Congress Protest: छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस और विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन उस समय और तेज हो गया, जब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने सड़क पर धरना शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई की जवाबदेही तय की जाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्तीफा दें. गतिरोध खत्म नहीं होने पर दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया. हालांकि, देर रात सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया.
PM आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, पीएम मोदी-अमित शाह से मांगा इस्तीफा
#WATCH | Delhi: LoP Lok Sabha & Congress MP Rahul Gandhi leaves from Chhatrasal Stadium.
— ANI (@ANI) July 21, 2026
Some of the opposition leaders, who were protesting at Lok Kalyan Marg and detained by Delhi Police, were brought to Chhatrasal Stadiuma short while ago. pic.twitter.com/1phdnpjK54
हिरासत में लेने के बाद पुलिस राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम लेकर गई, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा को मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया. पुलिस कार्रवाई के दौरान राहुल और प्रियंका ने विरोध भी जताया, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बस में बैठाकर वहां से हटा दिया.
सरकार की पहल भी नहीं सुलझा सकी विवाद
धरना खत्म कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को प्रदर्शन स्थल पर भेजा गया. उन्होंने राहुल गांधी से बातचीत कर गतिरोध समाप्त करने की कोशिश की, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी. बातचीत बेनतीजा रहने के बाद प्रदर्शन जारी रहा और अंततः पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नेताओं को हिरासत में ले लिया.
राहुल बोले- इंसाफ की लड़ाई नहीं रुकेगी
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दबाव और कार्रवाई से आंदोलन नहीं थमेगा. उन्होंने कहा, “मोदी जी, हर जोर आजमा लो, सारी ताकत लगा लो, छात्रों के इंसाफ की यह लड़ाई अब रोके नहीं रुकेगी.”
खरगे का आरोप- सांसदों को घसीटकर ले गई पुलिस
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की. उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्ण धरना दे रहे कांग्रेस और विपक्षी दलों के सांसदों को पुलिस ने घसीटते हुए हिरासत में लिया. उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी बलपूर्वक वहां से हटाया गया.
खरगे ने सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “तानाशाह सरकार डर कर कांप रही है.” उन्होंने दावा किया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर करोड़ों बच्चों का भविष्य प्रभावित किया है. साथ ही आरोप लगाया कि संसद के गेट बंद कर सांसदों को अंदर ही रोक दिया गया, विपक्ष की संयुक्त चर्चा की मांग नहीं मानी गई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से नहीं हटाया गया.
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जयराम रमेश बोले- तानाशाही का दूसरा नाम अमितशाही
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि “तानाशाही का दूसरा नाम अमितशाही है.”
उन्होंने बताया कि संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य सांसद अचानक ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ के निकट पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए.
प्रदर्शन के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने “प्रधानमंत्री इस्तीफा दो”, “गुंडागर्दी नहीं चलेगी” और “छात्रों को न्याय दो” जैसे नारे लगाए. धरना शुरू होने के कुछ ही देर बाद पुलिस ने चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, शशिकांत सेंथिल समेत कई अन्य नेताओं को भी हिरासत में ले लिया.
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