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Bihar Guest Faculty System End : बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में वर्षों से लागू गेस्ट फैकल्टी (अतिथि शिक्षक) व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. राज्य में अब शिक्षकों की नियुक्ति नई व्यवस्था के तहत ‘फिक्स्ड टर्म फैकल्टी’ मॉडल में की जाएगी. इस बदलाव को उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक स्थायी और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
10 दिनों के भीतर मांगे गए सुझाव, ड्राफ्ट तैयार
राजभवन के निर्देश पर गठित तीन कुलपतियों की उच्चस्तरीय समिति ने ‘बिहार यूनिवर्सिटीज फिक्स्ड टर्म फैकल्टी इंगेजमेंट स्टेच्यूट-2026’ का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. राज्यपाल सचिवालय की ओएसडी (न्यायिक) कल्पना श्रीवास्तव ने यह ड्राफ्ट सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद (BSHEC) के सचिव को भेज दिया है.
इस पर 10 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं, जिसके बाद अंतिम नियमावली को लागू किया जाएगा.
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211 नए कॉलेजों में शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया
राजभवन ने निर्देश दिया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 को 1 जुलाई से शुरू करने के लिए सभी नियुक्तियां मिशन मोड में पूरी की जाएं. पहले चरण में राज्य के 211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में फिक्स्ड टर्म फैकल्टी की बहाली की जाएगी.
यह कदम कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है.
छह विषयों से होगी पढ़ाई की शुरुआत
इन नए कॉलेजों में शुरुआत में सीमित विषयों में पढ़ाई कराई जाएगी. प्रस्ताव के अनुसार पहले चरण में छह विषय शामिल किए गए हैं. इनमें हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र शामिल हैं.
इन विषयों के जरिए कॉलेजों में शैक्षणिक आधार को मजबूत किया जाएगा.
स्टीयरिंग कमेटी करेगी पूरी प्रक्रिया की निगरानी
नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग और राज्यपाल सचिवालय के समन्वय से एक स्टीयरिंग कमेटी का गठन किया जाएगा.
यह समिति पूरी चयन प्रक्रिया की निगरानी करेगी और नियमों के पालन को सुनिश्चित करेगी.
100 अंकों की मेरिट से होगा चयन
प्रस्तावित नियमावली के अनुसार अभ्यर्थियों का चयन 100 अंकों की मेरिट प्रणाली पर आधारित होगा. इसमें 88 अंक शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि 12 अंक इंटरव्यू और डेमो क्लास के लिए रखे गए हैं.
यह प्रणाली चयन प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए तैयार की गई है.
मैट्रिक से पीजी तक के अंक होंगे शामिल
मेरिट तैयार करने में मैट्रिक से लेकर स्नातकोत्तर तक के शैक्षणिक अंकों को जोड़ा जाएगा. इसमें मैट्रिक के लिए 10 अंक, इंटर के लिए 12 अंक, स्नातक के लिए 15 अंक और पीजी के लिए 23 अंक निर्धारित किए गए हैं.
इसके अलावा उच्च शिक्षा योग्यता के लिए अतिरिक्त अंक भी दिए जाएंगे.
पीएचडी, नेट और जेआरएफ को मिलेगा अतिरिक्त लाभ
शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उम्मीदवारों को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे. नेट के लिए 10 अंक, पीएचडी के लिए 10 अंक और एमफिल के लिए 5 अंक निर्धारित हैं.
इसके अलावा पीएचडी-नेट संयोजन वाले अभ्यर्थियों को 20 अंक, एमफिल-जेआरएफ को 23 अंक और पीएचडी-जेआरएफ धारकों को अधिकतम 28 अंक दिए जाएंगे.
इंटरव्यू और डेमो क्लास भी होंगे निर्णायक
- चयन प्रक्रिया में 12 अंक इंटरव्यू और डेमो क्लास के लिए निर्धारित किए गए हैं. इसमें 6 अंक इंटरव्यू और 6 अंक शिक्षण प्रदर्शन (डेमो क्लास) के लिए होंगे.
- अभ्यर्थियों को चयन समिति के सामने अपनी शिक्षण क्षमता का प्रदर्शन करना अनिवार्य होगा.
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