NEET Student Death Case: पटना में NEET की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में CBI की जांच अब अदालत के अगले फैसले पर टिक गयी है. करीब आठ महीने तक चले घटनाक्रम और जांच के बाद CBI ने 6 अक्टूबर 2026 को विशेष पॉक्सो कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है. एजेंसी का कहना है कि जांच में किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिला, जिसके आधार पर उसे आरोपी बनाया जा सके.
हालांकि, क्लोजर रिपोर्ट के साथ मामला समाप्त नहीं हुआ है. अदालत ने परिजन को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है और 13 अक्टूबर को इस रिपोर्ट पर अगली सुनवाई होगी.
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पिता के सामने CBI की रिपोर्ट पर आपत्ति का विकल्प
क्लोजर रिपोर्ट पर अदालत अंतिम फैसला लेने से पहले छात्रा के पिता का पक्ष सुनेगी. नोटिस मिलने के बाद वह CBI की रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं और प्रोटेस्ट पिटीशन के जरिए जांच के निष्कर्ष को चुनौती देने की मांग कर सकते हैं.
अदालत के सामने इसके बाद यह सवाल होगा कि CBI की रिपोर्ट को स्वीकार कर मामले को बंद किया जाए या उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाए. जरूरत पड़ने पर कोर्ट आगे की जांच या दोबारा जांच का आदेश भी दे सकती है.
जांच में आरोपी तक नहीं पहुंच सकी CBI
विशेष पॉक्सो न्यायाधीश राजीव रंजन रमण की अदालत में रिपोर्ट दाखिल करते हुए CBI ने कहा कि जांच के दौरान किसी व्यक्ति के खिलाफ ऐसा पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिला, जिससे उसे इस मामले में आरोपी बनाया जा सके.
अपर लोक अभियोजक सुरेश प्रसाद के अनुसार, CBI की रिपोर्ट इसी निष्कर्ष पर आधारित है. अब अदालत रिपोर्ट में सामने आये तथ्यों और पीड़ित पक्ष के रुख के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगी.
DNA जांच भी नहीं दे सकी निर्णायक सुराग
मामले में मेडिकल जांच के दौरान छात्रा के अंडरगारमेंट से स्पर्म मिलने की बात सामने आयी थी. इसके बाद जांच में DNA सैंपल का मिलान कराया गया.
छात्रा के परिजनों और उसके करीबियों के DNA सैंपल लिये गये, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी भी सैंपल का अंडरगारमेंट पर मिले स्पर्म से मिलान नहीं हुआ. इसके बावजूद जांच एजेंसियों ने मौत से जुड़े दूसरे पहलुओं की पड़ताल जारी रखी.
बंद कमरे में मिली थी छात्रा
पूरा मामला 6 जनवरी 2026 को सामने आया था. पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के मुन्ना चक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली जहानाबाद की छात्रा बंद कमरे में अचेत मिली थी.
NEET की तैयारी कर रही छात्रा को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. इसके बाद उसके पिता ने शरीर पर चोट के निशान होने की बात कही और दुष्कर्म के प्रयास की आशंका जतायी.
पुलिस जांच पर उठे सवाल तो SIT बनी
मामले की शुरुआती जांच को लेकर सवाल उठने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया. जनवरी में IG जितेंद्र राणा के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया.
जांच के दौरान मेडिकल और पोस्टमार्टम से जुड़े तथ्यों को भी खंगाला गया. शुरुआती कार्रवाई में लापरवाही के आरोपों को लेकर तत्कालीन चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष रौशनी कुमारी और कदमकुआं थाना के अपर थानाध्यक्ष हेमंत झा को निलंबित किया गया था.
हॉस्टल संचालक मनीष कुमार रंजन को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था. हालांकि, बाद की जांच का केंद्र छात्रा की मौत से जुड़े मूल आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों पर रहा.
सरकार की सिफारिश के बाद CBI ने संभाली जांच
मामले को लेकर विवाद बढ़ने और पुलिस जांच पर सवाल उठने के बाद बिहार सरकार ने CBI जांच की सिफारिश की. फरवरी 2026 में CBI ने जांच शुरू की.
CBI ने पटना के हॉस्टल से लेकर जहानाबाद तक मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की. कई महीनों की पड़ताल के बाद एजेंसी इस निष्कर्ष पर पहुंची कि किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं.
13 अक्टूबर को तय होगी अगली दिशा
क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद अब इस मामले की दिशा अदालत की सुनवाई से तय होगी. 13 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में CBI की रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा.
क्लोजर रिपोर्ट को अदालत स्वीकार कर सकती है, लेकिन इसे स्वीकार करना अनिवार्य नहीं है. कोर्ट जांच एजेंसी की राय से अलग भी फैसला ले सकती है. छात्रा के पिता की ओर से आपत्ति दर्ज होने पर अदालत उस पक्ष को भी रिकॉर्ड पर लेकर आगे की कार्रवाई तय करेगी.
6 जनवरी से 6 अक्टूबर तक क्या हुआ
6 जनवरी 2026: शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा बंद कमरे में अचेत मिली.
9 जनवरी 2026: छात्रा के पिता ने दुष्कर्म की आशंका जताते हुए चित्रगुप्त नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी.
11 जनवरी 2026: इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गयी.
जनवरी 2026: IG जितेंद्र राणा के नेतृत्व में SIT गठित की गयी.
फरवरी 2026: बिहार सरकार की सिफारिश के बाद CBI ने जांच शुरू की.
6 अक्टूबर 2026: CBI ने विशेष पॉक्सो कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की.
13 अक्टूबर 2026: क्लोजर रिपोर्ट पर अदालत में अगली सुनवाई होगी.
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