JPSC Exam Cancellation: जिस परीक्षा के नतीजे के बाद करीब 200 अभ्यर्थियों ने सरकारी सेवा संभाली, उसी परीक्षा के रद्द होने से अब उनकी नौकरी और प्रशिक्षण दोनों अधर में पड़ गये हैं. जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा रद्द किये जाने के बाद नवनियुक्त उप समाहर्ताओं की ट्रेनिंग रोक दी गयी है. वहीं, हजारीबाग में डिप्टी कलेक्टर के पद पर तैनात सोनम कुमारी ने सरकार के फैसले के खिलाफ झारखंड हाइकोर्ट का रुख किया है.
परीक्षा रद्द होने का असर श्रावणी मेला ड्यूटी पर भी पड़ा है. देवघर और बासुकीनाथ में तैनात 63 प्रोबेशन उप समाहर्ताओं को भी अब ड्यूटी से हटा दिया गया है. ऐसे में चयन के बाद नियुक्त होकर जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों के सामने अब आगे की स्थिति को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.
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शिक्षक की नौकरी छोड़ हासिल की थी डिप्टी कलेक्टर की पोस्ट, अब अदालत पहुंचीं सोनम
हजारीबाग में डिप्टी कलेक्टर के रूप में काम कर रहीं सोनम कुमारी ने नियुक्ति के बाद झारखंड सेवा ज्वाइन करने के लिए गया में शिक्षक की नौकरी छोड़ दी थी. जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में चयन के बाद उन्हें 24 नवंबर 2025 को नियुक्ति पत्र मिला था.
नियुक्ति के बाद उन्होंने डिप्टी कलेक्टर के रूप में योगदान दिया और हजारीबाग में अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं. परीक्षा रद्द होने के बाद उनकी सेवा समाप्त कर दी गयी. इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार की अधिसूचना को झारखंड हाइकोर्ट में चुनौती दी है.
जिस आदेश से परीक्षा रद्द हुई, उसी को चुनौती
सोनम कुमारी की ओर से अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है. इसमें राज्य सरकार की उस अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की गयी है, जिसके तहत जेपीएससी की विज्ञापन संख्या 01/2024 से जुड़ी परीक्षा रद्द की गयी है.
याचिका में सरकार के मेमो नंबर 5404/18.8.2026 का भी उल्लेख किया गया है. मामले की सुनवाई गुरुवार को हाईकोर्ट में होनी है.
जिलों में जिम्मेदारी संभाल रहे थे, अब रांची लौट रहे अधिकारी
परीक्षा से चयनित करीब 200 उप समाहर्ताओं को प्रशिक्षण के बाद जिलों में भेजा गया था. वे प्रोबेशन पीरियड में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे. अब परीक्षा रद्द होने के बाद उनकी ट्रेनिंग बीच में रोक दी गयी है.
श्रीकृष्ण लोक प्रशासन प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षण लेने के बाद इन अधिकारियों को जिलों में भेजा गया था. सेवा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण कई नवनियुक्त अधिकारी रांची पहुंचने लगे हैं.
श्रावणी मेले में तैनात 63 अफसर भी हटे
नवनियुक्त उप समाहर्ताओं को श्रावणी मेले में भी जिम्मेदारी दी गयी थी. देवघर में बाबा धाम की विधि-व्यवस्था के लिए 40 प्रोबेशन उप समाहर्ताओं को लगाया गया था. वहीं, बासुकीनाथ में 23 अधिकारियों को दंडाधिकारी के रूप में तैनात किया गया था.
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इस तरह मेले में ड्यूटी कर रहे कुल 63 प्रोबेशन उप समाहर्ताओं को परीक्षा रद्द होने के बाद हटा दिया गया है.
अब अदालत के फैसले पर टिकी निगाह
जेपीएससी परीक्षा रद्द होने के बाद पहली बार उसका सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ा है, जो चयन के बाद सरकारी पद संभाल चुके थे. एक अधिकारी ने फैसले को अदालत में चुनौती दी है, जबकि करीब 200 उप समाहर्ताओं की ट्रेनिंग रुक गयी है.
गुरुवार को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई के बाद यह साफ होने की उम्मीद है कि परीक्षा रद्द किये जाने के बाद नियुक्त अभ्यर्थियों की सेवा को लेकर आगे क्या स्थिति बनती है.
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