Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही बड़ी कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक इंजीनियर के घर से बहुत कुछ बरामद दिया है. शनिवार से वल रही ताबड़तोड़ छापेमारी में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार दबी संपत्तियों को बाहर निकाला है. पटना, जमुई, झाझा और अन्य ठिकानों पर एक साथ हुई इस कार्रवाई में जांच एजेंसी को भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, जमीन और फ्लैट से जुड़े दस्तावेज, लग्जरी वाहन और करोड़ों रुपये के निवेश से जुड़े कई अहम कागजात मिले हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि इंजीनियर ने करीब 18 साल की नौकरी के दौरान अपनी वैध आय से कहीं ज्यादा संपत्ति खड़ी कर ली.
आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज
EOU के अधिकारियों के अनुसार गोपाल कुमार पर अपनी ज्ञात आय से लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. जांच एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों और आय के स्रोतों की पड़ताल में उनकी संपत्ति वैध कमाई से करीब 81 प्रतिशत अधिक पाई गई. इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विशेष निगरानी अदालत से तलाशी वारंट हासिल किया गया.
सुबह से देर शाम तक चली कार्रवाई
शनिवार सुबह करीब 9 बजे EOU की कई टीमों ने एक साथ छापेमारी शुरू की. निगरानी डीएसपी के नेतृत्व में गठित टीमों ने पटना के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित फ्लैट, कंकड़बाग के पैतृक आवास, जमुई स्थित किराए के मकान, झाझा कार्यालय और राजाबाजार स्थित ससुराल में घंटों तलाशी अभियान चलाया.
जांच के दौरान अधिकारियों ने घरों में रखी अलमारियों, लॉकरों, दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की. सूत्रों के अनुसार कई ऐसे कागजात मिले हैं, जिनसे संपत्ति का दायरा और भी बड़ा होने की आशंका जताई जा रही है.
फ्लैट से मिला लाखों का कैश
पटना के ज्योतिपुरम इलाके स्थित फ्लैट से सबसे बड़ी बरामदगी हुई. यहां EOU को करीब 39 लाख 65 हजार रुपये नकद मिले. जांच टीम को अलग-अलग जगहों पर रखे नोटों के बंडल बरामद हुए, जिन्हें गिनने में काफी समय लगा.
इसके अलावा जांच एजेंसी को लाखों रुपये की ज्वेलरी खरीद से जुड़े बिल और इनवॉयस भी मिले हैं. अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में करीब 47 लाख रुपये से अधिक की ज्वेलरी खरीद के दस्तावेज सामने आए हैं.
सोने-चांदी के गहनों का जखीरा
तलाशी के दौरान टीम को भारी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण भी मिले. जानकारी के मुताबिक 400 ग्राम से ज्यादा सोने के गहने बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी जा रही है. इसके अलावा करीब एक किलो चांदी के आभूषण भी मिले हैं.
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन गहनों की खरीद किस आय स्रोत से की गई और क्या इनका पूरा ब्योरा आयकर रिकॉर्ड में दर्ज है या नहीं.
मॉल में दुकान और करोड़ों का निवेश
EOU की जांच में यह भी सामने आया कि अभियंता ने पटना के सगुना मोड़ स्थित एक मॉल में दो व्यावसायिक दुकानें खरीदी थीं. शुरुआती अनुमान के अनुसार इन दुकानों की कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है.
इसके अलावा दानापुर बाजार समिति के पास एक भूखंड पर बहुमंजिला भवन निर्माण का काम भी चल रहा है. दस्तावेजों में जमीन की रजिस्ट्री की रकम अलग दिखाई गई है, जबकि जांच एजेंसी को बड़ी मात्रा में नकद भुगतान से जुड़े कागजात भी मिले हैं. अधिकारियों को संदेह है कि संपत्ति खरीद में वास्तविक लेनदेन छिपाने की कोशिश की गई.
4BHK फ्लैट और लग्जरी कार की जांच
छापेमारी के दौरान दानापुर स्थित एक बड़े 4BHK फ्लैट से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं. एजेंसी का दावा है कि इस फ्लैट की खरीद में भारी नकद लेनदेन किया गया.
वहीं जमुई स्थित किराए के मकान से एक लग्जरी कार बरामद हुई. जांच में पता चला कि वाहन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर खरीदा गया था, लेकिन उससे जुड़े मोबाइल नंबर और अन्य रिकॉर्ड अभियंता से जुड़े मिले. इसी वजह से EOU इसे संभावित बेनामी संपत्ति मानकर जांच कर रही है.
बैंक खातों और बीमा पॉलिसियों पर नजर
तलाशी के दौरान कई बैंक खातों और निवेश योजनाओं से जुड़े दस्तावेज भी सामने आए हैं. अधिकारियों के अनुसार कुछ खातों में लाखों रुपये जमा पाए गए हैं. EOU अब इन खातों के लेनदेन की जांच कर रही है.
इसके अलावा कई बीमा पॉलिसियों के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनमें हर साल बड़ी रकम जमा होने की जानकारी मिली है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन निवेशों का स्रोत क्या था.
सरकारी फाइलें मिलने से बढ़ी मुश्किल
छापेमारी के दौरान अभियंता के निजी आवास से ग्रामीण कार्य विभाग की कई आधिकारिक फाइलें और कागजात भी बरामद किए गए. अधिकारियों का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड को निजी घर में रखना सेवा नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है.
अब इस संबंध में विभाग को रिपोर्ट भेजी जा रही है. माना जा रहा है कि विभागीय स्तर पर भी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो सकती है.
इंजीनियर ने आरोपों को बताया गलत
हालांकि गोपाल कुमार ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि बरामद नकदी का पूरा हिसाब उनके पास मौजूद है. उन्होंने दावा किया कि कुछ रकम पारिवारिक जरूरत और इलाज के लिए रखी गई थी.
फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई सभी संपत्तियों की बाजार कीमत, निवेश के स्रोत और संभावित बेनामी लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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