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Guruji Credit Card Scheme : झारखंड में उच्च शिक्षा के लिए कर्ज लेने वाले विद्यार्थियों को अब पहले की तुलना में ज्यादा राहत मिलेगी. राज्य सरकार ने Guruji Credit Card Scheme में ऐसे बदलाव किये हैं, जिससे चार लाख रुपये से अधिक के शिक्षा ऋण पर पांच प्रतिशत मार्जिन मनी जमा करने की बाध्यता खत्म हो गई है. इसके साथ ही पढ़ाई शुरू करने के लिए विद्यार्थियों द्वारा पहले से जमा की गयी फीस की वापसी का भी रास्ता साफ कर दिया गया है.
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चार लाख से ज्यादा के लोन में अब मार्जिन मनी की बाध्यता नहीं
गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना में किये गये संशोधन के तहत चार लाख रुपये से अधिक के ऋण पर लगने वाली पांच प्रतिशत मार्जिन मनी अब नहीं देनी होगी. इसका सीधा फायदा उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्हें उच्च शिक्षा के लिए अधिक राशि के शिक्षा ऋण की जरूरत होती है.
सरकार के इस फैसले से विद्यार्थियों को उनकी पात्रता के अनुसार ऋण की पूरी राशि उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. इससे शिक्षा ऋण लेते समय परिवार पर पड़ने वाला शुरुआती आर्थिक दबाव भी कम होगा.
बैंक से लोन मिलने में देरी तो जमा फीस भी होगी वापस
योजना में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव पहले से जमा की गयी फीस के रिफंड को लेकर किया गया है. दरअसल, कई शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया 10 से 15 दिनों में पूरी हो जाती है, जबकि बैंक से शिक्षा ऋण जारी होने में अपेक्षाकृत अधिक समय लग जाता है.
ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को प्रथम सेमेस्टर या प्रथम वर्ष की फीस अपनी जेब से जमा करनी पड़ती थी. अब ऐसी फीस की एकमुश्त वापसी का प्रावधान किया गया है.
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इसके लिए विद्यार्थी वेब पोर्टल के माध्यम से रिफंड के लिए आवेदन कर सकेंगे. संबंधित बैंक या ऋणदाता संस्था दस्तावेजों और फीस भुगतान का सत्यापन करेगी. स्वीकृति मिलने के बाद रिफंड की राशि विद्यार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी.
केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के लिए भी मिलेगा लाभ
सरकार ने गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना का दायरा भी बढ़ाया है. अब भारत सरकार द्वारा अधिसूचित सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को योजना में शामिल किया गया है.
इसके अलावा साउथ एशिया यूनिवर्सिटी, नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी, इंडियन मेरीटाइम यूनिवर्सिटी और राजीव गांधी नेशनल एविएशन यूनिवर्सिटी समेत अन्य पात्र संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थी भी योजना का लाभ ले सकेंगे.
दाखिले के समय अभिभावकों पर कम होगा आर्थिक दबाव
योजना में किये गये इन बदलावों का सबसे बड़ा असर दाखिले के शुरुआती चरण में देखने को मिलेगा. विद्यार्थियों को फीस की तत्काल व्यवस्था करने के लिए परिवार पर निर्भरता कम होगी और पात्र शिक्षा ऋण की राशि भी अधिक प्रभावी तरीके से उपलब्ध हो सकेगी.
सरकार का मानना है कि संशोधित व्यवस्था से राज्य के विद्यार्थियों के लिए देश के राष्ट्रीय और केंद्रीय संस्थानों में उच्च शिक्षा हासिल करना आसान होगा. मार्जिन मनी हटाने, पहले जमा फीस वापस करने और संस्थानों का दायरा बढ़ाने से Guruji Credit Card Scheme को अधिक छात्र केंद्रित बनाने की कोशिश की गयी है.
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