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मजाक में खींची गई चेन, यात्रियों पर भारी पड़ रही देरी; मालदा मंडल में बढ़े मामले

Kolkata Rail : मालदा मंडल में अलार्म चेन पुलिंग की बढ़ती घटनाएं यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही हैं. अनधिकृत रूप से चेन खींचे जाने से ट्रेनें लेट हो रही हैं और यात्रियों के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं. रेलवे ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए लोगों से जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील की है.

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Kolkata Rail : ट्रेन में लगा अलार्म चेन सिस्टम यात्रियों की सुरक्षा के लिए होता है, लेकिन जब इसका इस्तेमाल बिना किसी जरूरी वजह के किया जाता है, तो उसका असर सिर्फ ट्रेन रुकने तक सीमित नहीं रहता. कई बार इसकी कीमत यात्रियों को अपने जरूरी काम, परीक्षा, इंटरव्यू और अहम मौके गंवाकर चुकानी पड़ती है. मालदा से हावड़ा जा रहे सजल दत्ता (परिवर्तित नाम) के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. वह ट्रेन संख्या 13012 से सफर कर रहे थे और लंबे इंतजार के बाद उन्हें एक महत्वपूर्ण जॉब इंटरव्यू में शामिल होना था. लेकिन बीच रास्ते में किसी अज्ञात व्यक्ति ने मजाक में अलार्म चेन खींच दी. ट्रेन रुकने और देरी होने की वजह से वह इंटरव्यू तक समय पर नहीं पहुंच सके और नौकरी पाने की उम्मीद टूट गई. यह घटना अकेली नहीं है, बल्कि ऐसे कई यात्री हैं जो इस तरह की लापरवाही का नुकसान झेल रहे हैं.

आंकड़ों में दिख रही बढ़ती परेशानी

पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के परिचालन आंकड़े बताते हैं कि यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है. 2024-25 के दौरान मंडल में कुल 280 व्यवधान के मामले दर्ज किए गए. इन घटनाओं का असर 220 ट्रेनों की समयबद्धता पर पड़ा और वे तय समय के अनुसार नहीं चल सकीं.

इसके अगले वर्ष 2025-26 में यह स्थिति और ज्यादा चिंताजनक हो गई. इस अवधि में मालदा मंडल में ऐसे कुल 396 मामले सामने आए. इन घटनाओं के कारण 231 बार ट्रेनें अपने निर्धारित समय का पालन नहीं कर पाईं. इन आंकड़ों से साफ है कि अनधिकृत अलार्म चेन पुलिंग अब रेलवे संचालन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है.

दो रेलखंड सबसे ज्यादा प्रभावित

मालदा मंडल के भीतर कुछ रेलखंड ऐसे हैं, जहां यह समस्या सबसे ज्यादा सामने आ रही है. सांख्यिकीय विश्लेषण के अनुसार, साहिबगंज-भागलपुर खंड और मालदा टाउन-आजिमगंज खंड इस मामले में सबसे अधिक प्रभावित हैं. इन दोनों हिस्सों में अनधिकृत रूप से अलार्म चेन खींचने की घटनाएं सबसे ज्यादा दर्ज की गई हैं.

बार-बार इस तरह की घटनाएं होने से इन रेलखंडों की परिचालन व्यवस्था और विश्वसनीयता पर असर पड़ रहा है. ट्रेनें अपने समय से पीछे हो रही हैं और इसका असर उन यात्रियों पर भी पड़ रहा है, जिनका इन घटनाओं से कोई लेना-देना नहीं होता.

कानून में है सख्त सजा का प्रावधान

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अलार्म चेन खींचना कोई साधारण शरारत नहीं, बल्कि एक गंभीर कानूनी मामला है. रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत बिना उचित कारण के ट्रेन में संचार के साधनों के साथ छेड़छाड़ करना दंडनीय अपराध माना गया है.

इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक की कैद, ₹1,000 तक का जुर्माना, या दोनों सजा दी जा सकती है. पहली बार दोषी पाए जाने की स्थिति में कम से कम ₹500 का जुर्माना अनिवार्य है. वहीं दूसरी या उसके बाद के अपराध पर कम से कम तीन महीने की सजा का भी प्रावधान है. यानी मजाक या सुविधा के लिए चेन खींचना सीधे कानूनी कार्रवाई को न्योता देना है.

तुच्छ वजह, लेकिन असर हजारों यात्रियों पर

रेलवे के मुताबिक, कई बार अलार्म चेन ऐसी वजहों से खींची जाती है जिनका किसी आपात स्थिति से कोई संबंध नहीं होता. देर से आ रहे किसी परिचित का इंतजार करना, घर के पास उतरने की कोशिश करना या अन्य छोटी वजहों से ट्रेन रोकना पूरे शेड्यूल को बिगाड़ देता है.

ऐसी हर घटना का असर हजारों यात्रियों पर पड़ता है. ट्रेन के रुकने से समय की बर्बादी होती है, अगले स्टेशनों पर संचालन प्रभावित होता है और पूरी लाइन की समयबद्धता बिगड़ जाती है. इसका नुकसान सिर्फ रेलवे को नहीं, बल्कि उन यात्रियों को भी उठाना पड़ता है जो समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना चाहते हैं.

RPF रख रही लगातार नजर

रेलवे प्रशासन ने बताया है कि इन घटनाओं पर नजर रखने के लिए रेलवे सुरक्षा बल के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है. उद्देश्य यही है कि ईमानदारी से यात्रा कर रहे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा बनी रहे और अनावश्यक रूप से ट्रेनें बाधित न हों.

पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि अलार्म चेन का दुरुपयोग एक गंभीर अपराध है और इससे यात्रियों को भारी असुविधा होती है. उन्होंने कहा कि खासकर मालदा मंडल में इस तरह के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है. उनके अनुसार, यह प्रणाली केवल जीवन-घातक आपात स्थितियों के लिए बनाई गई है, लेकिन तुच्छ कारणों से इसके इस्तेमाल ने समयबद्धता के लक्ष्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है. उन्होंने लोगों से जिम्मेदारी दिखाने और ऐसी घटनाओं को रोकने में सहयोग करने की अपील की, ताकि किसी भी यात्री को दूसरों की शरारत की वजह से जीवन के महत्वपूर्ण मौके से वंचित न होना पड़े.

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. सरल भाषा और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पहचान मानी जाती है. डिजिटल पत्रकारिता में समाचार लेखन और कंटेंट प्रेजेंटेशन का अच्छा अनुभव है. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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