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खुले में पशु वध करने वालों की अब खैर नहीं, जेल भी जाना पड़ेगा; शुभेंदु अधिकारी सख्त

West Bengal Animal Slaughter Rules: पश्चिम बंगाल सरकार ने पशु वध को लेकर कड़े नियम लागू कर दिये हैं. अब बिना फिटनेस सर्टिफिकेट किसी भी पशु की कटाई नहीं की जा सकेगी. खुले स्थानों पर पशु वध करने वालों पर जेल और जुर्माने की कार्रवाई होगी.

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West Bengal Animal Slaughter Rules: पश्चिम बंगाल में पशु वध को लेकर नियम और अधिक कठोर कर दिये गये हैं. राज्य सरकार ने अवैध कटाई और खुले स्थानों पर होने वाले पशु वध पर रोक लगाने के लिए नया निर्देश जारी किया है. अब किसी भी पशु का वध तभी संभव होगा, जब उसके पास अधिकृत स्वास्थ्य प्रमाणपत्र मौजूद होगा. सरकार ने साफ कहा है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

खुले स्थानों पर पशु वध पूरी तरह प्रतिबंधित

नये आदेश के तहत सड़क, बाजार, सार्वजनिक जगह या खुले मैदान में पशुओं की कटाई पर पूरी तरह रोक लगा दी गयी है. प्रशासन का कहना है कि पशु वध केवल तय बूचड़खानों या प्रशासन द्वारा अधिकृत स्थानों पर ही किया जा सकेगा. यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थल पर पशु काटते पाया गया, तो उसके खिलाफ जुर्माना और जेल दोनों की कार्रवाई हो सकती है.

अब जरूरी होगा फिट-फॉर-स्लॉटर प्रमाणपत्र

सरकार ने स्पष्ट किया है कि गाय, बैल, बछड़ा, भैंस और उनके बच्चों का वध बिना “फिट-फॉर-स्लॉटर” प्रमाणपत्र के नहीं किया जा सकेगा. यह प्रमाणपत्र तभी जारी होगा, जब सरकारी पशु चिकित्सक यह पुष्टि करेगा कि संबंधित पशु वध के योग्य है. इसके बाद नगरपालिका अध्यक्ष या पंचायत प्रतिनिधि की संयुक्त मंजूरी जरूरी होगी.

नियम तोड़ने पर होगी गिरफ्तारी

प्रशासन ने इस मामले को गंभीर श्रेणी में रखा है. नये निर्देश के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर छह महीने तक की जेल और आर्थिक दंड लगाया जा सकता है. पुलिस को यह भी अधिकार दिया गया है कि ऐसे मामलों में बिना वारंट कार्रवाई की जाये.

14 साल से कम उम्र के पशुओं के वध पर रोक

राज्य सरकार ने पशुओं की उम्र को लेकर भी नया प्रावधान लागू किया है. अब 14 वर्ष से कम आयु वाले पशुओं के वध की अनुमति नहीं होगी. हालांकि यदि कोई पशु गंभीर बीमारी, असाध्य चोट या स्थायी विकलांगता से पीड़ित है, तो विशेष परिस्थिति में अनुमति दी जा सकती है. इसके लिए मेडिकल जांच अनिवार्य होगी.

अपील करने का भी रहेगा अधिकार

यदि किसी व्यक्ति का प्रमाणपत्र आवेदन खारिज किया जाता है, तो उसे अपील का अवसर मिलेगा. संबंधित व्यक्ति 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार के समक्ष पुनर्विचार याचिका दायर कर सकता है. प्रशासनिक अधिकारी पशु की स्थिति की दोबारा समीक्षा करने के बाद अंतिम निर्णय लेंगे.

पुलिस और प्रशासन को निगरानी बढ़ाने का निर्देश

कोलकाता पुलिस और अन्य जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को अपने-अपने इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिये गये हैं. अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य अवैध पशु तस्करी, गैरकानूनी वध और अमानवीय गतिविधियों पर रोक लगाना है. सरकार इसे कानून व्यवस्था और पशु संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मान रही है.

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. सरल भाषा और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पहचान मानी जाती है. डिजिटल पत्रकारिता में समाचार लेखन और कंटेंट प्रेजेंटेशन का अच्छा अनुभव है. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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