्होंने अलग-अलग समय पर जमीन बिक्री के बावजूद तय रकम न मिलने और बैंक लोन के बढ़ते दबाव का जिक्र किया है. लगातार बढ़ते कर्ज और मानसिक तनाव के कारण वह गहरे अवसाद में चले गए थे.

जांच में जुटी पुलिस, कांग्रेस ने जताया शोक

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सुसाइड नोट के आधार पर सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. वहीं, कांग्रेस के जिला नेताओं ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे पार्टी और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है.

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UGC New Rules : सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के हाल के नियमों पर लगाई रोक

Supreme Court
SIR का समय बढ़ा.

UGC New Rules : 13 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के हाल ही में बनाए गए नए नियमों पर रोक लगा दी. इन नियमों को कई पक्षों ने चुनौती दी थी, क्योंकि उनका मानना था कि ये नियम संविधान और यूजीसी अधिनियम, 1956 के खिलाफ हैं. कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक 2012 के यूजीसी नियम ही लागू रहेंगे.

सुनवाई

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे. बागची की पीठ ने केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी किया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियमों की समीक्षा केवल संवैधानिक वैधता और कानूनी आधार पर की जा रही है.

कोर्ट ने यह भी कहा कि देश के शैक्षणिक संस्थान स्वतंत्र, न्यायसंगत और समावेशी होने चाहिए. कोर्ट ने जातिगत भेदभाव से जुड़े नियमों पर रोक लगाते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सभी छात्रों को समान अवसर मिले.

याचिकाकर्ता का पक्ष

याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए नए नियमों को स्थगित कर दिया. कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगले आदेश तक 2012 के नियम ही लागू रहेंगे. मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होगी.

विरोध प्रदर्शन

नए नियमों के खिलाफ कई शहरों में प्रदर्शन हुए. छात्र समूहों और विभिन्न संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि ये नियम तुरंत वापस लिए जाएं.

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Road Accident : पटना–गया एनएच पर भीषण सड़क दुर्घटना, एक की मौत, 1 घायल

Accident
रांची में सड़क हादसा.

Road Accident : जहानाबाद में पटना–गया राष्ट्रीय मार्ग पर लडोआ बाईपास के समीप बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ. तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने सब्जी लदे टेंपो में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. इस दुर्घटना में टेंपो चालक की मौत हो गई, जबकि टेंपो पर सवार एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया.

चारपहिया वाहन की टक्कर से हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गया की ओर से आ रही एक अनियंत्रित एक्सयूवी वाहन ने टेंपो को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे टेंपो पलट गया और उसमें लदी सब्जियां सड़क पर बिखर गईं. बताया जाता है कि टेंपो चालक गया सब्जी मंडी से सब्जी लादकर टेहटा बाजार जा रहा था. हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को इलाज के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने टेंपो चालक को मृत घोषित कर दिया. मृतक की पहचान गया जिले के खिजरसराय थाना क्षेत्र के मकसूदपुर गांव निवासी राजू साव के रूप में की गई है.

आक्रोश के बाद पुलिस ने संभाली स्थिति

घटना से आक्रोशित लोगों ने कुछ देर के लिए पटना–गया राष्ट्रीय मार्ग को जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई. सूचना मिलने पर मखदुमपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. थाना अध्यक्ष दिवाकर विश्वकर्मा ने लोगों को समझा-बुझाकर सड़क जाम हटवाया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल जहानाबाद भेज दिया है. साथ ही दुर्घटना में शामिल वाहन चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

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Income Tax Raid : औरंगाबाद में ईडी–आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2 अनाज कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी

Raid
औरंगाबाद में ईडी–आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई.

Income Tax Raid : औरंगाबाद जिले में बुधवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग की संयुक्त टीम ने एक साथ दो अनाज कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की. यह कार्रवाई जिले के महराजगंज रोड और देव थाना क्षेत्र में की गई, जहां टीमों ने सुबह से ही जांच अभियान चलाया.

महराजगंज रोड स्थित व्यवसायी के आवास पर जांच

जानकारी के अनुसार ईडी और आयकर विभाग की टीम ने महराजगंज रोड स्थित धान व्यवसायी विश्वजीत जायसवाल के आवास पर छापेमारी की. बताया जाता है कि वे धान, मक्का और गेहूं के बड़े कारोबारी हैं और बिहार के अलावा अन्य राज्यों में भी अनाज की आपूर्ति करते हैं. टीम ने आवास में मौजूद दस्तावेजों, फाइलों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू की है.

