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West Bengal Cabinet Ministers Portfolio: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर फैसलों का दौर शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने सोमवार को मंत्रिमंडल के सदस्यों के बीच विभागों का आवंटन कर दिया. शपथ ग्रहण के बाद से जिन नेताओं की जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा चल रही थी, अब उन पर आधिकारिक मुहर लग गयी है. सरकार ने क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए मंत्रालयों का वितरण किया है.
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi की मौजूदगी में कई वरिष्ठ नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली थी. अब इन नेताओं को अलग-अलग विभाग सौंपे जाने के बाद सरकार ने कामकाज को तेजी से आगे बढ़ाने का संकेत दिया है.
दिलीप घोष को ग्रामीण विकास और पशु संसाधन विभाग
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Dilip Ghosh को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गयी है. इसके साथ ही उन्हें पशु संसाधन विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है. राज्य की राजनीति में पंचायत विभाग को बेहद प्रभावशाली माना जाता है क्योंकि इसका सीधा संबंध गांवों और स्थानीय प्रशासन से होता है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिलीप घोष को यह विभाग देकर भाजपा ने ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ और मजबूत करने का संकेत दिया है. बंगाल की राजनीति में पंचायत व्यवस्था को संगठन विस्तार का मजबूत माध्यम माना जाता है और आने वाले समय में यह विभाग सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रह सकता है.
नीशीथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल और खेल विभाग की कमान
कूचबिहार से आने वाले भाजपा नेता Nisith Pramanik को उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. इसके अलावा उन्हें खेल एवं युवा कल्याण विभाग का भी प्रभार दिया गया है.
उत्तर बंगाल लंबे समय से राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता रहा है. ऐसे में इस इलाके से आने वाले नेता को अहम विभाग देना सरकार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. खेल और युवा कल्याण विभाग मिलने के बाद अब युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों और खेल ढांचे को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी उनके पास होगी.
अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं शहरी विकास विभाग
आसनसोल से विधायक और भाजपा की चर्चित नेता Agnimitra Paul को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय सौंपा गया है. इसके साथ ही उन्हें नगर विकास विभाग की जिम्मेदारी भी दी गयी है. शहरी क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और महिला कल्याण योजनाओं की निगरानी अब उनके नेतृत्व में होगी.
राज्य सरकार के इस फैसले को महिलाओं और शहरी वोटरों के बीच राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है. अग्निमित्रा पॉल लंबे समय से भाजपा का सक्रिय चेहरा रही हैं और पार्टी ने उन्हें अहम प्रशासनिक जिम्मेदारी देकर संगठन में उनका कद और बढ़ाया है.
अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग, खुदीराम टुडू को आदिवासी विकास मंत्रालय
मतुआ समुदाय से जुड़े प्रभावशाली नेता Ashok Kirtania को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की जिम्मेदारी दी गयी है. बंगाल जैसे बड़े राज्य में खाद्य विभाग को आम जनता से सीधे जुड़ा मंत्रालय माना जाता है. राशन व्यवस्था और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी इसी विभाग के जिम्मे होती है.
वहीं रानीबांध के विधायक Khudiram Tudu को आदिवासी विकास मंत्रालय सौंपा गया है. इसके अलावा उन्हें पर्यटन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. सरकार के इस फैसले को जंगलमहल और आदिवासी क्षेत्रों में राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
कैबिनेट गठन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
नई सरकार में विभागों के वितरण से साफ संकेत मिला है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंत्रिमंडल गठन में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा है. उत्तर बंगाल, जंगलमहल, शहरी क्षेत्र और मतुआ समुदाय से जुड़े नेताओं को अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर सरकार ने व्यापक राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की है.
शपथ ग्रहण के बाद से ही यह चर्चा थी कि किस नेता को कौन-सा मंत्रालय मिलेगा. सोमवार को विभागों के ऐलान के साथ इन अटकलों पर विराम लग गया. अब माना जा रहा है कि नई सरकार जल्द ही अपने प्रशासनिक फैसलों और योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी.
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