US-Iran War Video: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच हुआ हालिया शांति समझौता पूरी तरह खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है. होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पनामा के झंडे वाले एक तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर भीषण हवाई हमले किए हैं. इस ताजा सैन्य टकराव के कारण दोनों देशों के बीच बना अस्थाई युद्धविराम टूटने की कगार पर पहुंच गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश पर 10 ठिकानों पर बमबारी
U.S. Navy and Air Force fighter jets conducted strikes tonight on 10 Iranian military targets at multiple locations in and near the Strait of Hormuz for Iran's drone attack on M/T Kiku. pic.twitter.com/Z0TLZRqmF6
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 28, 2026
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि कमांडर इन चीफ डोनाल्ड ट्रंप के सीधे निर्देश पर 27 जून को ईरान के कई ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया. वाशिंगटन का दावा है कि ईरान ने सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन किया, जिसके जवाब में यह कड़ा कदम उठाना जरूरी था.
सेंटकॉम के अनुसार, ईरान को शांति समझौते के सम्मान का पूरा मौका दिया गया था, लेकिन उसने शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे (ईटी) पनामा के ध्वज वाले तेल टैंकर ‘एम/टी किकू’ पर आत्मघाती ड्रोन से हमला कर दिया. इस टैंकर में 20 लाख बैरल से ज्यादा कच्चा तेल लदा हुआ था. इस आक्रामकता के विरोध में अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के विमानों ने एक साथ मिलकर ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर बमबारी की. इन हमलों में मुख्य रूप से ईरान के रडार सिस्टम, एयर डिफेंस बेस, संचार तंत्र, ड्रोन डिपो और समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने वाले केंद्रों को निशाना बनाया गया है. अमेरिकी सेना ने इस पूरी कार्रवाई का एक अनक्लासिफाइड वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया है.
United States aircraft just struck Iranian missile and drone storage locations, and coastal radar sites, for violating the Cease Fire Agreement, AGAIN! It is very possible that they will never learn! There may come a point when we are no longer able to be reasonable, and will be… pic.twitter.com/8sKbkA40kU
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) June 27, 2026
सिरिक और केशम द्वीप पर गूंजे धमाके, ट्रंप ने दी नामोनिशान मिटाने की चेतावनी
ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, दक्षिण ईरान में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिरिक द्वीप के पास तेज विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं. इसके साथ ही केशम द्वीप के एक ग्रामीण इलाके में भी अमेरिकी मिसाइलें गिरने का दावा किया जा रहा है.
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इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि ईरान समझौते की शर्तों को समझने में नाकाम रहा है. ट्रंप ने साफ कहा कि अगर ईरान ने अपनी हरकतों को नहीं सुधारा, तो अमेरिका के पास इस सैन्य अभियान को पूरी तरह अंजाम तक पहुंचाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा, जिसके बाद ईरान का इस्लामिक रिपब्लिक हमेशा के लिए खत्म हो सकता है.
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अमेरिका के इन हमलों के जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी रविवार तड़के बड़ा काउंटर अटैक शुरू कर दिया है. आईआरजीसी की नौसेना और एयरोस्पेस विंग ने मिलकर कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से भारी गोलाबारी करने का दावा किया है. ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने होर्मुज की एक मामूली घटना को ढाल बनाकर उसके पांच तटीय क्षेत्रों पर हमला किया है.
इस जवाबी हमले के बाद कुवैत की सेना ने तुरंत अपनी एयर डिफेंस प्रणालियों को एक्टिवेट कर दिया है और वे आसमान में ही दुश्मन की मिसाइलों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक इन हमलों में हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं की है.
होर्मुज जलमार्ग पर नियंत्रण की जंग और सीजफायर टूटने का डर
इस ताजा विवाद की शुरुआत तब हुई जब गुरुवार को ‘एम/वी एवर लवली’ नाम के एक कमर्शियल शिप पर हमला हुआ था. ईरान का तर्क है कि इस जहाज ने उसके द्वारा तय किए गए अधिकृत समुद्री मार्ग का उल्लंघन किया था, इसलिए उस पर कार्रवाई की गई. ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी और संसदीय समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि तटीय देश होने के नाते होर्मुज जलमार्ग पर ईरान के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने इस्लामाबाद समझौते (MoU) का उल्लंघन बंद नहीं किया, तो जारी कूटनीतिक बातचीत पूरी तरह ठप हो जाएगी और वे आगे भी जहाजों पर ऐसी ही कड़ी कार्रवाई करेंगे.
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