Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बार फिर दल-बदल की हलचल तेज हो गई है. चर्चित महिला नेता और आरजेडी की पूर्व प्रवक्ता रितु जायसवाल अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थामने जा रही हैं. जानकारी के अनुसार वह 26 मई को औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल होंगी. उनके इस फैसले को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर चुनावी माहौल के बीच.
आरजेडी में रही अहम जिम्मेदारियों पर सक्रिय भूमिका
रितु जायसवाल आरजेडी की उन नेताओं में शामिल थीं जो पार्टी का मुखर चेहरा मानी जाती थीं. टीवी डिबेट से लेकर राजनीतिक मंचों तक वह पार्टी का मजबूती से पक्ष रखती थीं. आरजेडी ने उन्हें महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी थी. इसके अलावा वह 2021 से 2023 तक पार्टी की आधिकारिक प्रवक्ता भी रहीं. उनकी पहचान एक तेज-तर्रार और आक्रामक वक्ता के रूप में बनी रही है.
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जेडीयू से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
रितु जायसवाल का राजनीतिक सफर जेडीयू से शुरू हुआ था, जहां उन्होंने शुरुआती राजनीतिक अनुभव हासिल किया. बाद में उन्होंने आरजेडी का दामन थामा और पार्टी में तेजी से अपनी पहचान बनाई. अब वह बीजेपी में शामिल होकर एक बार फिर अपनी राजनीतिक पारी में नया अध्याय जोड़ने जा रही हैं. इससे बिहार की सियासत में बदलते समीकरणों के संकेत मिल रहे हैं.
सामाजिक कार्यों और मुखिया के रूप में पहचान
हाजीपुर से ताल्लुक रखने वाली रितु जायसवाल का जन्म 1977 में हुआ था. राजनीति में आने से पहले वह सामाजिक कार्यों से जुड़ी रहीं. उन्हें सबसे ज्यादा पहचान सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड की सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया के रूप में मिली. 2016 में मुखिया बनने के बाद उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और पंचायत विकास से जुड़े कई कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया, जिसकी सराहना राज्य स्तर पर भी हुई.
चुनावी हार और पार्टी से दूरी की वजह
रितु जायसवाल ने 2020 में आरजेडी के टिकट पर परिहार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद 2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें शिवहर सीट से उम्मीदवार बनाया गया, जहां भी वे जीत नहीं सकीं. लगातार दो चुनावों में हार के बाद 2025 में उन्हें पार्टी टिकट नहीं दिया गया, जिससे असंतोष की स्थिति बनी. इसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा, जिसमें वह दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि बीजेपी उम्मीदवार ने जीत दर्ज की. बाद में पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के चलते उन्हें आरजेडी से बाहर कर दिया गया.
बीजेपी की रणनीति और जातीय समीकरण
राजनीतिक जानकारों के अनुसार रितु जायसवाल वैश्य समाज से आती हैं, जो बिहार के ओबीसी वर्ग में प्रभावशाली माना जाता है. बीजेपी पिछले कुछ वर्षों से इस सामाजिक वर्ग को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है. ऐसे में रितु जायसवाल का बीजेपी में शामिल होना पार्टी के लिए मिथिलांचल और उत्तर बिहार में राजनीतिक समीकरणों को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है.
खेसारी लाल यादव की मुलाकात से बढ़ी चर्चा
इसी बीच शनिवार को भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव की बीजेपी नेताओं, जिनमें नितिन नबीन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हैं, से मुलाकात के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि खेसारी लाल यादव ने स्पष्ट किया कि वह राजनीति में शामिल नहीं हो रहे हैं और केवल कलाकार के रूप में ही काम करना चाहते हैं.
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