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झारखंड में बारिश की कमी से डैमों का जलस्तर नीचे, 10 साल के औसत से 19% कम पानी

Jharkhand Dam Water Level: झारखंड में सामान्य से 25 फीसदी कम बारिश का असर अब प्रमुख डैमों पर दिखने लगा है. राज्य के छह बड़े जलाशयों में पानी का स्तर 10 साल के औसत से 19 फीसदी कम दर्ज किया गया है. हालांकि हालिया बारिश से जलस्तर में कुछ सुधार हुआ है और बिजली उत्पादन को भी सहारा मिला है.

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Jharkhand Dam Water Level: झारखंड में सामान्य से 25 फीसदी कम बारिश का असर अब प्रमुख डैमों पर दिखने लगा है. राज्य के छह बड़े जलाशयों में पानी का स्तर 10 साल के औसत से 19 फीसदी कम दर्ज किया गया है. हालांकि हालिया बारिश से जलस्तर में कुछ सुधार हुआ है और बिजली उत्पादन को भी सहारा मिला है.

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Jharkhand Dam Water Level: झारखंड में मॉनसून की रफ्तार अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है. राज्य में अब तक करीब 350 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से लगभग 25 प्रतिशत कम है. इसका सीधा असर प्रमुख जलाशयों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है. केंद्रीय जल आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के छह बड़े डैमों में उपलब्ध पानी पिछले 10 वर्षों के औसत से करीब 19 प्रतिशत कम है. हालांकि हाल के दिनों में हुई बारिश से जलस्तर में कुछ सुधार जरूर दर्ज किया गया है.

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तेनुघाट, कोनार और तिलैया में चिंता, पंचेत की स्थिति सबसे बेहतर

केंद्रीय जल आयोग राज्य के छह प्रमुख जलाशयों- तेनुघाट, मैथन, पंचेत, कोनार, तिलैया और गेतलसूद की नियमित निगरानी करता है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इनमें पंचेत डैम की स्थिति सबसे बेहतर है, जबकि तेनुघाट, कोनार और तिलैया जैसे जलाशयों में पानी का स्तर सामान्य से काफी कम बना हुआ है.

किस डैम में कितना पानी, जानिए ताजा स्थिति

तेनुघाट डैम की कुल जल संग्रहण क्षमता 0.821 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है, जबकि वर्तमान में यहां 0.268 बीसीएम पानी उपलब्ध है. मैथन डैम की क्षमता 0.471 बीसीएम है और इसमें 0.240 बीसीएम पानी है. पंचेत डैम की कुल क्षमता 0.184 बीसीएम है, जहां फिलहाल 0.135 बीसीएम पानी मौजूद है.

Jharkhand Dam Water Level: प्रमुख जलाशयों की स्थिति

डैमक्षमतावर्तमान स्थितिपिछले साल
तेनुघाट0.8210.2680.224
मैथन0.4710.2400.236
पंचेत हिल0.1840.1350.100
कोनार0.1760.0490.050
तिलैया0.1420.0210.115
गेतलसूद0.2180.1190.178

नोट: बिलियन क्यूबिक मीटर (बीक्यूएम) में पानी की क्षमता.

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वहीं, कोनार डैम की क्षमता 0.176 बीसीएम है और इसमें केवल 0.049 बीसीएम पानी बचा है. तिलैया डैम की क्षमता 0.142 बीसीएम है, जबकि यहां 0.119 बीसीएम पानी उपलब्ध है. गेतलसूद जलाशय के जलस्तर में भी हालिया बारिश के बाद कुछ सुधार दर्ज किया गया है.

जलस्तर बढ़ने से बिजली उत्पादन को मिला सहारा

हाल में हुई बारिश के कारण जलाशयों में पानी बढ़ने से बिजली उत्पादन में भी मदद मिली है. गेतलसूद डैम से मौजूदा जलस्तर के आधार पर करीब 130 मेगावाट, पंचेत से 80 मेगावाट और तिलैया से लगभग चार मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ है.

मैथन से सिंचाई क्षमता में भी होगा इजाफा

जलाशयों में बढ़े जल भंडारण का असर सिंचाई व्यवस्था पर भी दिखाई देगा. वर्तमान जलस्तर के आधार पर मैथन डैम से करीब 342 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलने की संभावना है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो जलाशयों की स्थिति और बेहतर हो सकती है.

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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