Mumbai ATS Arrest Rapido Driver : मुंबई में माहिम मेट्रो स्टेशन के पास से महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने रैपिडो ड्राइवर मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को गिरफ्तार किया है. मुंबई के माहिम का रहने वाला अख्तर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़ा होने के संदेह में जांच के घेरे में है. जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी पर कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार करने, धार्मिक नफरत फैलाने और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को उकसाने के आरोप हैं.
Mumbai ATS Arrest Rapido Driver : टेलीग्राम ग्रुप में मसूद अजहर की ऑडियो क्लिप साझा करने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, अख्तर रैपिडो ड्राइवर और इत्र विक्रेता के काम की आड़ में कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार कर रहा था. वह पाकिस्तानी खुफिया तंत्र के संपर्क में भी था. आरोप है कि उसने ‘इंडियन मुस्लिम’ नाम के टेलीग्राम ग्रुप में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर की ऑडियो क्लिप साझा की थीं. इन क्लिप में बाबरी मस्जिद का जिक्र था.
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जांच में यह भी पता चला है कि अख्तर ‘इब्न-ए-कासिम’ (IBN E Qasim) नाम के एक कट्टरपंथी पाकिस्तानी टेलीग्राम चैनल से जुड़ा हुआ था.
सोशल मीडिया पर जिहाद की बातें लिखने का आरोप
आरोपी एक्स और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय था. उस पर भड़काऊ टिप्पणियां करने और ‘अब जिहाद का जमाना आ गया है’ जैसी बातें लिखकर लोगों को जिहाद के लिए उकसाने तथा हिंसा भड़काने की कोशिश करने का आरोप है.
अख्तर ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे से पहले सुरक्षा चूक को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. उसने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर भी आपत्तिजनक कमेंट किया था.
मोबाइल फोन जब्त, सोशल मीडिया गतिविधियों के 39 स्क्रीनशॉट सुरक्षित
महाराष्ट्र ATS ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अख्तर को गिरफ्तार किया. अधिकारियों ने उसके पास से रेडमी नोट 14 प्रो (Redmi Note 14 Pro) मोबाइल फोन जब्त किया है. जांच के लिए उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े 39 स्क्रीनशॉट भी सुरक्षित रखे गए हैं.
विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच नफरत फैलाने के आरोप में अख्तर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है. एजेंसी उसके सोशल मीडिया संपर्कों और गतिविधियों की जांच कर रही है.
पड़ोसी को नहीं था ऐसी गतिविधियों का अंदेशा
आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, अख्तर के एक पड़ोसी ने बताया कि वह पिछले 3 से 3.5 साल से एक किराए के फ्लैट में रह रहा था. पड़ोसी के अनुसार, वह अख्तर को बाहर बैठे देखता था और उससे बातचीत भी करता था. वह इत्र बेचता था और रात में कहीं दूसरी जगह काम करता था.
पड़ोसी ने कहा कि उसे कभी ऐसा नहीं लगा कि अख्तर इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकता है. हालांकि, उसने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति देश के साथ गद्दारी करता है, तो उसे सजा जरूर मिलनी चाहिए.
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