Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है. भाजपा नेता और डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से पूर्व उम्मीदवार रहे अभिजीत विश्वास उर्फ बॉबी की शिकायत पर तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी समेत 23 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन और उसकी बिक्री के जरिए करोड़ों रुपये का कारोबार किया गया.
163 बीघा जमीन से मिट्टी कटाई का आरोप
शिकायतकर्ता का दावा है कि यह गतिविधि कई वर्षों तक चलती रही और इससे सरकारी राजस्व के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा. आरोपों के अनुसार वर्ष 2017 से अलग-अलग चरणों में लगभग 163 बीघा भूमि से मिट्टी निकाली गई. शिकायत में इस पूरे कथित कारोबार का मूल्य 300 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है.
एफआईआर में 23 लोगों के नाम शामिल
इस मामले में अभिषेक बनर्जी के अलावा उनके सहयोगी सुमित राय और विष्णुपुर से तृणमूल कांग्रेस विधायक दिलीप मंडल का नाम भी एफआईआर में दर्ज किया गया है. दिलीप मंडल फिलहाल जेल में बंद हैं. शिकायत के अनुसार कुल 23 लोगों को इस प्रकरण में नामजद किया गया है.
2022-23 में सबसे अधिक सक्रिय रहने का दावा
भाजपा नेता अभिजीत विश्वास का आरोप है कि वर्ष 2022 और 2023 के दौरान कथित अवैध खनन और मिट्टी की ढुलाई सबसे अधिक हुई. उनका कहना है कि इसी अवधि में बड़े स्तर पर खुदाई कर मिट्टी का व्यावसायिक उपयोग किया गया, जिससे कई स्थानों की जमीन प्रभावित हुई.
सैटेलाइट तस्वीरों को बनाया आधार
शिकायत के समर्थन में अभिजीत विश्वास ने पुलिस को कुछ सैटेलाइट तस्वीरें भी सौंपी हैं. उनका दावा है कि इन तस्वीरों में उन क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है जहां कथित तौर पर बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली गई. शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे भूमि की प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंचा है.
पर्यावरणीय नुकसान का भी लगाया आरोप
शिकायत में कहा गया है कि अनियंत्रित मिट्टी कटाई से क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो सकता है. अभिजीत विश्वास का आरोप है कि यदि इस प्रकार की गतिविधियों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में स्थानीय लोगों को भूमि क्षरण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
जांच के दायरे में आया मामला
भाजपा नेता का यह भी कहना है कि उन्होंने पहले भी इस मुद्दे को विभिन्न स्तरों पर उठाया था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई. अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामला जांच एजेंसियों के पास पहुंच गया है. पुलिस उपलब्ध दस्तावेजों, साक्ष्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी. राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
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