इस खबर में क्या है?
Kolkata News: तिलोत्तमा मामले में दो साल बाद अचानक हुई गिरफ्तारी ने पुराने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है. तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष को ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार किया गया है. उनके खिलाफ तिलोत्तमा के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने को लेकर नई शिकायत दर्ज हुई थी. शिकायत तिलोत्तमा के पिता ने की थी.
पुलिस अब निर्मल घोष को पुरी से बैरकपुर पुलिस आयुक्त कार्यालय ला रही है.
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9 अगस्त को जांच का आदेश, 10 को शिकायत और अब गिरफ्तारी
मामले में पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम पर नजर डालें तो 9 अगस्त को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तिलोत्तमा मामले की नए सिरे से जांच का आदेश दिया था. इसके अगले ही दिन यानी 10 अगस्त को तिलोत्तमा के पिता ने पुलिस को लिखित शिकायत दी.
शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की और गुरुवार को निर्मल घोष को पुरी से गिरफ्तार कर लिया. यानी मुख्यमंत्री के जांच आदेश के महज तीन दिन के भीतर पूर्व विधायक की गिरफ्तारी हो गई.
आखिर दो साल बाद निर्मल घोष पर क्यों हुई कार्रवाई?
नई शिकायत में तिलोत्तमा के अंतिम संस्कार को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आरोप है कि 9 अगस्त 2024 की रात जब तिलोत्तमा के शव को श्मशान घाट ले जाया गया था, तब उनका अंतिम संस्कार दूसरे शवों से पहले जल्दबाजी में करा दिया गया.
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उस समय निर्मल घोष पनिहाटी से विधायक थे. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तिलोत्तमा का अंतिम संस्कार उनके आदेश पर अन्य शवों से पहले कराया गया था.
सिर्फ पूर्व विधायक ही नहीं, दो और नाम भी
इस मामले में निर्मल घोष के अलावा दो अन्य लोगों के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई है. इनमें पूर्व पार्षद सोमनाथ डे और संजीव मुखर्जी शामिल हैं.
अब पुलिस नई शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है.
पुरी से गिरफ्तारी ने बढ़ाई मामले की चर्चा
निर्मल घोष को पश्चिम बंगाल से बाहर ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद उन्हें बैरकपुर पुलिस आयुक्त कार्यालय लाया जा रहा है.
तिलोत्तमा की मौत के करीब दो साल बाद सामने आई नई शिकायत और उसके तुरंत बाद हुई गिरफ्तारी ने मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है.
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