Ranchi shooting : रांची के कांके थाना क्षेत्र स्थित सुकुरहुट्टू गांव में शनिवार रात अपराधियों ने एक घर में घुसकर फायरिंग कर दी. घटना में घर के मालिक शिव महतो बाल-बाल बच गए. फायरिंग की आवाज से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए. पुलिस को तुरंत सूचना मिली और वह घटनास्थल पर पहुंच गई. जांच के दौरान पुलिस ने दो खाली खोखा और एक जिंदा गोली बरामद की.
घर में हुई फायरिंग
शिव महतो अपने घर में मौजूद थे, तभी अचानक दो अपराधी उनके घर में घुस आए और उन पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया. किसी तरह शिव महतो सुरक्षित रहे और हमलावर मौके से फरार हो गए. गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी घरों से बाहर निकल आए, लेकिन तब तक हमलावर भाग चुके थे.
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पूरे इलाके में दहशत
घटना के बाद सुकुरहुट्टू गांव में डर और तनाव का माहौल है. ग्रामीणों ने बताया कि घर में घुसकर फायरिंग की यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई. लोग अभी भी इस घटना से सहमे हुए हैं और सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.
पुलिस की ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कांके पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस ने दो खाली खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की. जांच जारी है ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके.
थानेदार की भूमिका पर उठा रहे सवाल
इलाके में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और जमीन विवादों के बीच कांके थानेदार की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि थानेदार अपराध को रोकने के बजाय जमीन कारोबारियों के साथ मिलकर काम करने में व्यस्त हैं. इसी मुद्दे को लेकर एक आदिवासी महिला ने झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट दायर की है.
जमीन कारोबारियों से साठगांठ का लगा आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कांके इलाके में जमीन का खेल तेजी से चल रहा है और इसमें कुछ कारोबारी खुलेआम सक्रिय हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कई मामलों में दबंगों के जरिए मकान तोड़वाए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई करने के बजाय निष्क्रिय रही.
झारखंड हाईकोर्ट में याचिका
आदिवासी महिला ने कोर्ट में याचिका में आरोप लगाया है कि पुलिस ने जमीन विवाद में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की और उल्टे जमीन कारोबारियों को संरक्षण दिया. महिला ने कोर्ट से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है.
लोगों की नजरें पुलिस और प्रशासन पर टिकी
स्थानीय लोग कहते हैं कि अगर समय रहते इन मामलों पर सख्ती नहीं की गई, तो अपराध और जमीन विवाद की घटनाएं और बढ़ सकती हैं. पूरे मामले पर लोगों की नजरें पुलिस और प्रशासन पर टिकी हैं.
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