Bengal Congress Protest:पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने विभिन्न जनसरोकार और राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर बुधवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन किया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ता कोलकाता के लोक भवन के सामने एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. इसके बाद कांग्रेस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात कर उन्हें विस्तृत ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी, नीट-यूजी 2026 पेपर लीक, अतिक्रमण विरोधी अभियान, कानून-व्यवस्था और ग्रेट निकोबार परियोजना जैसे कई मुद्दों को शामिल किया गया.
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस का विरोध
प्रदेश कांग्रेस ने राज्य में चल रही अतिक्रमण विरोधी मुहिम को लेकर सरकार को घेरा है. पार्टी का कहना है कि 9 मई 2026 को नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद कोलकाता तथा आसपास के शहरी क्षेत्रों और उपनगरीय रेलवे स्टेशनों के निकट रहने वाले छोटे दुकानदारों एवं फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई की गई. कांग्रेस का आरोप है कि प्रभावित लोगों को पहले से कोई पर्याप्त सूचना नहीं दी गई और न ही उनके पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की गई.
पार्टी नेताओं ने कहा कि वर्षों से छोटे स्तर पर कारोबार कर रहे लोगों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है. कांग्रेस ने इस पूरे मामले को आम लोगों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है.
अवैध निर्माण पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप
कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई मुख्य रूप से झुग्गियों, छोटे कारोबारियों और फेरीवालों तक ही सीमित क्यों दिखाई देती है. पार्टी का कहना है कि कोलकाता नगर निगम और रेलवे से जुड़ी जमीनों पर बसे गरीब लोगों के खिलाफ बुलडोजर चलाए जा रहे हैं, जबकि प्रभावशाली बिल्डरों और प्रमोटरों द्वारा किए गए कथित अवैध निर्माणों पर समान स्तर की कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही.
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि यदि कानून का पालन कराना उद्देश्य है तो कार्रवाई सभी पर एक समान होनी चाहिए.
महंगाई को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई को भी प्रमुख मुद्दा बनाया. पार्टी ने आरोप लगाया कि आम लोगों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. कांग्रेस के मुताबिक 7 मई 2026 से 7 जून 2026 के बीच कोलकाता में पेट्रोल की कीमत में 8.06 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 7.80 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई.
पार्टी नेताओं ने कहा कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन लागत बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों पर भी प्रभाव पड़ता है. कांग्रेस ने इसे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ बताया.
घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दाम भी बने मुद्दा
कांग्रेस ने रसोई गैस की बढ़ी कीमतों को भी लेकर सरकारों पर सवाल उठाए. पार्टी के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर 53 रुपये महंगा हुआ है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि बढ़ती ईंधन कीमतों से राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए. उनका कहना था कि इससे कीमतों में स्थिरता लाने में मदद मिल सकती है.
NEET-UG 2026 मामले को लेकर जताई नाराजगी
कांग्रेस ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा. पार्टी का कहना है कि इस प्रकरण ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों के बीच चिंता का माहौल पैदा किया है. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं और इस मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए.
पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार और जयंत चौधरी के इस्तीफे की मांग की. कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले में जिम्मेदार लोगों को जवाब देना चाहिए.
ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर उठाए पर्यावरणीय मुद्दे
ज्ञापन में कांग्रेस ने ग्रेट निकोबार द्वीप समूह में चल रही बड़ी अवसंरचना परियोजना का भी उल्लेख किया. पार्टी ने कहा कि इस परियोजना के कारण पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं.
कांग्रेस का आरोप है कि बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र प्रभावित होने की आशंका है. पार्टी ने यह भी कहा कि इस परियोजना से अदाणी समूह को लाभ मिलने वाला है. कांग्रेस ने इस पूरे मामले में पारदर्शिता और विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की.
कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार से सवाल
प्रदेश कांग्रेस ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की. पार्टी नेताओं का कहना है कि पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार से जुड़े मामलों की जांच होना अलग विषय है, लेकिन इसके साथ विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा या दबाव की घटनाएं नहीं होनी चाहिए.
कांग्रेस ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों को स्वतंत्र रूप से काम करने का अधिकार मिलना चाहिए और किसी भी प्रकार की राजनीतिक हिंसा स्वीकार्य नहीं हो सकती.
लोक भवन के बाहर हुआ प्रदर्शन
कोलकाता में लोक भवन के समक्ष हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी की. प्रदर्शन में महंगाई, ईंधन मूल्य वृद्धि, शिक्षा व्यवस्था, अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई और पर्यावरणीय विषयों को प्रमुखता से उठाया गया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से इन मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की.
आंदोलन को और व्यापक बनाने की चेतावनी
मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि यदि जनता से जुड़े मुद्दों पर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो पार्टी अपना आंदोलन और तेज करेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन सवालों को केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रखेगी.
उन्होंने चेतावनी दी कि जनविरोधी फैसलों को वापस नहीं लिया गया तो कोलकाता से लेकर दिल्ली तक जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा. कांग्रेस का कहना है कि जनता से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा और आने वाले समय में आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जा सकती है.
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