VIDEO: ब्रिक्स समिट 2026 में शामिल होने भारत पहुंचे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का आध्यात्मिक गुरु जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य जी महाराज के साथ मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है. वीडियो में दोनों के बीच हंसी-मजाक के साथ बातचीत होती दिखाई देती है, लेकिन कुछ ही देर बाद पेजेश्कियन अचानक नीचे की ओर झुकते नजर आते हैं. इसी दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं.
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एक पक्ष का कहना है कि ईरानी राष्ट्रपति ने स्वामी सतीशाचार्य के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया, जबकि दूसरे यूजर्स का दावा है कि वह पैर छूने के लिए नहीं, बल्कि नीचे गिरे पेन को उठाने के लिए झुके थे. वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही यही अलग-अलग व्याख्या अब चर्चा का विषय बनी हुई है.
मुलाकात के दौरान अचानक नीचे झुके पेजेश्कियन
वायरल वीडियो में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य जी महाराज एक-दूसरे से हंसकर बातचीत करते दिखाई देते हैं. बातचीत के दौरान पेजेश्कियन अचानक नीचे झुकते हैं. इसके बाद स्वामी सतीशाचार्य उन्हें उठाते हुए नजर आते हैं. वीडियो का यही हिस्सा सोशल मीडिया यूजर्स के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है.
एक दावे में पैर छूकर आशीर्वाद लेने की बात
वीडियो सामने आने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि पेजेश्कियन ने स्वामी सतीशाचार्य के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया. इस दावे के आधार पर कई लोगों ने ईरानी राष्ट्रपति के व्यवहार को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के प्रति सम्मान से जोड़कर देखा.
दूसरा दावा- पेन उठाने के लिए झुके थे
वहीं, कुछ यूजर्स इस दावे से सहमत नहीं हैं. उनका कहना है कि पेजेश्कियन स्वामी सतीशाचार्य के पैर छूने के लिए नहीं झुके थे, बल्कि नीचे गिरे पेन को उठाने के लिए नीचे गए थे. इसी वजह से वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग दावे देखने को मिल रहे हैं.
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स्वामी सतीशाचार्य ने खुद शेयर किया वीडियो
यह वीडियो जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया है. वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, “ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन (Masoud Pezeshkian, President of Iran) का भारत की पावन भूमि पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन.” दोनों की यह मुलाकात 12 सितंबर को हुई थी.
सोशल मीडिया पर मिल रही अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
वीडियो पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. swami_bharti30 नाम के एक यूजर ने लिखा, “इसे ही समावेशिता कहते हैं—कोई धार्मिक झगड़ा नहीं, कोई आपत्ति नहीं, बस सम्मान. इस शानदार सम्मान के लिए पेजेश्कियन की तारीफ होनी चाहिए.” वहीं, कुछ यूजर्स अब भी यही कह रहे हैं कि ईरानी राष्ट्रपति पैर छूने के लिए नहीं, बल्कि पेन उठाने के लिए नीचे झुके थे.
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