विज्ञापन

वायरल वीडियो

मनरेगा की जगह लागू होगी नई ग्रामीण रोजगार योजना, 1 जुलाई से लागू; 125 दिन काम की गारंटी

VB-G Ram G Scheme: केंद्र सरकार ने मनरेगा की जगह नई ग्रामीण रोजगार योजना लागू करने का फैसला किया है. नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी. सरकार ने कहा है कि इससे श्रमिकों के हितों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा.

विज्ञापन

VB-G Ram G Scheme: केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह नई योजना लागू करने का फैसला किया है. सरकार के अनुसार ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन’ (VB-G Ram G Scheme) को 1 जुलाई से देशभर में लागू किया जाएगा. नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में अधिक दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा.

सरकार का कहना है कि नई योजना का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप गांवों में आजीविका के साधनों को विस्तार देना है.

अब 100 नहीं, 125 दिन मिलेगा रोजगार

नई योजना के लागू होने के बाद पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के वैतनिक रोजगार की गारंटी दी जाएगी. अभी तक मनरेगा के तहत 100 दिन काम देने का प्रावधान था.

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अकुशल श्रम करने वाले ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्य इस योजना का लाभ उठा सकेंगे. यदि तय समय पर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा.

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया बड़ा सुधार

Ministry of Rural Development ने नई व्यवस्था को ग्रामीण विकास प्रणाली में व्यापक बदलाव बताया है. मंत्रालय के अनुसार यह मिशन ग्रामीण रोजगार योजनाओं को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

सरकार की अधिसूचना के मुताबिक 1 जुलाई से यह कानून सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो जाएगा. उसी तारीख से मनरेगा की जगह नई व्यवस्था प्रभावी मानी जाएगी.

पुराने कार्यों और श्रमिकों को लेकर सरकार का आश्वासन

केंद्र सरकार ने कहा है कि योजना में बदलाव के बावजूद मौजूदा श्रमिकों के हित प्रभावित नहीं होंगे. 30 जून तक मनरेगा के तहत स्वीकृत सभी कार्य जारी रहेंगे और उन्हें नई योजना में समाहित कर दिया जाएगा.

इसके अलावा ई-केवाईसी सत्यापित जॉब कार्ड भी तब तक मान्य रहेंगे, जब तक नए रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं किये जाते. सरकार का कहना है कि परिवर्तन प्रक्रिया के दौरान किसी भी लाभार्थी का काम या भुगतान नहीं रुकेगा.

रिकॉर्ड बजट का प्रावधान

सरकार ने ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए 2026-27 में 95,692.31 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है. इसे अब तक का सबसे बड़ा आवंटन बताया जा रहा है.

यदि राज्यों के हिस्से को भी इसमें जोड़ा जाए, तो कुल अनुमानित खर्च 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच सकता है. सरकार का मानना है कि इससे गांवों में रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी.

2006 में शुरू हुई थी मनरेगा योजना

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की शुरुआत वर्ष 2006 में की गयी थी. पहले इसे सीमित क्षेत्रों में लागू किया गया था, बाद में पूरे देश में विस्तार दिया गया. यह योजना ग्रामीण इलाकों में रोजगार उपलब्ध कराने वाली सबसे बड़ी सरकारी योजनाओं में गिनी जाती रही है.

अब इसकी जगह विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 लागू किया जा रहा है, जिसे सरकार ग्रामीण विकास के नए मॉडल के तौर पर पेश कर रही है.

इसे भी पढ़ें-सरदार गौरव रत्न सम्मान मिलने के बाद PM मोदी की अपील, बोले- अभी टाल दें सोना खरीदना

इसे भी पढ़ें-मुख्यमंत्री विजय का बड़ा ऐलान: तमिलनाडु में 200 यूनिट मुफ्त बिजली, सुरक्षा और नशा मुक्ति पर विशेष जोर

इसे भी पढ़ेंविजय के शपथ से पहले परिवार में खुशी का माहौल, मां ने बताया मदर्स डे का खास तोहफा

सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. सरल भाषा और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पहचान मानी जाती है. डिजिटल पत्रकारिता में समाचार लेखन और कंटेंट प्रेजेंटेशन का अच्छा अनुभव है. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
संबंधित खबरें
विज्ञापन

जरूर पढ़ें

Patna
overcast clouds
37.2 ° C
37.2 °
37.2 °
40%
2.7m/s
89%
बुध
37 °
गुरु
39 °
शुक्र
39 °
शनि
40 °
रवि
39 °

अन्य खबरें