देव थाना क्षेत्र में राइस मिल कार्यालय पर कार्रवाई

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इसी दौरान दूसरी टीम ने देव थाना क्षेत्र के देव मुख्य पथ पर स्थित राइस मिल संचालक नितेश कुमार के कार्यालय में छापेमारी की. नितेश कुमार धान और चावल के व्यापार से जुड़े हुए हैं और राइस मिल के माध्यम से कारोबार का संचालन करते हैं. कार्यालय में रखे गए कारोबारी कागजात, लेन-देन से संबंधित दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है.

रांची में भी चल रही है समानांतर छापेमारी

सूत्रों के मुताबिक औरंगाबाद के साथ-साथ रांची में स्थित इन कारोबारियों के ठिकानों पर भी एक साथ छापेमारी की जा रही है. इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जांच का दायरा केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर कारोबार से जुड़े मामलों की पड़ताल की जा रही है.

सीआरपीएफ की सुरक्षा में पहुंची जांच टीम

पटना से पहुंची ईडी और आयकर विभाग की टीम सीआरपीएफ जवानों की सुरक्षा के बीच दोनों स्थानों पर पहुंची. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई ताकि जांच के दौरान किसी तरह की बाधा न उत्पन्न हो. अधिकारियों ने परिसर में प्रवेश के बाद किसी को भी बाहर-अंदर आने-जाने की अनुमति नहीं दी.

दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की हो रही जांच

छापेमारी के दौरान अनाज कारोबार से जुड़े लेन-देन, बैंक खातों, टैक्स से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कारोबार में किसी तरह की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी तो नहीं हुई है.

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी स्थिति

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल छापेमारी की कार्रवाई जारी है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला किस प्रकृति का है और आगे किन धाराओं में कार्रवाई की जाएगी. एजेंसियों की ओर से आधिकारिक बयान जांच समाप्त होने के बाद ही जारी किए जाने की संभावना है.

चर्चा का विषय बनी कार्रवाई

केंद्रीय एजेंसियों की इस संयुक्त कार्रवाई को लेकर औरंगाबाद जिले में दिनभर चर्चाओं का माहौल बना रहा. स्थानीय लोगों और व्यापारिक वर्ग में भी इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं.

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BPSC MVI Final Result 2026 : रिजल्ट जारी, मुन्ना कुमार ने टॉप कर रैंक 1 हासिल की

Result
BPSC MVI Final Result 2026 घोषित.

BPSC MVI Final Result 2026: बिहार में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर बनने का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर आई है. बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने MVI Final Result 2026 जारी कर दिया है. लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे उम्मीदवार अब राहत की सांस ले सकते हैं. इस भर्ती परीक्षा में मुन्ना कुमार ने टॉप कर रैंक 1 हासिल किया है.

BPSC मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 जून 2025 से शुरू हुई थी और उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए 3 जुलाई 2025 तक का समय दिया गया था. परीक्षा और सभी चरण पूरे होने के बाद अब फाइनल रिजल्ट घोषित किया गया है. इस भर्ती के माध्यम से बिहार में कुल 28 पदों पर नियुक्ति की जाएगी.

BPSC MVI Final Result 2026 कैसे चेक करें?

  • सबसे पहले BPSC की ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं.
  • होमपेज पर BPSC MVI Final Result 2026 से संबंधित लिंक खोजें.
  • रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें.
  • स्क्रीन पर PDF फाइल खुलेगी.
  • इस PDF में अपना रोल नंबर या नाम सर्च करें.
  • रिजल्ट डाउनलोड कर लें और भविष्य के लिए सुरक्षित रखें.

टॉपर्स लिस्ट देखें

रोल नंबरनाममेरिट क्रमलिंग
410345मुन्ना कुमार1पुरुष
411261अंकित2पुरुष
410740राजेश कुमार3पुरुष
412548किशन कुमार यादव4पुरुष
412205राकेश कुमार राज5पुरुष
411150श्रीकांत कुमार6पुरुष
410749प्रमित कुमार7पुरुष
410738आशुतोष कुमार भगत8पुरुष
412569आकाश कुमार9पुरुष
412422मयंक मणि10पुरुष

BPSC ने सिर्फ फाइनल रिजल्ट ही नहीं, बल्कि टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की है. इस लिस्ट में मुन्ना कुमार ने पहला स्थान हासिल किया है. टॉपर्स की जानकारी से अन्य उम्मीदवारों को अपनी परफॉर्मेंस और रैंक का अंदाजा भी हो रहा है.

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