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Vikramshila Setu In Bhagalpur : भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के बाद यातायात बहाली को लेकर इंजीनियरिंग स्तर पर काम तेज हो गया है. सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम अब स्थायी मरम्मत के साथ-साथ अस्थायी वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की दिशा में सक्रिय है. प्रस्ताव के तहत टूटे हिस्से से कुछ दूरी पीछे एक बेली ब्रिज तैयार कर सीमित वाहनों की आवाजाही शुरू करने की योजना बनाई जा रही है. टीम लगातार दूसरे दिन मौके पर पहुंची और पुल की ऊपरी संरचना से लेकर नदी के अंदरूनी हिस्से तक विस्तृत जांच की.
मशीनों और तकनीकी उपकरणों के जरिए दोनों छोर की स्थिति का आकलन किया गया. शुरुआती रिपोर्ट में यह संकेत मिले हैं कि कुछ हिस्सों में ढांचा अभी भी अपेक्षाकृत सुरक्षित है, जबकि क्षतिग्रस्त भाग पूरी तरह अलग कर नया समाधान तैयार करना होगा.
क्षतिग्रस्त होने के बाद अब तक की स्थिति
03 मई:
विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा स्लैब देर रात गंगा नदी में गिर गया, जिसके बाद पुल पर पूरी तरह से यातायात बंद हो गया और दोनों तरफ लंबा जाम लग गया.
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04 मई:
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने प्रारंभिक अनुमान में तीन महीने का समय मरम्मत के लिए बताया. इसी दिन मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्रालय से संपर्क कर सहयोग मांगा. इंजीनियरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर शुरुआती जांच में संरचनात्मक दरारों की बात कही.
05 मई:
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम पहली बार स्थल पर पहुंची और पूरे सेतु का प्राथमिक निरीक्षण शुरू किया.
06 मई:
बीआरओ की तकनीकी टीम ने विस्तृत असेसमेंट पूरा किया और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की.
बीआरओ की वर्तमान रणनीति
बीआरओ अब सीधे क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के बजाय वैकल्पिक संरचना पर काम कर रहा है. इसमें अस्थायी बेली ब्रिज को मुख्य विकल्प माना जा रहा है.
संभावित योजना:
- क्षतिग्रस्त हिस्से से लगभग 7 मीटर पीछे बेली ब्रिज निर्माण
- हल्के और नियंत्रित वाहनों के लिए सीमित आवागमन
- मॉड्यूलर स्टील ढांचे का उपयोग
- जरूरत पड़ने पर सेक्शन वाइज इंस्टॉलेशन
जनजीवन पर असर
- कोसी और सीमांचल क्षेत्र का संपर्क बाधित
- नेपाल और पश्चिम बंगाल मार्ग पर लंबा चक्कर
- सब्जी और केला किसानों को भारी नुकसान
- स्कूल और कॉलेज आने-जाने में दिक्कत
- मरीजों को अस्पताल पहुंचने में देरी
- नौकरीपेशा लोगों का रोजाना सफर प्रभावित
प्रशासनिक व्यवस्था (लिस्ट)
- गंगा घाट पर स्टीमर और नाव सेवा शुरू
- यात्रियों के लिए पेयजल सुविधा
- प्राथमिक स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था
- सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात
- नाव किराया निर्धारित
- 24 घंटे एंबुलेंस सेवा उपलब्ध
तकनीकी जांच में सामने आए बिंदु
- पुल का ऊपरी ढांचा आंशिक रूप से सुरक्षित
- कुछ हिस्सों में संरचनात्मक मजबूती बरकरार
- क्षतिग्रस्त स्लैब पूरी तरह अस्थिर
- नदी के अंदरूनी हिस्से में भी जांच जारी
- भारी दबाव वाले हिस्सों की पहचान की जा रही है
अधिकारियों की राय
जिला प्रशासन के अनुसार बीआरओ की तकनीकी रिपोर्ट के बाद आगे की अंतिम योजना तय की जाएगी. अधिकारियों ने कहा है कि प्राथमिकता जल्द से जल्द सुरक्षित आवागमन बहाल करना है.
बीआरओ क्या है?
बीआरओ रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाला संगठन है, जो सीमावर्ती और कठिन इलाकों में सड़क, पुल और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण का काम करता है.
बेली ब्रिज क्या है
यह एक अस्थायी स्टील पुल होता है जिसे कम समय में जोड़कर तैयार किया जा सकता है और आपदा या पुल टूटने की स्थिति में अस्थायी आवागमन के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
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