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Bharat Tiwari Case : पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत के करीब तीन महीने बाद शनिवार को बिलौटी गांव में पहली बार प्रशासन की शीर्ष टीम पहुंची. भोजपुर के डीएम मनीष कुमार मीना और एसपी अभिषेक दीक्षित ने भरत तिवारी के पैतृक घर जाकर करीब आधे घंटे तक परिजनों से बातचीत की. इस दौरान परिवार ने न्याय, स्मारक निर्माण, मिट्टी भराई और गंगा कटान से विस्थापित परिवारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए.
स्मारक से लेकर आवास परिसर तक उठीं कई मांगें
भरत तिवारी के माता-पिता और परिजनों ने अधिकारियों के सामने उनकी मौत के मामले में न्याय की मांग दोहराई. साथ ही भरत की याद में स्मारक बनाने, आवास परिसर और आसपास मिट्टी भराई कराने की मांग भी रखी. परिवार का कहना था कि इन मांगों पर प्रशासन की पहल भरत की स्मृति को सम्मान देने के साथ गांव की जरूरतों को भी पूरा करेगी.
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गंगा कटान से विस्थापितों का मुद्दा भी रखा
मुलाकात के दौरान बिलौटी के गंगा कटान प्रभावित परिवारों की समस्याएं भी सामने आईं. परिजनों ने बताया कि कई बाढ़पीड़ित अब तक सरकारी सहायता की सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं. विस्थापित इलाके में घर, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी डीएम और एसपी के समक्ष रखा गया.
पानी घटते ही सड़क और मिट्टी भराई का भरोसा
परिवार के अनुसार, डीएम मनीष कुमार मीना ने भरोसा दिलाया कि बाढ़ का पानी कम होने और क्षेत्र के सूखने के बाद मिट्टी भराई, पक्की सड़क और अन्य जरूरी सुविधाओं पर काम शुरू कराया जाएगा. उन्होंने संबंधित एसडीएम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए.
सुरक्षा, नौकरी और सोशल मीडिया शिकायत पर भी निर्देश
परिजनों की सुरक्षा को देखते हुए भरत तिवारी के घर पर पुलिस गार्ड तैनात किया गया है. अधिकारियों ने सरकार की ओर से घोषित अनुकंपा पर नौकरी और अन्य सरकारी सहायता की प्रक्रिया को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया. वहीं सोशल मीडिया पर बदनाम करने और परेशान करने की शिकायत पर शाहपुर थानाध्यक्ष को तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.
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कागजी प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा
डीएम ने मौके पर सीओ को बुलाकर परिवार से जुड़ी सभी कागजी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने का निर्देश दिया. साथ ही सरकारी सहायता से वंचित बाढ़पीड़ितों के नाम सूची में जोड़ने की मांग पर भी सकारात्मक पहल का भरोसा दिया गया.


