Jamshedpur News: जमशेदपुर में स्वर्णरेखा नदी में बड़ी संख्या में मछलियों के मरने की घटना के बाद प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी एजेंसी सक्रिय हो गयी है. सोमवार को टीम ने डोबो पुल के नीचे और आसपास के हिस्सों में पहुंचकर पानी की गुणवत्ता की जांच की. अधिकारियों के निर्देश पर जांच दल ने नदी के अलग-अलग स्थानों से नमूने लेकर स्थिति का आकलन किया. घटनास्थल पर पानी की हालत बेहद खराब पायी गयी, जहां से तेज दुर्गंध आ रही थी और नदी का स्वरूप कई जगह नाले जैसा नजर आया. प्रारंभिक परीक्षण में पानी में घुलित ऑक्सीजन का स्तर सामान्य से काफी कम पाया गया, जिसे मछलियों की मौत की प्रमुख वजह माना जा रहा है.
दो स्थानों से लिये गये नमूने
जांच के दौरान टीम ने दो अलग-अलग बिंदुओं से पानी का सैंपल लिया. दोपहर में की गयी सैंपलिंग के दौरान नदी की गुणवत्ता चिंताजनक दिखी. पानी में गंदगी और दुर्गंध स्पष्ट रूप से महसूस की गयी, जिससे प्रदूषण की स्थिति का अंदाजा लगाया गया.
ऑक्सीजन स्तर में भारी गिरावट
प्रारंभिक जांच में घुलित ऑक्सीजन का स्तर 4 मिलीग्राम प्रति लीटर से भी नीचे पाया गया. सामान्य तौर पर यह स्तर 6 से 8 मिलीग्राम प्रति लीटर के बीच होना चाहिए. अधिकारियों का मानना है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण ही बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हुई है, हालांकि अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है.
लैब में होगी विस्तृत जांच
जांच दल के अनुसार सभी नमूनों को प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है, जहां विस्तृत परीक्षण किया जायेगा. रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी. प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जायेगी.
स्थिति सुधारने के प्रयास
अधिकारियों ने कहा कि पानी में ऑक्सीजन का कम स्तर गंभीर चिंता का विषय है. इसके पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच की जा रही है. साथ ही, नदी की स्थिति को सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही गयी है.
इसे भी पढ़ें-ऑटो सेक्टर में टाटा मोटर्स का जलवा, एक महीने में 28% ग्रोथ
इसे भी पढ़ें-जमशेदपुर में साइबर ठगी, टाटा मोटर्स कर्मचारी के खाते से 80 हजार रुपये उड़ाए

