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UP Cabinet Expansion 2026: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है. इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है. हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद अब नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया है. लंबे समय से इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही थी. रविवार को शपथ ग्रहण के बाद सभी नए मंत्रियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गईं.
राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से विभागों की सूची जारी की गई. माना जा रहा है कि भाजपा ने आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों के हिसाब से यह फेरबदल किया है.
भूपेंद्र चौधरी की हुई सरकार में एंट्री
मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को लेकर रही. संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले चौधरी को कैबिनेट मंत्री बनाकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है, ऐसे में पार्टी ने उन्हें सरकार में अहम भूमिका देकर बड़ा संकेत दिया है.
वहीं मनोज कुमार पाण्डेय को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है. उन्हें खाद्य एवं रसद, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं. इन विभागों का सीधा संबंध आम जनता से होने के कारण इसे सरकार की बड़ी जिम्मेदारी माना जा रहा है.

स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को मिली नई जिम्मेदारी
सरकार ने स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया है. अजीत सिंह पाल को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं सोमेंद्र तोमर को सैनिक कल्याण, राजनीतिक पेंशन और प्रांतीय रक्षक दल से जुड़े विभागों का कार्यभार सौंपा गया है.
सरकारी सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और विभागीय कार्यों में गति लाने के उद्देश्य से यह बदलाव किए गए हैं. नए मंत्रियों को ऐसे विभाग दिए गए हैं, जिनका असर सीधे जनता और संगठन दोनों पर पड़ता है.
राज्य मंत्रियों को विकास और प्रशासन से जुड़े विभाग
मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल राज्य मंत्रियों को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं.
- कृष्णा पासवान को पशुधन एवं डेयरी विकास विभाग सौंपा गया है.
- कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग में जिम्मेदारी दी गई है.
- सुरेंद्र दिलेर को राजस्व विभाग में जिम्मेदारी मिली है.
- हंसराज विश्वकर्मा को MSME विभाग में राज्यमंत्री बनाया गया है, जहां वे भूपेंद्र चौधरी के साथ समन्वय कर काम करेंगे.
सरकार द्वारा शपथ दिलाए गए कुल आठ मंत्रियों में दो कैबिनेट मंत्री, दो स्वतंत्र प्रभार मंत्री और चार राज्य मंत्री शामिल हैं. इनमें से छह चेहरे ऐसे हैं, जिन्हें पहली बार योगी सरकार में मौका मिला है.
शपथ के बाद नेताओं ने जताया आभार
शपथ ग्रहण के बाद नए मंत्रियों ने पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया. कृष्णा पासवान ने कहा कि पार्टी ने जो भरोसा जताया है, उस पर पूरी निष्ठा और ईमानदारी से खरा उतरने की कोशिश की जाएगी. अन्य मंत्रियों ने भी संगठन और सरकार के फैसले को जनता के हित में बताया.
कैबिनेट बैठक में पहली बार शामिल होंगे नए मंत्री
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सोमवार को योगी सरकार की अहम कैबिनेट बैठक होने वाली है. इसमें नए मंत्री पहली बार शामिल होंगे. माना जा रहा है कि इस बैठक में कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं और प्रशासनिक प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है.
2027 चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा राजनीतिक संदेश
राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह विस्तार केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी का हिस्सा है. भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की रणनीति पर काम कर रही है. ऐसे में जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को सरकार में शामिल किया गया है.
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