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JPSC Student Protest: जेपीएससी-जेएसएससी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कई दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच पहली बार बातचीत की पहल हुई है. सरकार ने आंदोलन खत्म कराने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पांच सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए आमंत्रित किया है. हालांकि छात्रों ने भी साफ कर दिया है कि बातचीत होगी, लेकिन उनकी शर्तों पर.
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सरकार की ओर से एसडीओ कुमार रजत आंदोलन स्थल पहुंचे और छात्रों को सरकार का संदेश सौंपा. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के पांच प्रतिनिधियों से मिलकर उनकी मांगों और शिकायतों पर विस्तार से चर्चा करना चाहती है.
छात्रों की दो टूक- ‘सीक्रेट मीटिंग नहीं चलेगी’
सरकार के प्रस्ताव के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने कहा कि वे संवाद से पीछे नहीं हट रहे हैं, लेकिन बंद कमरे में होने वाली किसी भी बैठक का हिस्सा नहीं बनेंगे. छात्रों का कहना है कि वार्ता मीडिया की मौजूदगी में खुले तौर पर होनी चाहिए, ताकि सरकार और छात्रों के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी पूरी जानकारी राज्य के युवाओं तक पहुंच सके.
पहले आपस में करेंगे चर्चा, फिर देंगे जवाब
सरकार के प्रस्ताव पर छात्रों ने तत्काल फैसला लेने से इनकार कर दिया. आंदोलनकारियों का कहना है कि पहले सभी साथियों के साथ बैठक होगी, उसके बाद सामूहिक निर्णय लिया जाएगा. छात्रों ने बताया कि शाम पांच से छह बजे के बीच सरकार को अपना अंतिम रुख बता दिया जाएगा.
हेमंत सोरेन बोले- बातचीत के लिए दरवाजे खुले
छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा संवाद के पक्ष में रही है और उसके दरवाजे सभी के लिए खुले हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र अपनी बात सीधे सरकार तक पहुंचा सकते हैं और सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से सुन रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी विवाद का सबसे बेहतर समाधान बातचीत ही है और सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ रही है.
गृह मंत्री से अब तक नहीं हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब तक उनकी गृह मंत्री से कोई चर्चा नहीं हुई है. हालांकि जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे पर बातचीत की जाएगी.
अब सबकी नजर शाम के फैसले पर
फिलहाल आंदोलन स्थल पर छात्र सरकार के प्रस्ताव पर मंथन कर रहे हैं. अब नजर इस बात पर टिकी है कि छात्र वार्ता के लिए किन शर्तों के साथ तैयार होते हैं. यदि सरकार और छात्रों के बीच सहमति बनती है तो लंबे समय से चल रहे आंदोलन में अहम मोड़ आ सकता है.
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